विज्ञापन
Home » Economy » Foreign TradeAmerica likely to renew waivers to countries importing Iranian oil including India

भारत को फिर बड़ा तोहफा देने की तैयारी में अमेरिका, मिल सकती है ईरान से तेल आयात की मंजूरी

आठ देशों को छोड़कर अन्य देशों पर लगा है प्रतिबंध

1 of

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच दोस्ती का फायदा भारत को एक बार फिर होने जा रहा है। अमेरिकी विश्लेषकों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत समेत आठ देशों को एक बार फिर ईरान से कच्चे तेल का आयात करने की छूट दे सकते हैं। फिलहाल इन आठ देशों को मई तक ईरान से कच्चा तेल खरीदने की अनुमति मिली हुई है। 

ये भी पढ़ें--

पाकिस्तान दिवालिया होने की कगार पर, खुद वित्त मंत्री ने किया खुलासा

नवंबर में मिली थी तेल आयात की छूट
ईरान से बिगड़ते संबंधों के बीच पिछले साल अमेरिका ने यहां से कच्चे तेल के आयात पर रोक लगा दी थी। जरूरतों को देखते नवंबर में अमेरिका ने भारत, चीन, तुर्की, दक्षिण कोरिया और जापान समेत आठ देशों को ईरान से कच्चा तेल आयात करने की छूट दे दी थी। यह छूट 2 मई तक लागू रहेगी। विश्लेषकों के अनुसार, कई बार बातचीत के बाद भी अमेरिका ईरान के तेल निर्यात को शून्य करने में कामयाब नहीं हो पाया है। ऐसे में अमेरिका ईरान से तेल निर्यात में कमी लाने के लिए इन देशों को सशर्त छूट दे सकता है।  आपको बता दें कि ईरान तेल उत्पादक देशों ओपेक का चौथा सबसे बड़ा तेल उत्पादक देश है।

ये भी पढ़ें--

Apple ने 22 फीसदी तक घटाए अपने इस फोन के दाम, सीमित समय के लिए है ऑफर
 

ईरानी तेल की कमी को झेल नहीं सकता तेल बाजार


अमेरिकी विश्लेषक हेनरी रोम ने एक नोट में लिखा है कि वेनेजुएला में ओपेक प्लस देशों की ओर से तेल उत्पादन में कटौती और अमेरिका में घरेलू गैसोलीन की कीमतों को देखते हुए तेल बाजार ईरान से रोजाना निर्यात किए जाने वाले 1.3 मिलियन बैरल क्रूड के नुकसान को झेल नहीं सकता है। नोट में कहा गया है कि यदि इन देशों को तेल आयात की छूट आगे भी जारी रहती है तो इन पर खरीद कम करने पर ध्यान देने के लिए कहा जा सकता है। 

छूट नहीं मिली तो बढ़ सकती है कच्चे तेल की कीमत


विश्लेषकों का कहना है कि तेल बाजार में अभी काफी संभावनाएं बनी हुई हैं। ऐसे में अमेरिका तेल बाजार और भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को देखते हुए सभी छूटों को रद्द नहीं करेगी। यदि अमेरिका सभी छूटों को रद्द करता है तो तेल बाजार में संकट छा सकता है और कच्चे तेल की कीमतों में 5 से 10 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी हो सकती है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि छूट का नवीनीकरण नहीं किया जाता है तो तेल बाजार तुरंत परेशानी में आ जाएगा। इससे कंपनियों, बैंकों और आम आदमी पर भी असर पड़ेगा। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन