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पहली बार /सीतारमण ने की 105 लाख करोड़ की नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन की घोषणा

  • इन परियोजनाओं को अगले पांच साल में पूरा किया जाएगा
  • केंद्र व राज्य सरकारों ने पिछले छह साल में इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 51 लाख करोड़ खर्च किए हैं

Moneybhaskar.com

Dec 31,2019 04:22:58 PM IST

नई दिल्ली. इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर खर्च बढ़ाने की मुहिम के तहत वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को देश में पहली बार एक नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन (एनआईपी) की घोषणा की। इसके तहत अगले पांच साल में 105 लाख करोड़ रुपए की इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के अलावा केंद्र व राज्य सरकारों ने पिछले छह साल में इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर 51 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं। मंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं में निवेश से 2025 में भारत पांचा लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकती है।

एनआईपी में अभी 102 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएं हुई हैं लिस्ट

सीतारमण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए गए भाषण में इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर पर 100 लाख करोड़ रुपए खर्च करने की बात कही थी। इसके बाद एक टास्क फोर्स गठित किया गया था, जिसने पक्षकारों के साथ 70 बैठकें कर 102 लाख करोड़ रुपए की इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की पहचान की है। यह काम चार महीने में पूरा कर लिया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि कुछ ही सप्ताह में इस पाइपलाइन में और तीन लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएं जुड़ जाएंगी। इससे यह एनआईपी 105 लाख करोड़ रुपए का हो जाएगा।

एनपीआई में निजी क्षेत्र की 22 फीसदी हिस्सेदारी

सीतारमण ने कहा कि एनआईपी में केंद्र सरकार की परियोजनाओं की हिस्सेदारी 39 फीसदी है। इसमें राज्यों की परियोजनाओं की हिस्सेदारी भी 39 फीसदी है। निजी क्षेत्र की परियोजनाओं की हिस्सेदारी इसमें 22 फीसदी है। निजी क्षेत्र की परियोजनाओं की हिस्सेदारी को 2025 तक बढ़ाकर 30 फीसदी तक करने की योजना है।

पाइपलाइन में बिजली, रेलवे, शहरी सिंचाई जैसी परियोजनाएं हैं

सीतारमण ने कहा कि जो परियोजनाएं पहचानी गई हैं उनमें बिजली, रेलवे, शहरी सिंचाई, मोबिलिटी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेक्टरों की परियोजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पाइपलाइन में ऊर्जा क्षेत्र की करीब 25 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएं हैं। सड़क क्षेत्र की 20 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएं हैं। इसके अलावा रेलवे की करीब 14 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएं हैं। बिजली परियोजनाओं में नवीकरणीय ऊर्जा और रेलवे की परियोजनाएं हैं। पाइपलाइन मं जल और डिजिटल परियोजनाएं भी हैं। पाइपलाइन के तहत अधिकतर निवेश इन्हें क्षेत्रों पर होगा।

साल में एक बार ग्लोबल इन्वेस्टमेंट मीट आयोजित होगा

वित्त मंत्री ने एक सालाना ग्लोबल इन्वेस्टमेंट सम्मेलन शुरू करने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसका पहला सम्मेलन 2020 की दूसरी छमाही में होगा। इसमें केंद्र व राज्य सरकारों को इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश जुटाने में मदद मिलेगी।

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