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रूस संग रक्षा समझौते से नाराज ट्रंप ने चला दांव, खतरे में पड़ी भारतीयों की नौकरी

कुछ दिनों पहले ही दी थी अंजाम भुगतने की धमकी

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नई दिल्ली. भारत ने रूस से हाल ही में मिसाइल डिफेंस सिस्टम S-400 की खरीददारी का समझौता किया था। इसे लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी नाराजगी का इजहार किया था और भारत को अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। अब ट्रंप प्रशासन जनवरी 2019 से एच1 बी वीजा नियमों को कठोर बनाने का प्रस्ताव पेश करने जा रहा है। जिसे उनकी धमकी से जोड़कर देखा जा रहा है।

 

H-1 B वीजा रखने वाले चार में से तीन भारतीय   

दरअसल एच1 बी वीजा का सबसे ज्यादा उपयोग भारतीय आईटी पेशेवर करते हैं। इसलिए ट्रंप ने भारत के खिलाफ इस तरह का दांव चला है। इससे कई भारतीयों की नौकरियां खतरे में पड़ जाएंगी। USCIS की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में एच1 बी वीजा रखने वाले हर चार में से तीन लोग भारतीय हैं।

 

खतरे में पड़ी नौकरी 

अमेरिका की ओर से 5 अक्टूबर 2018 तक 4.19 लाख विदेशियों को एच1 बी वीजा जारी किए गए। इसमें से 3.09 लाख भारतीय थे। इसमे से ज्यादातर आईटी पेशेवर हैं। माना जा रहा है कि इस प्रस्ताव का सबसे ज्यादा असर भारतीय आईटी पेशेवरों पर पड़ेगा।

 

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परिवार साथ रखने पर लग सकती है रोक 

एच1 बी वीजा धारक अपने साथ परिवार नहीं रख सकेंगे, क्योंकि एच-4 वीजा में पत्नी और 21 साल से छोटे बच्चों को साथ रखने की इजाजत दी जाती है। जिसे अब ट्रंप सरकार हटाना चाहती है। अगर ऐसा होता है, तो आईटी पेशेवरों को अपने परिवार भारत में छोड़ना होगा। इससे करीब 70 हजार वीजा धारकों पर असर पड़ेगा।  

 

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वीजा के लिए नहीं किया जा सकेगा आवेदन

यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने इसी बीच एक और प्रस्ताव दिया है। इसके मंजूर होने पर एच1 बी वीजा के लिए आवेदन ही नहीं किया जा सकेगा। हालांकि यह इतना आसान नहीं होगा क्योंकि अमेरिका के मिडियम और स्मॉल साइज की आईटी कंपनियों को हर साल करीब टेक्निकल एक्सपर्ट की जरूरत होती है। जिसे भारत और चीन जैसे देशों के आईटी पेशेवर पूरा करते हैं। 

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