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1 दिसंबर से टिकट के लिए भीम एप से करें पेमेंट, रेलवे ने शुरू की सर्विस

रेलवे 1 दिसंबर से सभी रिजर्वेशन सेंटर पर भीम ऐप से पेमेंट लेने की सुविधा शुरू कर रहा है।

भीम ऐप से पेमेंट लेने की सुविधा शुरू कर रहा रेलवे

नई दिल्‍ली। रेलवे कैशलेस ट्रांजैक्‍शन को प्रमोट करने के लिए 1 दिसंबर से सभी रिजर्वेशन सेंटर पर भीम ऐप से पेमेंट लेने की सुविधा शुरू कर रहा है। यानी कि आपको किसी तरह के कार्ड की जरूरत नहीं पड़ेगी और अपने स्‍मार्ट फोन से भीम ऐप के जरिए पेमेंट कर सकते हैं। 

 

डिजिटल पेमेंट को प्रमोट 
रेलवे बोर्ड के मेंबर (ट्रैफिक) मोहम्मद जमशेद ने कहा कि एक दिसंबर से देश के सभी रेलवे रिजर्वेशन सेंटर में चिह्नित काउंटरों पर भीम यूपीआई एप से भुगतान की सुविधा आरंभ की जा रही है। उन्होंने कहा कि नकदीरहित डिजिटल लेनदेन में अभी तक रेलवे डेबिट एवं क्रेडिट कार्ड अथवा ऑनलाइन बैंकिंग के माध्यम से भुगतान ले रही है। अब एक कदम आगे बढ़ाते हुए रेलवे ने इन विकल्पों के साथ बिना किसी कार्ड के केवल मोबाइल फोन के माध्यम से भुगतान की सुविधा शुरू करने का फैसला किया है। 

 

पायलट प्रोजेक्‍ट सफल 
जमशेद ने बताया कि दिल्ली एवं आसपास के क्षेत्रों में इस योजना का पायलट प्रोजेक्ट चलाया गया था जिसकी सफलता के बाद अब इसे देशभर में तीन हज़ार से अधिक पीआरएस केन्द्रों पर शुरू किया जा रहा है। इससे सीजन टिकट भी खरीदे जा सकेंगे। हालांकि अनारक्षित टिकटों की खरीद के लिये इस सुविधा को बाद में शुरू किया जाएगा। भीम एप को भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने विकसित किया है। इससे अन्य भुगतान एप से भी लेनदेन किया जा सकता है। 

 

ऐसे होगा पेमेंट 
भीम एप से भुगतान की प्रणाली के बारे में उन्होंने बताया कि काउंटर पर बैठा बुकिंग क्लर्क पैसेंजर एवं गंतव्य की जानकारी लेकर पीआरएस में भरेगा और भुगतान के लिये भीम एप का विकल्प चुनेगा और टिकट बुक कराने वाले से उसका वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (वीपीए) मांगेगा। बुकिंग क्लर्क पीआरएस में उस वीपीए को भरेगा और यात्री को मोबाइल पर भुगतान का अनुरोध संबंधी संदेश प्राप्त होगा। यात्री को उसे स्वीकार करना होगा। उसे स्वीकार करते हुए भीम एप से जुड़े बैंक खाते से पैसा रेलवे के खाते में पहुंच जाएगा। इस पर पीआरएस और मोबाइल दोनों पर भुगतान की सफलता का संदेश आ जाएगा और बुकिंग क्लर्क टिकट प्रिंट कर सकेगा। 

 

70 फीसदी हुई ऑनलाइन ट्रांजैक्‍शन 
जमशेद ने कहा कि नोटबंदी के पहले अक्टूबर 2016 में आरक्षित टिकटों की कुल बुकिंग का 58 प्रतिशत ई-टिकटिंग से होती थी जो अब 70 प्रतिशत हो गयी है। उन्होंने बताया कि नोटबंदी के बाद से रेलवे आरक्षण में डिजीटल भुगतान करने वालों की संख्या में साढ़े तीन करोड़ का इजाफा हुआ है। 

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