जेल की मुश्किल परिस्थितियों में भगवद् गीता से मिली खुद को संभालने की शक्ति, लोगों को माफ करने का साहस

  • Goldman Sachs के पूर्व डायरेक्टर रजत गुप्ता को इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप में दो साल की जेल हुई थी।
  • जेल के शुरुआती दिनों में भगवत गीता पढ़ने से उन्हें मुश्किल परिस्थितियों से जूझने में मदद मिली।
  • उन्होंने कहा, गीता में दिए जीवन मूल्यों के दम पर मैं जेल के कठिन दिनों को झेल पाया।

Money Bhaskar

Apr 17,2019 12:04:00 AM IST

नई दिल्ली

गोल्डमैन साक्स (Goldman Sachs) के पूर्व डायरेक्टर भारतवंशी रजत गुप्ता को इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप में 2012 में दो साल की जेल हुई थी। उन्होंने 19 महीने जेल की सजा काटी। जेल में पहले आठ सप्ताह तक उन्हें बिल्कुल अकेले रखा गया था। गुप्ता ने इस पूरे मामले पर अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए माइंड विदाउट फियर नाम की किताब लिखी है। इसमें उन्होंने लिखा है कि जेल के शुरुआती दिनों में उन्होंने कई बार भगवत गीता पढ़ी। इससे उन्हें मुश्किल परिस्थितियों से जूझने में मदद मिली।

गोपनीय सूचनाएं विरोधियों को देने का लगा था आरोप

रजत गुप्ता पर आरोप लगा था कि उन्होंने एक हेज फंड के मैनेजर और गैलियन ग्रुप के फाउंडर राज राजारत्नम को गोल्डमैन साक्स के बारे में गोपनीय सूचनाएं पहुंचाई थी। कोर्ट में यह आरोप सही साबित हुआ और गुप्ता को दो साल की सजा मिली। वहीं, राजारत्नम को 11 साल की सजा सुनाई गई। हालांकि, गुप्ता तब भी आरोपों को गलत ठहराते रहे और अब भी उनका यही कहना है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया था।

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