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ऑफशोर एनर्जी पॉलिसी लागू, समुद्र में विंड फार्म से बिजली

Infrastructure Team

Oct 06,2015 10:10:00 AM IST
नई दिल्‍ली। सरकार ने नेशनल ऑफशोर विंड एनर्जी पॉलिसी लागू कर दी है। इसके साथ ही समुद्र के बीच विंड एनर्जी फार्म बनाकर समुद्री हवाओं से बिजली बनाने का रास्‍ता साफ हो गया है। पॉलिसी में अनुमान लगाया गया है कि पहले पहल ऑफशोर विंड एनर्जी फार्म से 2 हजार मेगावाट बिजली पैदा होगी, जिसे बाद में बढ़ाया जाएगा।

कैबिनेट ने दी थी मंजूरी

मिनि‍स्‍ट्री ऑफ न्‍यू एंड रिन्‍यूएबल एनर्जी (एमएनआरई) की ओर से ग्‍लोबल प्रेक्टिस के आधार पर तैयार की गई नेशनल ऑफशोर विंड एनर्जी पॉलिसी को 9 सितंबर को कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। अब एमएनआरई ने इस पॉलिसी को लागू कर दिया है।

अब बनेगी अथॉरिटी

पॉलिसी लागू होने के बाद नेशनल ऑफशोर विंड एनर्जी अथॉरिटी बनाई जाएगी। मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि अगले सप्‍ताह से अथॉरिटी के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। यह अथॉरिटी ऑफशोर एनर्जी के क्षेत्र में सर्वे करेगी। इसके बाद अथॉरिटी द्वारा एनर्जी फार्म डेवलपर्स से संपर्क किया जाएगा। डेवलपर्स को आकर्षित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्‍टम भी स्‍थापित किया जाएगा। इतना ही नहीं, एक स्‍टे‍यरिंग कमेटी का भी गठन किया जाएगा, जो सभी प्रोजेक्‍ट पर नजर रखेगी। प्रोजेक्‍ट डेवलपर को इंसेंटिव भी दिए जाएंगे।

गाइडलाइंस पर भी होगा काम शुरू

सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेग्‍युलेटरी कमीशन और स्‍टेट इलेक्ट्रिसिटी रेग्‍युलेटरी कमीशन द्वारा ऑफशोर विंड एनर्जी के उत्‍पादन, ट्रांसमिशन और बिजली की खरीद संबंधी गाइडलाइंस भी तैयार की जानी है। अधिकारी के मुताबिक इस बारे में भी अगले सप्‍ताह सीइआरसी और एसईआरसी को पॉलिसी लागू होने और गाइडलाइंस बनाने के बारे में पत्र लिखा जाएगा।
अगली स्‍लाइड में पढ़ें - कैसे बनेगी बिजली
कैसे बनेगी बिजली पॉलिसी में दी गई जानकारी के मुताबिक तट से समु्द्र के भीतर लगभग 12 समु्द्री मील (लगभग 22 किलोमीटर) के दायरे में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत ऑफशोर विंड फार्म विकसित किए जाएंगे। समुद्र के बीच फार्म में लगे टरबाइन में बिजली पैदा होगी। जो ट्रांसमिशन लाइन के माध्यम से ग्रिड तक पहुंचेगी। इसके अलावा आगे की संभावनाएं तलाशने के लिए लगभग 200 समुद्री मील के दायरे में रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए विकसित किया जाएगा। इसके लिए समुद्र क्षेत्र को अलग-अलग ब्लॉक के रूप में चिंहित किया जाएगा। जहां विंड फार्म विकसित करने के लिए आवश्यक स्टडी की जाएगी। इन इलाकों में है संभावना मंत्रालय के मुताबिक गुजरात के कोस्ट एरिया और तमिलनाडु के कन्याकुमारी एवं रामेश्वरम से लगते समुद्र में ऑफशोर विंड एनर्जी फार्म विकसित किए जाएंगे। प्राथमिक सर्वेक्षण बताते हैं कि कन्याकुमारी और रामेश्वरम में एक-एक हजार मेगावाट बिजली बनाई जा सकती है।
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