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रेलवे भी अपनाएगा ‘पीयूष मॉडल’, लागत घटाने के लि‍ए करेगा बल्‍क में खरीददारी

रेलवे भी अपनाएगा ‘पीयूष मॉडल’, लागत घटाने के लि‍ए करेगा बल्क में खरीददारी (फाइल) रेलवे भी अपनाएगा ‘पीयूष मॉडल’, लागत घटाने के लि‍ए करेगा बल्क में खरीददारी (फाइल)
रेलवे भी अपनाएगा ‘पीयूष मॉडल’, लागत घटाने के लि‍ए करेगा बल्क में खरीददारी (फाइल) रेलवे भी अपनाएगा ‘पीयूष मॉडल’, लागत घटाने के लि‍ए करेगा बल्क में खरीददारी (फाइल)

पावर मिनिस्‍ट्री की तरह अब रेलवे भी बल्‍क परचेज मॉडल पर फोकस करेगा। लागत घटाने के लिए रेल मिनिस्‍टर पीयूष गोयल ने रेलवे बोर्ड को बल्‍क परचेज मॉडल पर काम करने को कहा है। इसके चलते रेलवे जल्‍द ही सीसीटीवी, एस्‍कलेटर और फॉग लाइट के लिए बल्‍क परचेज टेंडर जारी करेगा। रेलवे को उम्‍मीद है कि जिस तरह पावर सेक्‍टर में बल्‍क में खरीदे गए एलईडी बल्‍ब की कीमत 350 रुपए से घटकर 40 रुपए तक पहुंच चुकी है, उसी तरह रेलवे द्वारा भी बल्‍क में की जाने वाली खरीददारी से कीमतें काफी कम हो जाएंगी और रेलवे को बड़ा फायदा मिलेगा। एलईडी मॉडल से लि‍या सबक दरअसल, पीयूष गोयल जब पावर मिनिस्‍टर थे तो उन्‍होंने ‘उजाला’ नाम से एक स्‍कीम शुरू की थी। जिसका मकसद लोगों को सस्‍ती दरों में एलईडी बल्‍ब उपलब्‍ध कराना था, ताकि बिजली की खपत कम हो। इसके लिए पावर मिनिस्‍ट्री के अधीन काम कर रही कंपनी ईईएसएल को एलईडी बल्ब की बल्‍क खरीददारी करने को कहा गया। बल्‍क में की गई खरीददारी के कारण तेजी से एलईडी बल्‍ब की कीमतें कम होने लगीं। जो बल्ब पहले 350 रुपए की कीमत में मिलता था, वह 40 रुपए में मिलने लगा। इससे उत्‍साहित ईईएसएल ने पंखों, एसी और ट्यूबलाइट की भी बल्‍क में खरीददारी शुरू कर दी। इसका असर भी कीमतों पर पड़ा। क्‍यों लिया यह फैसला ? गोयल ने बुधवार को प्रगति मैदान में आयोजित एक कॉफ्रेंस में बताया कि पिछले दिनों मुंबई में फुटओवर ब्रिज पर हुए एक्‍सीडेंट के बाद बुलाई बैठक में जब उन्‍होंने पूछा कि फुटओवर ब्रिज पर एस्‍कलेटर क्‍यों नहीं लगाये जाते तो उन्‍होंने बताया गया कि रेलवे को 2500 से 3000 एक्‍सलेटर की जरूरत पड़ेगी और एक एस्‍कलेटर की कीमत लगभग एक करोड़ रुपए है। तब उन्‍होंने सोचा, क्‍यों न बल्‍क में एस्‍कलेटर खरीदे जाएं, जि‍ससे एस्‍कलेटर की कॉस्टिंग कम हो जाएगी और इंडस्‍ट्री को फायदा होगा। इसके बाद उन्‍होंने रेलवे बोर्ड से कहा है कि वे रेलवे में बल्‍क खरीददारी पॉलिसी पर काम करे।

Money Bhaskar

Oct 12,2017 08:04:00 AM IST
नई दिल्‍ली। पावर मिनिस्‍ट्री की तरह अब रेलवे भी बल्‍क परचेज मॉडल पर फोकस करेगा। लागत घटाने के लिए रेल मिनिस्‍टर पीयूष गोयल ने रेलवे बोर्ड को बल्‍क परचेज मॉडल पर काम करने को कहा है। इसके चलते रेलवे जल्‍द ही सीसीटीवी, एस्‍कलेटर और फॉग लाइट के लिए बल्‍क परचेज टेंडर जारी करेगा। रेलवे को उम्‍मीद है कि जिस तरह पावर सेक्‍टर में बल्‍क में खरीदे गए एलईडी बल्‍ब की कीमत 350 रुपए से घटकर 40 रुपए तक पहुंच चुकी है, उसी तरह रेलवे द्वारा भी बल्‍क में की जाने वाली खरीददारी से कीमतें काफी कम हो जाएंगी और रेलवे को बड़ा फायदा मिलेगा।
एलईडी मॉडल से लि‍या सबक
दरअसल, पीयूष गोयल जब पावर मिनिस्‍टर थे तो उन्‍होंने ‘उजाला’ नाम से एक स्‍कीम शुरू की थी। जिसका मकसद लोगों को सस्‍ती दरों में एलईडी बल्‍ब उपलब्‍ध कराना था, ताकि बिजली की खपत कम हो। इसके लिए पावर मिनिस्‍ट्री के अधीन काम कर रही कंपनी ईईएसएल को एलईडी बल्ब की बल्‍क खरीददारी करने को कहा गया। बल्‍क में की गई खरीददारी के कारण तेजी से एलईडी बल्‍ब की कीमतें कम होने लगीं। जो बल्ब पहले 350 रुपए की कीमत में मिलता था, वह 40 रुपए में मिलने लगा। इससे उत्‍साहित ईईएसएल ने पंखों, एसी और ट्यूबलाइट की भी बल्‍क में खरीददारी शुरू कर दी। इसका असर भी कीमतों पर पड़ा।
क्‍यों लिया यह फैसला ?
गोयल ने बुधवार को प्रगति मैदान में आयोजित एक कॉफ्रेंस में बताया कि पिछले दिनों मुंबई में फुटओवर ब्रिज पर हुए एक्‍सीडेंट के बाद बुलाई बैठक में जब उन्‍होंने पूछा कि फुटओवर ब्रिज पर एस्‍कलेटर क्‍यों नहीं लगाये जाते तो उन्‍होंने बताया गया कि रेलवे को 2500 से 3000 एक्‍सलेटर की जरूरत पड़ेगी और एक एस्‍कलेटर की कीमत लगभग एक करोड़ रुपए है। तब उन्‍होंने सोचा, क्‍यों न बल्‍क में एस्‍कलेटर खरीदे जाएं, जि‍ससे एस्‍कलेटर की कॉस्टिंग कम हो जाएगी और इंडस्‍ट्री को फायदा होगा। इसके बाद उन्‍होंने रेलवे बोर्ड से कहा है कि वे रेलवे में बल्‍क खरीददारी पॉलिसी पर काम करे।
1000 एस्‍कलेटर का टेंडर जल्‍द
रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि जल्‍दी ही 1000 एस्‍कलेटर का टेंडर जारी किया जाएगा। इसको लेकर इंडस्‍ट्री से बातचीत शुरू हो चुकी है। बल्‍क में जारी होने वाले इस टेंडर से कॉस्‍ट पर कितना अंतर आएगा, अभी से यह कहना संभव नहीं है। फिर भी रेलवे कम से कम कीमत पर इसकी खरीददारी करेगा। हालांकि क्‍वालिटी से समझौता नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो विश्‍वस्‍तरीय कंपनियों को इसके लिए आमंत्रित किया जाएगा।
5 लाख सीसीटीवी का टेंडर भी जल्‍द
सेफ्टी के नजरिए से रेलवे जल्‍द ही 5 लाख सीसीटीवी का टेंडर भी जारी करेगा। यह टेंडर भी बल्‍क परचेज पॉलिसी के तहत जारी किया जाएगा। ये सीसीटीवी सभी रेलवे स्‍टेशनों के बाद सभी ट्रेनों के हर डिब्बे में लगाए जाने की योजना है। बल्‍क खरीददारी का सिलसिला आगे भी जारी रखेगा।
फॉग लाइट्स की भी होगी खरीददारी
विंटर सीजन में फॉग के कारण ट्रेनें लेट हो जाती हैं। इस वजह से रेलवे ने एंटी फॉग लाइट्स लगाने का निर्णय लिया है। ये फॉग लाइट्स नए डिजाइन की होंगी और पहले के मुकाबले सस्‍ती होंगी। रेलवे इसके लिए भी बल्‍क परचेज टेंडर जारी करेगा।
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रेलवे भी अपनाएगा ‘पीयूष मॉडल’, लागत घटाने के लि‍ए करेगा बल्क में खरीददारी (फाइल)रेलवे भी अपनाएगा ‘पीयूष मॉडल’, लागत घटाने के लि‍ए करेगा बल्क में खरीददारी (फाइल)
रेलवे भी अपनाएगा ‘पीयूष मॉडल’, लागत घटाने के लि‍ए करेगा बल्क में खरीददारी (फाइल)रेलवे भी अपनाएगा ‘पीयूष मॉडल’, लागत घटाने के लि‍ए करेगा बल्क में खरीददारी (फाइल)

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