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मोदी सरकार का मेगा प्लान, यहां बनेगा वर्ल्ड क्लास ट्रांसपोर्ट हब

सरकार ने दी एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस अड्‌डा बनाने की मंजूरी

Where is Transport hubs in India


नई दिल्ली. सरकार ने ग्रेटर नोएडा में एक मल्टी मॉडेल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच) को मंजूरी दी है, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की बढ़ती आबादी के लिए विश्व स्तरीय परिवहन की सुविधाएं प्रदान करेगी। IITGNL के प्रबंध निदेशक नरेंद्र भूषण ने यह जानकारी दी।

 

4304 करोड़ होगा इन्वेस्टमेंट 
इंवेस्टमेंट प्रमोशन एजेंसियों के साथ डीएमआईसी स्मार्ट सिटीज और अन्य परियोजनाओं की हालिया प्रगति के बारे में बात करते हुए भूषण ने कहा, NICDIT द्वारा 4,304 करोड़ रुपये का निवेश स्वीकृत किया गया है। NICDIT, DMIC सहित औद्योगिक कॉरिडोर के विकास के लिए डीआईपीपी, वाणिज्य मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक शीर्ष निकाय है।

 

80 फीसदी भूमि अधिग्रहण हुआ 
प्रोजेक्ट के लिए लगभग 80 प्रतिषत भूमि अधिग्रहण कर ली गई है। इस बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा कि बस-वे के साथ इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) और लोकल बस टर्मिनल (एलबीटी) होगा। भूषण ने कहा कि एसपीवी एक भारतीय रेलवे स्टेशन भी स्थापित करेगा।

 

यहां बनेगा एयरपोर्ट 
भूषण ने कहा, हम अगले साल तक निवेश भागीदारों की तलाश में हैं, क्योंकि सभी मंजूरी मिल चुकी है। प्रस्तावित जेवर हवाई अड्डे के लिए, आरएफपी जल्द ही तैयार हो जाएगा, जिसे 1350 हेक्टेयर में बनाया जाएगा और जिसमें एक रनवे भी होगा। पहले चरण में इसकी साढ़े छह करोड़ से सात करोड़ यात्रियों को हैंडल करने की क्षमता होगी।’’ उन्होंने कहा कि एसपीवी को इस क्षेत्र में हवाई अड्डे से 10,000 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद है।

 

यहां बनेगा फ्रेट विलेज 
इसके साथ-साथ डीएमआईसी के द्वारा हरियाणा में नंगल चैधरी में एक एकीकृत बहु-मॉडल रसद केंद्र भी विकसित किया जाएगा जो ‘फ्रेट विलेज’ के नाम से जाना जाएगा। इसके विषाल इंफ्रास्ट्रक्चर घटकों में सड़कें और सेवाएं, इमारत का परिसर, पानी, सीवेज और आम प्रदूषण उपचार संयंत्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में फ्रेट गांव का विकास 886.78 एकड़ भूमि के भूखंड पर होगा जो परियोजना स्पेषल परपस वेहिकल (एसपीवी) द्वारा दो चरणों में लागू किया जाएगा।

 

ये होंगी विशेषताएं 
फ्रेट गांव दबला में पश्चिमी समर्पित फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) के माध्यम से जुड़ा होगा, जो लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर है। डीएफसी के साथ एकीकृत इस रसद केंद्र में प्रमुख बंदरगाहों और औद्योगिक केंद्रों के लिए तेज गति वाली कनेक्टिविटी, माल की आपूर्ति की कम लागत, रियल टाइम फ्रेट ट्रैकिंग और डेटा विश्लेषण, हाइंटरलैंड से अंतिम मील गेटवे पोर्ट कनेक्टिविटी और अन्य विषेशताएं होंगी।

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