Home »Economy »Infrastructure» Cabinet Approves Guidelines To Allow States To Borrow Money Directly From Overseas Aid Partners To Fund Infra Projects

इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स के लिए विदेशी कर्ज ले सकेंगी राज्य सरकारें, कैबिनेट ने दी मंजूरी

नई दिल्ली.अब राज्य सरकारें इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए अपने विदेशी पार्टनर्स से सीधे कर्ज ले सकेंगी। कैबिनेट ने इसके लिए गाइडलाइंस को मंजूरी दे दी। इसके अलावा 16 लाख नई जेनरेशन की वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की खरीदने के प्रपोजल पर भी मुहर लगाई गई।
कैबिनेट मीटिंग के बाद प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने कहा कि अब स्टेट बॉडीज इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए कुछ शर्तों के साथ बाईलेटरल एजेंसियों से कर्ज ले सकेंगी। इस फैसले पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी है। इसका फायदा राज्यों के उन इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को मिलेगा, जो फंड की कमी से अटकी हुई हैं। इससे साफ है कि राज्य सरकारों से जुड़ी बॉडीज अपने इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स के लिए विदेश से कर्ज ले सकेंगी।
 

3174करोड़ रुपए खरीदी जाएंगी16लाख नई ईवीएम
 
इसके अलावा कैबिनेट ने नई जेनरेशन की 16 लाख इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) खरीदने के प्रपोजल पर भी मुहर लगा दी। विपक्षी दलों द्वारा ईवीएम पर सवाल खड़े किए जाने के बाद इस प्रपोजल पर सभी की नजरें टिकी हुई थीं।
इलेक्शन कमीशन ने देश के सभी पोलिंग स्टेशनों को कवर करने के लिए 16 लाख ईवीएम मशीनों को खरीदने का प्रपोजल रखा था, जिसके लिए सरकार से 3174 करोड़ रुपए की डिमांड की गई थी।
 
 
1 मई से खत्म हो जाएगा वीआईपी कल्चर
कैबिनेट मीटिंग में एक और अहम फैसला हुआ। वीआईपी कल्चर खत्म करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए कैबिनेट ने सभी गाड़ियों से लाल बत्ती हटाने का फैसला लिया। इसके दायरे में प्रधानमंत्री और सभी मंत्री आएंगे। रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे मिनिस्टर नितिन गडकरी ने कहा, ‘कैबिनेट द्वारा लिया गया यह एक ऐतिहासिक फैसला है। 1 मई से सभी गाड़ियों से लाल बत्ती हट जाएंगी। हालांकि इमर्जेंसी सर्विसेज व्हीकल्स को इससे अलग रखा गया है।’ इसके साथ ही गडकरी पहले मंत्री बन गए जिन्होंने अपनी गाड़ी से लाल बत्ती भी हटा दी। गडकरी ने कहा कि इस संबंध में जल्द ही एक नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। 
 
चीनी की स्टॉक लिमिट 6 महीने और बढ़ाई
कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने चीनी पर स्टॉक लिमिट अगले 6 महीने और जारी रखने को मंजूरी दे दी है। फैसले के बाद अब स्टॉक लिमिट अक्टूबर तक जारी रहेगी। सरकार ने ये फैसला मार्केट में चीनी की सप्लाई बनाए रखने के लिए लिया है, जिससे कीमतों को नियंत्रित रखा जा सके। 
 

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