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'उदय' : राज्‍यों को टैरिफ से मिला 20 हजार करोड़ का एडिशनल रेवेन्‍यू, 1% घटी बिजली चोरी

नवंबर 2015 से शुरू हुई उज्‍जवल डिस्‍कॉम्‍स एश्‍योरेंस योजना (उदय) के परिणाम दिखने लगे हैं।

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नई दिल्‍ली। नवंबर 2015 से शुरू हुई उज्‍जवल डिस्‍कॉम्‍स एश्‍योरेंस योजना (उदय) के परिणाम दिखने लगे हैं। पावर मिनिस्‍ट्री की साल 2017-18 की रिपोर्ट बताती है कि उदय की वजह से डिस्‍कॉम्‍स के एडिशनल रेवेन्यू में लगभग 100 फीसदी की वृद्धि हुई, जबकि बिजली चोरी में एक फीसदी की कमी आई है। 

 

टैरिफ से मिला एडशिनल रेवेन्‍यू 
मिनिस्‍ट्री की रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनेंशियल ईयर 2017-18 में टैरिफ बढ़ने की वजह से 19 राज्‍यों की डिस्‍कॉम्‍स को 20,427 करोड़ रुपए का एडिशनल रेवेन्‍यू मिला, जबकि साल 2016-17 में 10,009 करोड़ रुपए मिला था। यानी कि डिस्‍कॉम्‍स के एडिशनल रेवेन्‍यू में 100 फीसदी की वृद्धि हुई है। 

 

एटीएंडसी लॉस घटा 
उदय स्‍कीम के तहत केंद्र सरकार का फोकस राज्‍यों में बिजली चोरी (एटीएंडसी लॉस) को कम करना था। इसके परिणाम भी देखने को मिलने लगे हैं। मिनिस्‍ट्री की रिपोर्ट बताती है कि साल 2016 में उदय में शामिल राज्‍यों में एटीएंडसी लॉस 21 फीसदी तक पहुंच गया था, जो 2017 में घटकर 20 फीसदी तक पहुंच गया। 

 

इन राज्‍यों में घटी चोरी 
रिपोर्ट में कहा गया है कि हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, त्रिपुरा, उत्‍तराखंड और गोवा में 2017-18 में एटीएंडसी लॉस का टारगेट हासिल कर लिया, जबकि हरियाणा, राजस्‍थान, बिहार, मणिपुर, छतीसगढ़, महाराष्‍ट्र, झारखंड और पंजाब में एटीएंडसी लॉस कम हुआ है। हालांकि ये राज्‍य टारगेट अचीव नहीं कर पाए हैं। दिलचस्‍प्‍ा बात यह है कि इस रिपोर्ट में उत्‍तर प्रदेश में एटीएंडसी लॉस को लेकर कोई आंकड़ा नहीं दिया गया है। 

 

फाइनेंशियल लॉस में भी आई कमी 
रिपोर्ट में डिस्‍कॉम्‍स द्वारा अपने फाइनेंशियल लॉस में कमी लाने को भी बड़ा अचीवमेंट माना गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2016-17 में राज्‍यों को 49,383 करोड़ रुपए का फाइनेंशियल लॉस हुआ, लेकिन साल 2017-18 में राज्‍यों को 37,117 करोड़ रुपए का लॉस हुआ। यानी कि फाइनेंशियल लॉस में लगभग 33 फीसदी की कमी आई है। 

 

इन राज्‍यों में बढ़ी बिजली की कीमतें 
वहीं, मिनिस्‍ट्री ऑफ पावर की एक और रिपोर्ट के मुताबिक, उदय में शामिल होने के बाद साल 2017-18 में राज्‍यों ने बिजली दरों में नेशनल एवरेज से अधिक वृद्धि की। जैसे कि - 
बिहार : 56 फीसदी 
उत्‍तर प्रदेश : 22 फीसदी 
पंजाब : 9.3 फीसदी 
मध्‍यप्रदेश : 9.42 फीसदी 
कर्नाटक : 8 फीसदी 
आसाम : 6 फीसदी 

 

क्‍यों बढ़ी बिजली की कीमतें 
पावर सेक्‍टर के जानकार शैलेन्द्र दुबे ने ‘मनी भास्‍कर’ से कहा कि नई टैरिफ पॉलिसी में साफ तौर पर कहा गया है कि कंपीटिटिव बिडिंग के आधार पर लगने वाले पावर प्रोजेक्‍ट को डोमेस्टिक ड्यूटी, लेवी, टैक्स आदि में बढ़ोत्तरी होने पर बिजली की दरें बढ़ाने का अधिकार होगा। इसका सीधा सा मतलब यह है कि कोयले के दाम में होने वाली वृद्धि का बोझ भी उपभोक्ता पर अपने आप ट्रांसफर हो रहा है। इसके अलावा उदय स्‍कीम में डिस्‍कॉम्‍स की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए प्रावधान किया गया है कि स्‍टेट इलेक्ट्रिसिटी रेग्‍युलेटर्स को हर तीन माह में टैरिफ का रिवीजन किया जा रहा है। 

 

उदय में कितने राज्‍य शामिल 
पावर मिनिस्‍ट्री की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक सभी 31 राज्‍यों और केंद्र शासित राज्‍यों ने उदय स्‍कीम के तहत केंद्र के साथ एमओयू साइन कर लिया है। इनमें 16 राज्‍यों ने ऑपरेशनल एवं फाइनेंशियल इंप्रूवमेंट दोनों के लिए स्‍कीम ज्‍वाइन की है, जबकि 15 राज्‍यों ने केवल ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए स्‍कीम ज्‍वाइन की है। 

 

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