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थर्मल, हाइड्रो पावर प्‍लांट्स में घटा जनरेशन, सर्दियों में बढ़ सकता है बिजली संकट

सर्दियों में बिजली संकट बढ़ने के आसार हैं।

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नई दिल्‍ली. सर्दियों में बिजली संकट बढ़ने के आसार हैं। तीनों पावर सेक्‍टर थर्मल, हाइड्रो व न्‍य‍ूक्लियर प्‍लांट्स में जनरेशन घट रहा है, जबकि आने वाले दिनों में कोहरा बढ़ने से ट्रांसमिशन सिस्‍टम भी प्रभावित हो सकता है। शनिवार को उत्‍तर भारत के राज्‍यों में लगभग 802 मेगावाट बिजली की कटौती हुई। कोयला न होने के कारण जहां 38 थर्मल यूनिट्स का जनरेशन कम हुआ है। वहीं, पानी का दबाव कम होने के कारण हाइड्रो प्‍लांट्स भी क्षमता के मुताबिक जनरेशन नहीं कर रहे हैं। 

 

यहां हुई कटौती


नेशनल लोड डिस्‍पेच सेंटर की रिपोर्ट के मुताबिक, 18 नवंबर को 1166 मेगावाट की पावर शॉर्टेज रिकॉर्ड की गई और दिन भर में 1 करोड़ 19 लाख यूनिट की कमी रही। सबसे अधिक बिजली कटौती उत्‍तर भारत में हुई। इसका असर उत्‍तर प्रदेश, हरियाणा, जम्‍मू कश्‍मीर, पंजाब पर पड़ा और लगभग हर राज्‍य ने ग्रिड से ओवर-ड्रॉ किया। वहीं, महाराष्‍ट्र, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश में बिजली कटौती हुई। 

 

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थर्मल प्‍लांट्स पर असर 


कोयले की कमी की वजह से थर्मल पावर प्‍लांट्स का जनरेशन लगातार कम हो रहा है। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी की डेली कोल स्‍टॉक रिपोर्ट बताती है‍ कि 38 पावर प्‍लांट्स में कोयले का स्‍टॉक सुपर क्रिटिकल पॉजी‍शन पर है, जबकि 27 पावर प्‍लांट्स में कोयले का स्‍टॉक क्रिटिकल पॉजी‍शन पर है। जिसकारण पावर प्‍लांट्स का जनरेशन कम हो रहा है और 40 से अधिक थर्मल यूनिट्स पूरी तरह से बंद पड़ी हैं। 

 

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हाइड्रो प्‍लांट्स भी प्रभावित


नेशनल पावर पोर्टल के मुताबिक, हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स भी इन दिनों लगभग 8 फीसदी कम पावर जनरेट कर रहे हैं। इसकी वजह है कि हाइड्रो पावर प्‍लांट्स में पानी का फ्लो कम है। क्‍योंकि रिजर्वायर में वाटर लेवल कम है। शनिवार को हाइड्रो प्रोजेक्‍ट्स को लगभग 285.60 मिलियन यूनिट पावर जनरेट करनी थी, लेकिन उसके मुकाबले केवल 216.23 मिलियन यूनिट पावर ही जनरेट हुई। 

 

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न्‍यूक्लियर प्‍लांट से भी नहीं मिल रही बिजली

 

हालांकि थर्मल और हाइड्रो प्‍लांट्स के मुकाबले न्‍यूक्लियर प्‍लांट्स की हिस्‍सेदारी काफी कम है, लेकिन इन प्‍लाटंस से भी कैपेसिटी के मुकाबले 18 फीसदी कम बिजली मिल रही है। इन पावर प्‍लांट्स की कैपेसिटी 6780 मेगावाट है।

 

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फॉग बढ़ा तो होगी दिक्‍कत

 

आने वाले दिनों में फॉग बढ़ने से भी बिजली संकट बढ़ने के आसार है। पावर मिनि‍स्‍ट्री के एक अधिकारी ने कहा कि फॉग की वजह से ट्रांसमिशन लाइन में ट्रिपिंग होती है, जिससे हर साल बिजली संकट का सामना करना पड़ता है। इस वजह से आने वाले दिनों में फॉग की वजह से बिजली संकट बढ़ सकता है।

 

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