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गडकरी ने कहा, सरकार करेगी यूरो-6 फ्यूल की सप्‍लाई, मानकों से छेड़छाड़ नहीं

Economy Team

Apr 10,2016 02:20:00 PM IST
नई दिल्‍ली। सरकार हर सूरत में यूरो-6 फ्यूल की सप्‍लाई करने जा रही है। यूरो-6 इंटरनेशनल स्‍टैंडर्ड्स के अनुरूप होगा और इसकी सप्‍लाई पेट्रोलियम मिनिस्‍ट्री द्वारा की जाएगी। केंद्रीय ट्रांसपोर्ट, हाईवेज और शिपिंग मामलों के मिनिस्‍टर नितिन गडकरी ने ये बातें कहीं। गडकरी ने सिआम के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि ड्राफ्ट में घोषित बीएस-6 फ्यूल नॉर्म्‍स यूरो-6 नॉर्म्‍स की तुलना में कम नहीं हैं। उन्‍होंने कहा कि पेट्रोलियम रिफाइनरी यूरो-6 के अनुकूल फ्यूल की सप्‍लाई के लिए बड़ा इन्‍वेस्‍टमेंट कर रही हैं।
फ्यूल स्‍टैंडर्ड्स में किसी तरह की कमी नहीं
मिनिस्‍टर ने फ्यूल स्‍टैंडर्ड्स में किसी भी तरह की कमी करने की आशंकाओं को भी खारिज कर दिया। उन्‍होंने कहा कि दुनिया में यूरो-6 का जो भी स्‍टैंडर्ड तय किया जाएगा, भारत में भी उसकी सप्‍लाई की जाएगी।
सिआम ने की थी बीएस-6 फ्यूल स्‍टैंडर्ड्स की आलोचना
ऑटोमोबाइल इंडस्‍ट्री के संगठन सिआम ने हाल ही में ट्रांसपोर्ट मिनिस्‍ट्री द्वारा ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में घोषित बीएस-6 फ्यूल स्‍टैंडर्ड्स की आलोचना की थी। संगठन ने कहा था कि स्‍टैंडर्ड के साथ छेड़छाड़ की गई है। सिआम का आरोप था कि ड्राफ्ट में घोषित बीएस-6 फ्यूल नॉर्म्‍स यूरो-6 नॉर्म्‍स की तुलना में घटिया हैं।
रिफाइनरीज कर रही हैं बड़ा इन्‍वेस्‍टमेंट
इस आरोप को गलत बताते हुए मिनिस्‍टर ने कहा कि पेट्रोलियम रिफाइनरीज यूरो-6 के अनुकूल फ्यूल की सप्‍लाई के लिए बड़ा इन्‍वेस्‍टमेंट कर रही हैं। इससे प्रदूषण स्‍तर में काफी कमी आएगी, क्‍योंकि प्रदूषण एक बड़ी समस्‍या बनता जा रहा है।
एक अप्रैल, 2020 से लागू होंगे नियम
सरकार ने अपने ड्राफ्ट रूल्‍स में कहा था कि 3500 किलो से कम वजन की विभिन्‍न कैटेगरी की गाड़ि‍यों के लिए भारत स्‍टेज 6 (बीएस-वीआई) जारी कर दिया गया है। ये नियम एक अप्रैल, 2020 को या फिर उसके बाद बनने वाली सभी ऐसी गाड़ि‍यों पर लागू होंगे। ड्राफ्ट जारी करते हुए सरकार ने इस मामले में एक महीने के भीतर सुझाव या आपत्तियां मांगी हैं।
सेंट्रल मोटर व्‍हीकल्‍स (अमेंडमेंट) रूल्‍स, 2016 कहा जाएगा नए नियमों को
ड्राफ्ट नोटिफिकेशन में कहा गया कि इन नियमों को सेंट्रल मोटर व्‍हीकल्‍स (अमेंडमेंट) रूल्‍स, 2016 कहा जा सकता है। ये नियम आधिकारिक गजेट में आखिरी प्रकाशन के साथ ही लागू हो जाएंगे। सरकार की इस पहल का मकसद सेंट्रल मोटर व्‍हीकल्‍स रूल्‍स, 1989 में संशोधन करना है।
28,750 करोड़ रुपए खर्च होंगे इन बदलावों पर
रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाइवेज मिनिस्‍ट्री ने कहा कि बताई गई तारीख से एक महीने के भीतर ड्राफ्ट रूल्‍स के संबंध में कोई भी अपनी आपत्ति या सुझाव दे सकता है। इस दौरान दी गई आपत्तियों और सुझावों पर केंद्र सरकार विचार करेगी। केंद्र सरकार ने जनवरी में यूरो 4 इमिशन नॉर्म्‍स से सीधे यूरो 6 स्‍टैंडर्ड में शिफ्ट करने का फैसला किया था। ये नियम पेट्रोल और डीजल गाड़ि‍यों पर लागू होंगे। ऑयल पीएसयू इस बदलाव 28,750 करोड़ रुपए खर्च करेंगे।
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