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Post Office / देश की सबसे बड़ी IT सर्विस कंपनी संवारेगी देश के 1.50 लाख से ज्यादा पोस्ट ऑफिस, मिलेगी फास्ट सर्विस और भी कई सुविधाएं

तकनीक में पिछड़ने की वजह से वित्त वर्ष 2019 में इंडिया पोस्ट को 15 हजार करोड़ रुपए का घाटा हुआ

TCS signs a deal with India Post to transform mail delivery system
  • इस पार्टनरशिप के तहत TCS कई लई सेवाएं लॉन्च करेगा जिससे इंडिया पोस्ट का रिवेन्यु बढ़ सके।

नई दिल्ली.

देश की सबसे बड़ी IT सर्विस कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) ने देश के पोस्टल विभाग को मॉर्डन बनाने के लिए India Post से पार्टनरशिप की है। इस पार्टनरशिप के तहत TCS मेल और पैकेज की डिलिवरी को मॉडर्नाइज करेगा, पोस्टल विभाग को मल्टी सर्विस डिजिटल हब बनाएगा और ऐसी कई लई सेवाएं लॉन्च करेगा जिससे इंडिया पोस्ट का रिवेन्यु बढ़ सके। दरअसल, सरकार के स्वामित्व वाला इंडिया पोस्ट बड़े घाटे में चल रहा है। वित्त वर्ष 2019 में इंडिया पोस्ट को 15 हजार करोड़ रुपए का घाटा हुआ।

 

ऐसे बदलेगी इंडिया पोस्ट की सूरत

पोस्टल विभाग को बेहतर बनाने में TCS के बनाए Core System Integration (CSI) प्रोग्राम का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए 2013 में ही Department of Posts ने कई वर्षों के लिए TCS को 1,100 करोड़ रुपए का कॉन्ट्रैक्ट दिया था। इसके तहत इंडिया पोस्ट के 1,50,000 से भी ज्यादा पोस्ट ऑफिस इस सिस्टम से जुड़ेंगे और इसके जरिए मेल ऑपरेशंस, फाइनेंस और अकाउंटथ्ंग और HR से जुड़े सभी काम हो सकेंगे। यह सॉल्यूशन 5 लाख कर्मचारियों की HR जरूरतों को पूरा करेगा, एक ही समय पर 40 हजार यूजर्स की रिक्वेस्ट हैंडल करेगा और एक ही दिन में 30 लाख से भी ज्यादा पोस्टल ट्रांजैक्शन प्रोसेस कर सकेगा।

 

India Post को वित्तीय संकट से बाहर निकलने की हो रही कोशिश

वित्त वर्ष 2019 में इंडिया पोस्ट (India Post) ने घाटे के मामले में अन्य सरकारी उपक्रमों बीएसएनएल (BSNL) और एअर इंडिया (Air India) को भी पीछे छोड़ दिया है। फिलहाल कंपनी वित्तीय संकट से बाहर निकलने के लिए लगातार कोशिश कर रही है, लेकिन प्रोडक्ट कॉस्ट और पारंपरिक मेलिंग सर्विसेस में उपलब्ध सस्ते विकल्पों के बीच असमानता के कारण इसमें नाकाम हो रही है। इंडिया पोस्ट (India Post) से अपनी 4.33 लाख इम्प्लाइज की वर्कफोर्स और 1.56 लाख पोस्ट ऑफिसेस के नेटवर्क के दम पर ई-कॉमर्स और अन्य वैल्यू एडेड सर्विसेस में संभावनाएं खंगालने के लिए कहा जा सकता है।

 

यूनिवर्सल सर्विसेस के चलते हो रहा घाटा

इंडिया पोस्ट के एक अधिकारी ने कहा, ‘पोस्टल सर्विस जैसी यूनिवर्सल सर्विसेस के चलते घाटा होगा, क्योंकि सभी कमर्शियल बैंकों की कुल बैंक शाखाओं की तुलना में पोस्ट ऑफिस की संख्या ज्यादा है।’ इंडिया पोस्ट अपने हर पोस्ट कार्ड पर 12.15 रुपए खर्च करता है, लेकिन उसे सिर्फ 50 पैसे यानी लागत का 4 फीसदी ही मिलता है। उसकी पार्सल सर्विस, बुक पोस्ट, स्पीड पोस्ट और रजिस्ट्री के साथ भी ऐसा ही होता है।

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