• Home
  • Indian Railways consumes 560 million units of energy daily, will now use 1000 MW of solar power and 200 MW of power from wind power

योजना /भारतीय रेल में सबसे अधिक बिजली की खपत, एक दिन में 5.60 करोड़ यूनिट बिजली का खर्च

  •  इसके अलावा 5 स्टार रेटेड बिजली के उपकरणों के उपयोग पर जोर दिया जा रहा है।
  • डीजल लोकोमोटिव चालकों की यात्रा राशन के संबंध में ईंधन की खपत की निगरानी करना।

Moneybhaskar.com

Jun 28,2019 06:00:23 PM IST

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे प्रतिदिन लगभग 560 लाख यूनिट उर्जा का उपयोग करती है। भारतीय रेलमंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि रेलवे पर्यावरण अनुकूल तकनीक के इस्तेमाल पर जोर दे रही है। रेलवे ने अक्षय ऊर्जा (renewable energy) का उपयोग करने के लिए लगभग 1000 मेगा वाट (एमडब्‍ल्‍यू) सौर ऊर्जा और 200 मेगावाट पवन ऊर्जा के स्रोत की योजना बनाई है। इसके साथ ही रेलवे अपने कार्बन फुटप्रिंट्स को कम करने के लिए ऐसे उपायों पर गौर कर रही है जो ऊर्जा का दक्षता के साथ प्रयोग करें।

रेलमंत्री के मुताबिक, इन उपायों के जरिए भारतीय रेल अपना कार्बन फुटप्रिंट कम करेगी-

- इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव, मेनलाइन इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट्स (मेमू), इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट्स (ईएमयू) के लिए पुनर्योजित सुविधाओं के साथ ऊर्जा कुशल 3-फेज प्रौद्योगिकी का उपयोग, बेहतर ऊर्जा दक्षता के लिए ट्रेन सेट।

- पॉवर कारों में डीजल ईंधन की खपत को कम करने के लिए गाडि़यों में हेड ऑन जनरेशन (एचओजी) प्रणाली को शुरू करना।

- बिजली की खपत में कमी के लिए रेलवे स्टेशनों, सेवा भवनों, आवासीय क्वार्टरों और कोचों सहित सभी रेलवे प्रतिष्ठानों में ऊर्जा कुशल लाइट एमिटिंग डायोड (एलईडी) प्रकाश का प्रावधान।

- खपत प्‍वाइंटों पर नियमित ऊर्जा ऑडिट - उत्पादन इकाइयों (पीयू) और कारखानों में ऊर्जा दक्षता अध्ययन किए गए थे और 15% तक ऊर्जा दक्षता सुधार हासिल किया था। इसमें महत्वपूर्ण ऊर्जा बचत की पहचान, एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम, संभावित प्रौद्योगिकी आपूर्तिकर्ताओं की पहचान, जो इकाइयों को ऊर्जा की बचत करने वाली प्रौद्योगिकियों की पेशकश कर सकते हैं आदि जैसी गतिविधियां शामिल थीं।

- इसके अलावा 5 स्टार रेटेड बिजली के उपकरणों के उपयोग पर जोर दिया जा रहा है।

- कॉस्टिंग के उपयोग के लिए लोको पायलटों का नियमित प्रशिक्षण, पुनर्योजित ब्रेकिंग सुविधाओं और बिजली रेलइंजनों का ब्लोअर बंद करना यदि यार्ड में 50 मिनट से अधिक की रूकौनी होती है। इसी प्रकार, यदि संभावित रूकौनी 30 मिनट से अधिक होती है तब डीजल लोको को भी बंद कर दिया जाता है और इसके परिणामस्वरूप ग्रीन हाउस गैसों (जीएचजी) के उत्सर्जन में कमी आती है ।

-खाली मालगाड़ियों को ले जा रही मल्टी यूनिट (एमयू) के पीछे जुड़े लोकोमोटिव को ऊर्जा बचाने के लिए बंद कर दिया जाता है। सभी इलेक्ट्रिक रेलइंजनों में दिए गए माइक्रोप्रोसेसर आधारित ऊर्जा मीटरों के माध्यम से विद्युत रेलइंजनों की ऊर्जा खपत की नियमित रूप से निगरानी की जाती है और औसत ऊर्जा खपत के आधार पर बेंचमार्किंग की जाती है।

- डीजल लोकोमोटिव चालकों की यात्रा राशन के संबंध में ईंधन की खपत की निगरानी करना।

- लोकोमोटिव के निष्क्रिय होने पर ईंधन की खपत को कम करने के लिए 986 डीजल रेलइंजनों में सहायक विद्युत इकाई (एपीयू) मुहैया कराई गई है।

- रिमोट मॉनिटरिंग के जरिए डीजल रेलइंजनों की निष्क्रियता की निगरानी और लोकोमोटिव तथा गाड़ी प्रबंधन (जिसे रैमलोट कहा जाता है) की जा रही है । इस समय 2606 लोकोमोटिव रैमलोट से लैस हैं।

- डेमू में 20% कंप्रेस्‍ड नेचुरल गैस (सीएनजी) प्रतिस्थापन - सीएनजी के उपयोग से तरल ईंधन की तुलना में कम जीएचजी का उत्सर्जन होता है।

- भारतीय रेलवे को दुनिया का एकमात्र रेलवे होने का गौरव प्राप्त है जो यात्री परिवहन के लिए सीएनजी से चलने वाली पावर कारों का उपयोग करती है ।

- भारतीय रेलवे ने डेमू ड्राइविंग पावर कार (डीपीसी) को सीएनजी के साथ डुअल फ्यूल मोड में बदलना शुरू कर दिया है। 25 अदद डीपीसी को बदल दिया गया है और वे परिचालन में हैं।

X

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.