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50 लाख की बजाय 1.5 लाख घरों में लगे स्‍मार्ट मीटर, बिजली चोरी रोकने की योजना को झटका

दिसंबर 2017 तक 50 लाख घरों में स्‍मार्ट मीटर लगने हैं, लेकिन अब तक 1.5 लाख घरों में ही स्‍मार्ट मीटर लग पाए हैं।

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नई दिल्‍ली. बिजली चोरी रोकने के लिए मोदी सरकार ने सभी घरों में स्‍मार्ट मीटर लगाने का टारगेट रखा है। टारगेट के मुताबिक, दिसंबर 2017 तक लगभग 50 लाख घरों में स्‍मार्ट मीटर लगने हैं, लेकिन एक माह शेष है और अब तक लगभग 1.5 लाख घरों में ही स्‍मार्ट मीटर लग पाए हैं। दिलचस्‍प बात यह है कि केंद्र सरकार ने स्‍मार्ट मीटरिंग का टारगेट हासिल करने के लिए 750 करोड़ रुपए राज्‍यों को देने का निर्णय लिया था, लेकिन अब तक राज्‍यों ने डिटेल प्रोजेक्‍ट रिपोर्ट तक फाइल नहीं की है, जिस कारण इतनी बड़ी राशि का यूज नहीं हो पा रहा है। 
 
क्‍या है योजना 
मोदी सरकार बिजली व्‍यवस्‍था में सुधार के लिए कई स्‍कीम चला रही है। इसमें से सबसे अधिक प्रचारित स्‍कीम है, उदय (उज्‍जवल डिस्‍कॉम्‍स एश्‍योरेंस योजना)। इस स्‍कीम के तहत केंद्र और राज्‍यों के बीच समझौता हुआ है। इसी समझौते में से एक है, बिजली चोरी रोकना। इसके लिए केंद्र ने राज्‍यों से कहा है कि वे हर घर में स्‍मार्ट मीटर लगाएं, जो टम्‍पर प्रूफ होंगे। साथ ही, उनमें रिमोट रीडिंग का भी इंतजाम होगा, ताकि बिजली चोरी न हो सके। समझौते के मुताबिक, राज्‍यों को 31 दिसंबर 2017 तक 500 यूनिट प्रति माह से अधिक बिजली की खपत करने वाले घरों में स्‍मार्ट मीटर लगाए जाने हैं, जबकि 31 दिसंबर 2019 तक 200 यूनिट प्रति माह से अधिक बिजली खपत करने वाले घरों में स्‍मार्ट मीटर लगने हैं। 
 
टारगेट से पिछड़े राज्‍य 
पावर मिनिस्‍ट्री की वेबसाइट के मुताबिक, 500 यूनिट से अधिक खपत वाले घरों में स्‍मार्ट मीटर लगाने का टारगेट केवल 3 फीसदी ही पूरा हो पाया है। 
टारगेट : 5011620 घर 
अचीव : 142237 
 
 
कौन से राज्‍य हैं पिछड़ें 
 
राज्‍य  टारगेट  अचीव 
उत्‍तर प्रदेश 
278722   
0
छतीसगढ़  488307  0
बिहार  197831  0
झारखंड  26534  0
हरियाणा  431797  600 
राजस्‍थान 31136   16779 
मध्‍यप्रदेश  295644  59846 
केंद्र ने लिखा पत्र 
स्‍मार्ट मीटरिंग के टारगेट को लग रहे इस बड़े झटके के बाद केंद्र की ओर से पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड ने सभी राज्‍यों की डिस्‍कॉम्‍स को पत्र लिखा है। पत्र में बताया गया है कि केंद्र ने स्‍मार्ट मीटर प्रोजेक्‍ट्स के लिए 750 करोड़ रुपए के अलोकेट किए हैं। जो डिस्‍कॉम्‍स इसका फायदा उठाना चाहते हैं, वे डीपीआर बना कर 25 नवंबर से पहले भेज दें। पीएफसी ने कहा है कि डिस्‍कॉम्‍स स्‍मीट मीटर प्रोजेक्‍ट्स की डीपीआर ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं। 
 
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