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सरकार का चैनल पार्टनर बन कर करें सोलर पावर बिजनेस

सरकार ने सोलर पावर के अपने लक्ष्‍य को पाने के लिए कारोबारियों को न्‍यौता दिया है‍ कि वे सरकार के चैनल पार्टनर बन कर सोलर पावर का बिजनेस करें।

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नई दिल्‍ली। सोलर पावर का कारोबार करने वालों के लिए एक सुनहरा मौका है। सरकार ने सोलर पावर के लक्ष्‍य को पाने के लिए कारोबारियों को न्‍यौता दिया है‍ कि वे सरकार के चैनल पार्टनर बन कर सोलर पावर का बिजनेस करें। इसके लिए केंद्रीय अक्षय ऊर्जा मंत्रालय ने एक गाइडलाइंस जारी की है। सरकार ने यह गाइडलाइंस ‘रूफटॉप सोलर पावर प्‍लांट प्रोग्राम’ के तहत जारी की है। इसके साथ साथ सरकार ने इरडा स्‍कीम के तहत सस्‍ता लोन देने की भी घोषणा की है। 
 
सरकार का एक और प्रयास
 
सरकार वर्ष 2022 तक छत पर सोलर प्‍लांट के माध्‍यम से 40 हजार मेगावाट बिजली उत्‍पादन का लक्ष्‍य हासिल करना चाहती है। इसके लिए सरकार ने कई योजनाओं पर एक साथ काम शुरू कर दिया है। जहां राज्‍य सरकारों को रूफटॉप सोलर प्‍लांट लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, वहीं लोगों को भी टैक्‍स में छूट देकर व्‍यक्तिगत तौर पर ग्रिड कनेक्‍टेड सोलर प्‍लांट लगाने की अपील की जा रही है। अब सरकार ने ग्रिड कनेक्‍टेड रुफटॉप एंड स्‍माल सोलर पावर प्‍लांट प्रोग्राम शुरू किया है।
 
छत पर लगाएं सोलर प्‍लांट
 
इस प्रोग्राम के तहत देशभर में एक किलोवाट से लेकर 500 किलोवाट क्षमता के सोलर प्‍लांट लगाए जाएंगे। ये प्‍लांट घरों, दुकानों, कारखानों या संस्‍थानों की छतों पर लगाए जाएंगे। इन प्‍लांट से प्रदूषण रहित ऊर्जा 7 रुपए प्रति यूनिट (वो भी बिना किसी सब्सिडी के) बेची जा सकती है। इस प्रोग्राम के तहत नए व पुराने कारोबारियों को जोड़कर उन्‍हें चैनल पार्टनर बनाया जाएगा। इन चैनल पार्टनर को स्‍टेट नोडल एजें‍सी, सरकारी विभागों, सरकारी कंपनियों, वित्‍तीय संस्‍थानों, पब्लिक सेक्‍टर बैंक और अन्‍य संबंधित एजेंसियों से जोड़ा जाएगा।
 
ये बन सकते हैं चैनल पार्टनर
 
इस प्रोग्राम के मुताबिक एमएनआरई (अक्षय ऊर्जा मंत्रालय) की ओर से एक गाइडलाइंस जारी की गई है। इसके मुताबिक अक्षय ऊर्जा सर्विस देने वाली कंपनियां, सोलर प्‍लांट केक कंपोनेंट बनाने वाले मैन्युफैक्‍चरर्स, प्रोजेक्‍ट डेवलपर, वेंडर या सोलर इक्‍वीपमेंट सप्‍लायर, राष्‍ट्रीय स्‍तर पर प्रसिद्ध एनजीओ के अलावा सरकारी कंपनियां, सरकारी विभाग, एजेंसियां, टेक्‍नीकल इंस्‍टीट्यूशन चैनल पार्टनर बन सकते हैं।
 
आगे की स्लाइड्स में जानिए बिजनेस शुरू करने के लिए क्या होनी चाहिए योग्यता...
 
 
 
ये होनी चाहिए योग्‍यता
 
चैनल पार्टनर के पास देश की रेटिंग एजेंसी से टेक्‍नीकल एवं फाइनेंसियल मजबूती का सर्टिफिकेट होना चाहिए। चैनल पार्टनर के पास पिछले तीन साल का ऑडिट एकाउंट होना चाहिए। कंपनी की नेट वर्थ भी पॉजीटिव होनी चाहिए। हालांकि सरकारी कंपनियों और विभागों को रेटिंग एजेंसी के सर्टिफिकेट की छूट दी गई है।
 
साल में दो बार मिलेगा मौका
 
अक्षय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से चैनल पार्टनर के लिए साल में दो बार आवेदन लिए जाएंगे। साल के पहले व दूसरे महीने यानी जनवरी-फरवरी और दूसरी बार जुलाई-अगस्‍त में आवेदन लिए जाएंगे। हालांकि जरूरत पड़ने पर मंत्रालय बीच में भी आवेदन मांग सकती है, जिसकी पूर्व सूचना जारी की जाएगी।
 
राज्‍य में कहीं भी कर सकते हैं कारोबार
 
गाइडलांइस के मुताबिक चैनल पार्टनर जिस राज्‍य से संबंधित है, उस राज्‍य में कहीं भी ऑफिस, दुकान या सर्विस सेंटर खोल सकता है। चैनल पार्टनर कम से कम 25 लोगों को प्रशिक्षित करेंगे, जो सोलर रूफ टॉप मार्केट को बढ़ाने के लिए काम करेंगे।
 
आगे की स्‍लाइड में पढ़ें - किस दर पर मिलेगा लोन 
 
 
9.9 ब्‍याज दर पर लें लोन
 
केंद्र सरकार ने मंगलवार को इरडा लोन स्‍कीम के तहत सोलर पावर का कारोबार करने वालों को 9.9 फीसदी और 10.7 फीसदी ब्‍याज दर पर लोन स्‍कीम की शुरुआत की है। लोन की यह राशि नौ साल के भीतर लौटानी होगी। यह लोन कम से कम एक मेगावाट से अधिक क्षमता वाले प्‍लांट लगाने पर मिलेगा, जबकि सब-साइज के प्‍लांट जिसकी क्षमता कम से कम 20 किलोवाट होनी चाहिए को मिलेगा। 
 
 
शिकायतों का समय पर करना होगा निपटारा
 
चैनल पार्टनर द्वारा सिस्‍टम जमाने के बाद पांच साल के लिए एएमसी (एनुअल मैंटीनेंस कांट्रेक्‍ट) करने होंगे और ऐसा सर्विस नेटवर्क तैयार करना होगा कि अधिकतम 48 घंटे के भीतर शिकायत का समाधान जरूर कर दें। इसके लिए चैनल पार्टनर को वेबसाइट तैयार करनी होगी और शिकायत निवारण संबंधी तकनीक अपनानी होगी। एक टोल फ्री नंबर भी लगाना होगा, ताकि शिकायतकर्ता अपनी शिकायत इस नंबर पर कर सकें।
 
जनरेशन डाटा करना होगा सावर्जनिक
 
चैनल पार्टनर को अपने सोलर पावर प्‍लांट से पैदा होने वाली बिजली का आंकड़ा सावर्जनिक करना होगा। गाइडलाइंस बताती हैं कि 10 किलोवाट से अधिक क्षमता वाले चैनल पार्टनर को अपना जनरेशन डाटा ऑनलाइन करना होगा और 10 किलोवाट से कम क्षमता वाले चैनल पार्टनर को महीने में दो बार अपने प्‍लांट का जनरेशन डाटा वेबसाइट पर डालना होगा।
 
मंत्रालय रखेगा नजर
 
अक्षय ऊर्जा मंत्रालय हर चैनल पार्टनर के बिजनेस की निगरानी करेगा और थर्ड पार्टी मॉनीटरिंग भी कराएगा। इस आधार पर हर साल मंत्रालय की ओर से परफॉरमेंस रिपोर्ट भी जारी की जाएगी।
 
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