विकास /बेंगलुरू और गुरुग्राम टेक्नॉलॉजी कंपनियों की टॉप 5 शहरों की लिस्ट में शामिल

  • इन शहरों में रेंटल क्षेत्र भी तेज़ी से विकसित हो रहा है, क्योंकि टेक स्पेस में लगातार विकास की उम्मीद है

Money Bhaskar

May 27,2019 04:49:56 PM IST

नई दिल्ली : भारत की अग्रणी रियल एस्टेट कन्सल्टिंग फर्म सीबीआरई साउथ एशिया प्रा लिमिटेड ने आज अपनी रिपोर्ट “Programming Asia Pacific’s Tech Cities as Global Tech Hubs'' परिणामों को ऐलान किया है। रिपोर्ट के अनुसार, सिलिकाॅन वैली के समान स्तर के मुख्य शहर या क्लस्टर की अनुपस्थिति के बावजूद टेक्नोलाॅजी कंपनियों के द्वारा एपीएसी क्षेत्र में कार्यालय स्थलों की मांग बढ़ रही है। क्षेत्र में टेक्नोलाॅजी सेक्टर में बढ़ती मांग ने 2018 में कुल लीज़िंग गतिविधि में 23 फीसदी का योगदान दिया। बता दें कि यह अध्ययन सीबीआरई के द्वारा जनवरी से मार्च 2019 के बीच किया गया। एशिया पेसिफिक के 15 शहरों में उत्तरदाताओं से जानकारी जुटाई गई जहां टेक्नोलाॅजी सेक्टर कुल कार्यालय स्टाॅक का 10 फीसदी या अधिक हिस्सा बनाता है।

भारत में बड़ी संख्या में टेक यूनिकाॅर्न हैं

अंशुमन मैगज़ीन, चेयरमैन एवं सीईओ, भारत,दक्षिण-पूर्वी एशिया, मध्यपूर्व एवं अफ्रीका, सीबीआरई ने कहा, ‘‘भारत में बड़ी संख्या में टेक यूनिकाॅर्न हैं और एशिया पेसिफिक में डिसरप्टिव टेक्नोलाॅजी को तेज़ी से अपनाया जा रहा है। हालांकि ऐसे मंच की आवश्यकता है जहां कारोबार, इनोवेशन और प्रतिभा एक साथ एक ही मंच पर आकर विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धी डिजिटल हब बना सकें। दिल्ली-एनसीआर और बैंगलोर में बड़ी संख्या में मौजूद आईटी प्रतिभा तथा बेहतर इन्क्यूबेटर एवं एक्सेलरेटर प्रोग्रामों के चलते नए विचारों को प्रोत्साहन मिला है। एशिया पेसिफिक में 8.4 मिलियन उम्मीदवार हैं जो स्टैम (Science, Technology, Engineering and Mathematics - STEM) में ग्रेजुएट हैं, इनमें से 30 फीसदी भारत में हैं, जोकि एक बड़ी संख्या है।’’


दुनिया के अग्रणी टेक हब सिलिकाॅन वैली टेक्नोलाॅजी सेक्टर के विकास के लिए अनुकूल है

दुनिया के अग्रणी टेक हब सिलिकाॅन वैली का वातावरण टेक्नोलाॅजी सेक्टर के विकास के लिए अनुकूल है, एशिया पेसिफिक के कई शहरों में अपनी विशिष्ट क्षमताएं और कमज़ोरियां हैं। अग्रणी टेक्नोलाॅजी शहर जैसे बीजिंग, बैंगलोर, शंघाई, सिंगापुर और गुड़गांव एक गतिशील प्रणाली का निर्माण कर रहे हैं और तकनीक के द्वारा सेक्टर के विकास के प्रोत्साहित कर रहे हैं। जिसका श्रेय इन क्षेत्रों में मौजूद कारोबार की व्यवहारिक परिस्थितियों, आधुनिक तकनीकों तथा कारोबार के अनुकूल लागत एवं उपलब्धता को जाता है। इन सभी पहलुओं केे नज़रिए से देखा जाए तो ये शहर अग्रणी स्थिति पर हैं और बड़ी संख्या में पारम्परिक एवं आधुनिक कंपनियों के लिए पंसदीदा गंतव्य बने हुए हैं जो एशिया पेसिफिक में अपने आप को मजबूती से स्थापित करना चाहती हैं। बैंगलोर इस दृष्टि से भारत में सबसे अग्रणी है, इसके बाद अगला स्थान गुड़गांव का है। जिसका श्रेय इन शहरों में मौजूदा प्रतिभा, आधुनिक बुनियादी सुविधाओं, सशक्त आर एण्ड डी प्रणाली तथा प्रतिस्पर्धी लागत को जाता है।


बैंगलोर में देश के 30 फीसदी स्टार्ट-अप हैं

भारत की स्टार्ट-अप राजधानी कहलाने वाले शहर बैंगलोर में देश के 30 फीसदी स्टार्ट-अप हैं जो भारत में टेक सेक्टर के विकास में उल्लेखनीय योगदान देते हैं। 155 मिलियन वर्ग फीट के साथ शहर में देश का सबसे बड़ा आॅफिस स्टाॅक है, 2021 से पहले यहां 30 मिलियन वर्ग फीट कार्यालय स्थल था। शहर में रेंटल क्षेत्र भी तेज़ी से विकसित हो रहा है, क्योंकि टेक स्पेस में लगातार विकास की उम्मीद है।



गुड़गांव में सबसे बड़े विश्वस्तरीय एवं घरेलू कोरपोरेशन हैं

‘मिलेनियल सिटी’ कहलाने वाले शहर गुड़गांव में कुछ सबसे बड़े विश्वस्तरीय एवं घरेलू कोरपोरेशन हैं। बड़ी संख्या में संगठन अपने बैंक-ऑफिस/ फ्रंट ऑफिस यहां शुरू करने पर विचार कर रहे हैं। देश की राजधानी तथा अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के नज़दीक होने के कारण यह क्षेत्र अधिकतर साॅफ्टवेयर पेशेवरों के लिए सुलभ है। इसके आॅफिस स्टाॅक के आकार और गुणवत्ता तथा टैक सेक्टर में सरकारी प्रोत्साहनों के चलते गुड़गांव निवेशकों के राडार पर है।

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