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चुनौती / पीएम मोदी का बड़ा सपना 8 साल बाद भी अधूरा, 10 लाख लोगों को मिलनी थी नौकरी

प्रचंड जीत के बाद दूसरे कार्यकाल में भी बनेगा चुनौती

PM Modi's biggest dream even after 8 years, incomplete, 10 lakh people had to get jobs

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनावों में एक बार फिर प्रचंड जीत दर्ज की है। पीएम मोदी एक बार फिर से केंद्र में सरकार बनाने जा रहे हैं। पीएम मोदी जो भी प्रोजेक्ट शुरू करते हैं, उसे अंजाम पर पहुंचाकर ही दम लेते हैं। इसके कई उदाहरण उन्होंने पिछले पांच सालों में देश के सामने पेश किए हैं। लेकिन उनका एक बड़ा सपना आज तक पूरा नहीं हो पाया है। आज हम आपको उनके इस सपने के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे करीब 10 लाख लोगों को नौकरी मिलनी थी। 

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अहमदाबाद के पास बनाया जाना है सिंगापुर-दुबई जैसा फाइनेंशियल हब

2011 में जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने यहां पर एक सिंगापुर और दुबई जैसा फाइनेंशियल हब बनाने की नींव रखी थी। इस फाइनेंशिल हब को गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक सिटी या गिफ्ट सिटी के नाम से जाना जाता है। यह पूरी तरह से एक नया शहर है जो से अहमदाबाद के पास बसाया जा रहा है। इस शहर को न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क से भी बड़ा बनाया जाना है जिसमें 100 से ज्यादा गगनचुंबी इमारतें होंगी। 

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आठ साल बाद भी सपना अधूरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अहमदाबाद के पास नया फाइनेंशियल सिटी बसाने का सपना आज भी अधूरा है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस शहर का निर्माण 62 मिलियन यानी 6.2 करोड़ वर्ग फुट क्षेत्रफल में होना था, लेकिन अभी तक 3 मिलियन यानी 30 लाख वर्गफुट क्षेत्रफल ही डवलप हो पाया है। इसके अलावा 30 लाख वर्गफुट क्षेत्रफल में निर्माण कार्य चल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस फाइनेंशियल सिटी के बनने से करीब 10 लाख लोगों को नौकरियां मिलनी थीं, लेकिन अभी तक केवल 9 हजार लोगों को ही नौकरियां मिल पाई हैं। 

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टैक्स छूट के बाद भी नहीं मिली रफ्तार

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मोदी सरकार के पिछले पांच साल के कार्यकाल में गिफ्ट सिटी को कई प्रकार की टैक्स और नियामक संबंधी छूट दी गई हैं। इसके अलावा बैंकों और ब्रोकरेज फर्मों को भी यहां निवेश के लिए आमंत्रित किया गया है लेकिन इसका कार्य रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। अब इस गिफ्ट सिटी का भविष्य पर अनिश्चितता के बाद मंडरा रहे हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि इसके डवलपर दूसरे प्रोजेक्ट में घाटे के कारण आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। पिछले साल एक इंटरव्यू में गिफ्ट सिटी के सीईओ ने कहा था कि इस प्रोजेक्ट में करीब 72 हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा। अब विश्लेषकों का कहना है कि पीएम मोदी के दूसरे कार्यकल में गिफ्ट सिटी के कार्य को पूरा करना बड़ी चुनौती होगा। 

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