पुलवामा के बाद भी पाक पर अमेरिका मेहरबान, भारत से छीना (GSP) कर मुक्त व्यापार का दर्जा 

आंतकवाद और पुलवामा जैसे हमलों के बाद भी अमेरिका पाकिस्तान पर मेहरबान है। अमेरिका ने पाकिस्तान को कर मुक्त व्यापार का दर्जा देने वाले सिस्टम 
जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंसेज (GSP)में रखा हुआ है। जबकि अमेजन, गूगल, उबर, फेसबुक के जरिए भारत में अरबों डालर की कमाई कर रहे अमेरिका ने उसे ही जीएसपी से बाहर करने का नोटिस जारी कर दिया है। 

money bhaskar

Mar 08,2019 11:51:00 AM IST

नई दिल्ली.
आंतकवाद और पुलवामा जैसे हमलों के बाद भी अमेरिका पाकिस्तान पर मेहरबान है। अमेरिका ने पाकिस्तान को कर मुक्त व्यापार का दर्जा देने वाले सिस्टम जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंसेज (GSP)में रखा हुआ है। जबकि अमेजन, गूगल, उबर, फेसबुक के जरिए भारत में अरबों डालर की कमाई कर रहे अमेरिका ने उसे ही जीएसपी से बाहर करने का नोटिस जारी कर दिया है।

अमेरिका के ऑफिस ऑफ दि यूनाईटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रजेंटेटिव ने करीब 103 देशों को जीएसपी की सूची में रखा है। अभी इसमें भारत व पाकिस्तान दोनों शामिल है। लेकिन हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने भारत पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि अमेरिका से जाने वाले हार्ले डेविडसन की बाइक पर इंडिया दोगुना आयात शुल्क वसूलता है। ऐसे में भारत को भी जीएसपी के तहत छूट क्यों दी जाए। इसके बाद अमेरिका ने ट्रेड वार शुरू कर दिया और भारत को जीएसपी से बाहर करने के लिए 60 दिन का नोटिस जारी कर दिया।

पाकिस्तान को फायदा, भारत में जाएंगी नौकरियां

जीएसपी खत्म होने से भारत में हस्तशिल्प, हैंडलूम, फेब्रिकेशन, ऑटो टूल्स जैसे छोटे व मध्यम ( MSME) वाले उद्योगों को झटका लगेगा। इसका सीधा फायदा पाकिस्तान को होगा। पाकिस्तान भी हस्तशिल्प, हैंडलूम, फेब्रिकेशन, ऑटो टूल्स आदि का निर्यात अमेरिका को करता है। लिहाजा, पाकिस्तान के सामान शुल्क मुक्त होने से सस्ते होंगे और इसी वजह से उनका निर्यात और बढ़ जाएगा। इसके उलट भारत के उद्योग छूट के अभाव में सामानों की कीमत कम नहीं कर पाएंगे। इससे बड़ी संख्या में मझौले आकार वाले उद्योगों पर संकट आ जाएगा और नौकरियां भी कम हो जाएंगी।


अमेरिकी मांग धार्मिक भावनाओं के खिलाफ


केंद्र सरकार के प्रेस इंफार्मेशन ऑफ ब्यूरो द्वारा जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक अमेरिका जीएसपी जारी रखने के एवज में डेयरी, मेडिकल उपकरण, टेलीकॉम आदि में छूट चाहता है। दिक्कत यह है कि डेयरी प्रोडक्ट्स में अमेरिका ऐसे पशुओं के उत्पाद काे निर्यात करना चाहता है जिन्हें कि दूसरे पशुओं की चीजें आहार में दी जाती है। यह भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक भावनाओं के खिलाफ होगा।


GSP बंद होने से यह नुकसान

GSP यानी जनरलाइज्ड सिस्टम ऑफ प्रेफरेंसेज। अमेरिका ने GSP की शुरुआत 1976 में विकासशील में आर्थिक वृद्धि बढ़ाने के लिए की थी। इसके तहत चुनिंदा गुड्स के ड्यूटी-फ्री या मामूली
टैरिफ पर इम्पोर्ट की अनुमति दी जाती है। अभी तक लगभग 103 देशों को करीब 4,800 गुड्स के लिए GSP के तहत फायदा मिला है। GSP के तहत केमिकल्स और इंजिनियरिंग जैसे सेक्टरों के करीब 1900 भारतीय प्रॉडक्ट्स को अमेरिकी बाजार में ड्यूटी फ्री पहुंच हासिल है। इसमें 1 से 6 प्रतिशत आयात शुल्क की छूट भारत को मिल जाती है। भारत ने 2017-18 में अमेरिका को 48 अरब डॉलर (3,39,811 करोड़ रुपये) मूल्य के उत्पादों का निर्यात किया था। इनमें से सिर्फ 5.6 अरब डॉलर यानी करीब 39,645 करोड़ रुपये का निर्यात GSP रूट के जरिए हुआ। इससे भारत को सालाना 19 करोड़ डॉलर (करीब 1,345 करोड़ रुपये) का ड्यूटी बेनिफिट मिलता है। इसके तहत मुख्य तौर पर ऐनिमल हस्बैंड्री, मीट, मछली और हस्तशिल्प जैसे कृषि उत्पादों को शामिल किया गया है।

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