सुविधा /दिल्ली मेट्रो ने की युलु बाइसिकिल की शुरुआत, सिर्फ 10 रुपए है शुरुआती चार्ज

  • शुरुआत में यात्रियों के लिए 300 साइकिलों की व्यवस्था की गई है
  • यह सेवा बेंगलुरु, पुणे, भुवनेश्वर और ग्रेटर मुंबई में पहले से ही जारी है

Moneybhaskar.com

Sep 02,2019 06:52:00 PM IST

नई दिल्ली. दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) ने अपने यात्रियों को स्टेशनों से कुछ किलोमीटर की दूरी तक जाने की सुविधा प्रदान करते हुए सस्ती दरों पर इलेक्ट्रिक बाइसिकिल की सौगात दी है और इसके लिए सर्विस प्रदाता कंपनी युलु के साथ एक समझौता किया है। शुरुआत में यात्रियों के लिए 300 साइकिलों की व्यवस्था की गई है।

स्टेशन के बाहर भी ले जा सकेंगे साइकिल

डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ मंगू सिंह ने सोमवार को मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन पर इस सुविधा की शुरुआत करते हुए पत्रकारों से कहा कि अभी सेंट्रल दिल्ली के सात मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों को यह सुविधा मिलेगी और कोई भी यात्री स्टेशन पर बाहर से इन बाइसिकिल को ले सकता है। उन्होंने बताया कि दिल्ली मेट्रो राजधानी के नागरिकों को एक सस्ती और सुलभ सेवा प्रदान कर विभिन्न हिस्सों को जाेड़ रही है और इस समय दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मेट्रो लोगों की पहली पसंद बन गया है। अब जनता बाईक भागीदारी (पीबीएस) की शुरूआत युलु के साथ की गई है जो मेट्रो रेल यात्रियों को उनके अंतिम गंतव्य तक पहुंचाने में मदद करेगा।

कोई भी व्यक्ति कर सकता है इस्तेमाल

युलु बाइक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित गुप्ता ने बताया कि विश्व में राजधानी दिल्ली प्रदूषित शहरों में शामिल हो गई है और इस दिशा में उनकी कंपनी ने प्रदूषण रहित इलेक्ट्रिक बाइसिकिल की सुविधा दी है जिनका उपयोग मेट्रो रेल यात्री अपने गंतव्य स्थान पर जाने में कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह एक ऐप बेस्ड सुविधा है और मोबाइल फाेन में युलु ऐप डाउनलोड करना पड़ेगा। यात्री मेट्रो स्टेशन के बाहर इन्हे ले सकता है। कोई भी यात्री इनका उपयोग कर सकता है।

इतनी देनी होगी फीस

इसकी सुरक्षा डिपॉजिट राशि 250 रुपए है जो कि रिफंडेबल है। 10 रुपए इस बाइसिकिल को अनलॉक करने की फीस है तथा अगले दस मिनट के 10 रुपए देने होंगे। उदाहरण के लिए अगर कोई यात्री तीन किलोमीटर के लिए इसका उपयोग करता है तो उसे 40 रुपए देने होंगे। इस पर मात्र एक व्यक्ति ही बैठ सकता है। उपयोग करने के बाद इस बाइसिकिल को स्टेशन पर बनाए गए विशेष क्षेत्र में ही खड़ा करना होगा।

चार शहरों में पहले से मौजूद है यह सेवा

अमित गुप्ता ने बताया कि यह जीपीएस प्रणाली युक्त है और इसका पूरा रिकार्ड कंट्रोल रूम से रखा जाता है तथा जो व्यक्ति इसे लेकर जाता है उसकी लोकेशन आसानी से पता लगाई जा सकती है। यह सेवा बेंगलुरु, पुणे, भुवनेश्वर और ग्रेटर मुंबई में पहले से ही जारी है। उन्होंने बताया कि दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अगले वर्ष के शुरू में इनकी संख्या 25 हजार करने का लक्ष्य रखा गया है।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.