राहत /पाकिस्तान ने खोला एयरस्पेस, घटेगा फ्लाइट्स का किराया और यात्रा का समय

  • दिल्ली से पश्चिमी देशों तरफ जाने वाली फ्लाइट्स का ट्रैवल टाइम चार घंटे तक कम होगा।
  • यात्रियों को अभी के मुकाबले सस्ते दामों पर टिकट मिलेगी।
  • एयर स्पेस बंद होने से एयर इंडिया को हुआ 430 करोड़ रुपए का नुकसान।

Moneybhaskar.com

Jul 17,2019 03:50:00 PM IST

नई दिल्ली. पड़ोसी देश पाकिस्तान ने आखिरकार लगभग 140 दिनों बाद अपना एयर स्पेस भारतीय विमानों के लिए खोल दिया है। इससे भारतीय यात्रियों को काफी राहत मिलेगी क्योंकि न सिर्फ पश्चिमी देशों की तरफ जाने वाली फ्लाइट्स के ट्रैवल टाइम में कटौती होगी, बल्कि यात्रियों को अभी के मुकाबले सस्ते दामों पर टिकट मिलेगी। सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा देश की सरकारी एयरलाइंस एयर इंडिया को, जो अमेरिका तक नॉन-स्टॉप फ्लाइट्स को फिर से शुरू कर सकेगा।

4 घंटे तक बढ़ गया था ट्रैवल टाइम

बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने 27 फरवरी से 15 जुलाई के बीच 138 दिनों के लिए अपना एयर स्पेस बंद कर दिया था। इसके चलते अमेरिका जाने वाली एयर इंडिया की फ्लाइट्स का ट्रैवल टाइम 90 मिनट बढ़ गया था। इन फ्लाइट्स को ईंधन भरवाने और क्रू बदलने के लिए यूरोप में रुकना पड़ता था। इसके चलते भारत से अमेरिका जाने का ट्रैवल टाइम 4 घंटे तक बढ़ गया था। जबकि भारत से यूरोप जाने का ट्रैवल टाइम तकरीबन 1 घंटा बढ़ गया था।

एयर इंडिया को हुआ 430 करोड़ रुपए का नुकसान

नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि पाकिस्तान द्वारा अपना वायु क्षेत्र बंद करने से 430 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्पाइसजेट को 30.7 करोड़ रुपए, इंडिगो को 25.1 करोड़ रुपए और गो-एयर 2.1 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

अब हर उड़ान पर होगी बचत

एयर इंडिया ने एक बयान जारी करके बताया कि, पाकिस्तानी एयर स्पेस खुल जाने से ज्यादा विमानों का इस्तेमाल बढ़ेगा जबकि क्रू की जरूरत 25 फीसदी तक कम होगी। अमेरिका जाने वाली फ्लाइट्स का एक तरफ का ऑपरेटिंग कॉस्ट 20 लाख रुपए तक कम होगा और यूरोप जाने वाली फ्लाइट्स का ऑपरेटिंग कॉस्ट 5 लाख रुपए तक कम होगा।

इस वित्त वर्ष में मुनाफा कमा सकती है एयर इंडिया

हरदीप पुरी ने कहा कि वर्ष 2018-19 में एयर इंडिया को 7000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है लेकिन उन्होंने कहा कि मौजूदा वित्त वर्ष में इसके मुनाफा कमाने की संभावना है। सरकार इस कंपनी के लिए एक वैकल्पिक मैकेनिज्म पर विचार कर रही है जो इसके निजीकरण के बारे में निर्णय लेगा। सरकार कंपनी की कार्य प्रणाली की दक्षता बढाने पर भी काम कर रही है।


निजीकरण से नौकरी पर नहीं होगा खतरा

उन्होंने कहा कि एयर इंडिया में अभी 1677 पायलट हैं जिनमें से 1108 स्थायी और 569 संविदा पर हैं। उन्होंने कहा कि एयर इंडिया में पायलटों की कमी नहीं है। पायलटों की नियुक्ति निरंतर प्रक्रिया है और कंपनी ने 270 सह पायलटों की नियुक्ति के लिए वर्ष 2017 में विज्ञापन प्रकाशित किया था। गत जून में भी 132 पायलटों की नियुक्ति का विज्ञापन दिया गया है। उन्होंने कहा कि एयर इंडिया के निजीकरण की स्थिति में पायलटों की नौकरी पर कोई खतरा नहीं होगा।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.