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सोलर प्रोजेक्‍ट में मेड इन इंडिया के नाम पर चीन का यूज, होगी जेल

सोलर प्रोजेक्‍ट्स में डोमेस्टिक की बजाय इंपोर्टेड सोलर सेल का इस्‍तेमाल करने पर क्रिमिनल कार्रवाई हो सकती है

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नई दिल्‍ली । सोलर पावर प्रोजेक्‍ट्स में डोमेस्टिक की बजाय इंपोर्टेड सोलर सेल व मॉड्यूल का इस्‍तेमाल करने पर क्रिमिनल कार्रवाई हो सकती है। ऐसे प्रोजेक्‍ट डेवलपर्स के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करके जेल भी भेजा जा सकता है। इस तरह की शिकायत मिलने पर मिनिस्‍ट्री ऑफ न्‍यू एंड रिन्‍यूएबल एनर्जी (एमएनआरई) ने यह निर्देश जारी किया है। 

 

क्‍या है मामला ? 
दरअसल, साल 2013 में सोलर सेल और मॉड्यूल बनाने वाली डोमेस्टिक इंडस्‍ट्री को प्रमोट करने के लिए सरकार ने वर्ल्‍ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (डब्‍ल्‍यूटीओ) के नियमों के मुताबिक डोमेस्टिक कंटेंट रिक्‍वायरमेंट (डीसीआर) की पॉलिसी बनाई थी। इसके मुताबिक, जो सोलर पावर प्रोजेक्‍ट डीसीआर कैटेगिरी के तहत बनाया जाएगा, उसमें डोमेस्टिक सोलर सेल व मॉड्यूल इस्‍तेमाल होंगे। हालांकि साल 2014 में अमेरिका ने डब्‍ल्‍यूटीओ से शिकायत की थी कि भारत सरकार इस तरह के निर्देश जारी नहीं कर सकती, जिसके बाद भारत सरकार ने यह पॉलिसी केवल सरकारी प्रोजेक्‍ट्स पर ही लागू करने का निर्णय लिया था 

 

क्‍या मिली शिकायत ? 
एमएनआरई सूत्रों का कहना है कि इसके बाद से सरकार को लगातार शिकायत मिल रही थी कि डीसीआर कैटेगिरी के तहत बन रहे सोलर पावर प्रोजेक्‍ट्स में इस पॉलिसी का गलत फायदा उठाते हुए डेवलपर्स डोमेस्टिक कंटेंट का तो डिक्‍लरेशन दे रहे हैं, लेकिन इस्‍तेमाल इंपोर्टेड सोलर सेल व मॉड्यूल किए जा रहे हैं। इससे जहां डोमेस्टिक इंडस्‍ट्री को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं डेवलपर्स सस्‍ते और खराब क्‍वालिटी के सोलर सेल व मॉड्यूल का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। 

 

 

 

ये होगी कार्रवाई 
इस शिकायत के बाद एमएनआरई की ओर से जारी ओएम में कहा गया है कि पॉलिसी के मिसयूज की शिकायत सही पाई जाती है कि जिन प्रोजेक्‍ट्स में डोमेस्टिक कंटेंट का इस्‍तेमाल जरूरी हो, वहां इंपोर्टेड कंटेंट का इस्‍तेमाल किया जा रहा है तो उस प्रोजेक्‍ट के डेवलपर्स के 5 तरह के एक्‍शन लिए जा सकते हैं। 
1. भारतीय दंड संहिता की धारा 420 व अन्‍य के तहत क्रिमिनल केस दर्ज करना। 
2. डेवलपर को 10 साल के लिए ब्‍लैक लिस्‍ट करना 
3. बैंक गारंटी को जब्‍त करना 
4. संबंधित सरकारी कंपनी या राज्‍य सरकार के खिलाफ अनुशासनात्‍मक कार्रवाई करना 
5. इन सबके अलावा भी कोई और कार्रवाई करना

 

आगे पढ़ें : कौन देता है टेंडर ? 

 

 

कौन देता है टेंडर ? 

देश में डीसीआर कैटेगिरी के तहत कई प्रोजेक्‍ट्स बन रहे हैं, जिनके टेंडर सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई) और नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) द्वारा दिए गए हैं। प्रोजेक्‍ट डेवलपर्स में कई विदेशी कंपनियां भी शामिल हैं। एमएनआरई ने दोनों एजेंसियों से कहा है कि इस नए निर्देश के तहत डेवपलपर्स पर नजर रखी जाए और नियम का पालन न करने वाले डेवलपर्स के खिलाफ कार्रवाई की जाए। 

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