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मनी भास्कर खास / मर्ज हो सकते हैं रेल एवं सड़क परिवहन मंत्रालय, दिया जा सकता है इंफ्रास्ट्रक्चर मंत्रालय का नाम

गडकरी अगर पार्टी का कामकाज संभालते हैं तो गोयल बन सकते हैं इंफ्रास्ट्रक्चर मंत्री

Ministry of Railways and Road Transport can be merged
  • बिजली, कोयला एवं एमएनआरई के लिए भी एक मंत्री

मनी भास्कर नई दिल्ली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली नई सरकार रेलवे मंत्रालय एवं सड़क परिवहन मंत्रालय को मर्ज कर सकती है। दोनों ही मंत्रालय में इस प्रकार की चर्चा चल रही है। मोदी के पिछले कार्यकाल में भी रेल एवं सड़क परिवहन मंत्रालयों को एक करने की चर्चा चली थी, लेकिन तब इसे अंजाम नहीं दिया जा सका था। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक रेल एवं सड़क परिवहन मंत्रालय दोनों ही इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित है और कई काम ऐसे होते हैं जो दोनों ही मंत्रालयों से जुड़े होते हैं। अलग-अलग मंत्रालय होने के कारण दोनों मंत्रालयों के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले को लेने में देरी हो जाती है। एक ही मंत्री के अधीन दोनों मंत्रालयों के होने से कामकाज में तेजी आएगी। वैसे भी, इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास एवं इस क्षेत्र में निवेश मोदी सरकार के प्रमुख एजेंडा में शामिल है।

रेल मंत्री पीयूष गोयल को इस नए मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है

सूत्रों के मुताबिक रेल मंत्री पीयूष गोयल को इस नए मंत्रालय की जिम्मेदारी दी जा सकती है। ऐसी चर्चा चल रही है कि सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भाजपा के अगले अध्यक्ष हो सकते हैं। ऐसे में गोयल इस पद के लिए सबसे उपयुक्त मंत्री होंगे। अमित शाह पहली बार लोक सभा आ रहे  हैं और उनका मोदी के मंत्रीमंडल में शामिल होना तय माना जा रहा है। शाह को विदेश, रक्षा या फिर वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सेहत का साथ नहीं मिलने से वित्त मंत्रालय से हटने की इच्छा जाहिर की है।

स्मृति ईरानी को भी महत्वपूर्ण मंत्रालय

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को उनकी पुश्तैनी सीट अमेठी से  शिकस्त देने वाली स्मृति ईरानी को कैबिनेट के कोर मंत्रालय मिलने की संभावना जताई जा रही है। वर्ष 2014 में ईरानी गांधी से चुनाव हार गई थी। अभी ईरानी टेक्सटाइल मंत्री है और इससे पहले मानव संसाधन मंत्री रह चुकी है। विदेश मंत्रालय के दावेदारों में ईरानी का भी नाम चल रहा है। वहीं इस बार मोदी के मंत्रिमंडल में बंगाल एवं उड़ीसा से जीत कर आए सांसदों को भी जगह मिलने जा रही है। सुरेश प्रभु वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय में जमे रह सकते हैं।

मंत्रालय में इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि बिजली, कोयला और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा (एमएनआरई) मंत्रालय का भार एक मंत्री को सौंपा जा सकता है। अभी बिजली एवं एमएनआरई मंत्री आर.के. सिंह है जबकि कोयला मंत्रालय की जिम्मेदारी पीयूष गोयल के पास है। देश में कोयले की फिर से किल्लत शुरू होने एवं कोयले के आयात में बढ़ोतरी को देखते हुए फिर से इन तीनों मंत्रालयों की जिम्मेदारी एक मंत्री के हवाले की जा सकती है। रेलवे मंत्री बनने से पहले गोयल इन तीनों मंत्रालयों को संभाल रहे थे।

 

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