बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Infrastructureरोज का टारगेट 1.30 लाख कनेक्शन, लग रहे 30 हजार, कैसे पूरा होगा सबको बिजली का वादा

रोज का टारगेट 1.30 लाख कनेक्शन, लग रहे 30 हजार, कैसे पूरा होगा सबको बिजली का वादा

डेड लाइन नजदीक आती देख मिनिस्‍ट्री ऑफ पावर ने सक्रियता बढ़ा दी है

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नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अक्‍टूबर 2017 में सौभाग्‍य स्‍कीम लॉन्‍च की थी, जिसका मकसद 31 दिसंबर 2018 तक 3.70 करोड़ घरों में बिजली पहुंचाना है, लेकिन लगभग छह माह बीतने वाले हैं, परंतु अब तक 39.49 लाख घरों तक ही बिजली पहुंच पाई है। रोजाना औसतन सरकार लगभग 30 हजार घरों में कनेक्‍शन लगाए जा रहे हैं और टारगेट को हासिल करने के लिए सरकार को अब चार गुणा से अधिक स्‍पीड से काम करते हुए 1.33 लाख कनेक्‍शन रोजाना लगाने होंगे। हालांकि डेड लाइन नजदीक आती देख मिनिस्‍ट्री ऑफ पावर ने सक्रियता बढ़ा दी है और राज्‍यों से कहा है कि वे स्‍पीड में तेजी लाएं और टारगेट को हासिल करने में केंद्र का सहयोग करें। 

 

कहां तक पहुंची 'सौभाग्‍य' 
- प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्‍य) के पोर्टल के मुताबिक, 6 अप्रैल 2018 तक 3949248 घरों में कनेक्‍शन लगा दिए गए हैं। यह स्‍कीम 11 अक्‍टूबर 2017 से शुरू हुई है। 
- टारगेट  31 दिसंबर 2018 तक 32970633 घरों में बिजली कनेक्‍शन लगाना है। 

 

किन राज्‍यों में कहां पहुंचा टारगेट 
उत्‍तर प्रदेश : 55 फीसदी टारगेट पूरा 
झारखंड : 47 फीसदी टारगेट पूरा 
आसाम : 55 फीसदी टारगेट पूरा 
ओडिशा : 63 फीसदी टारगेट पूरा 
बिहार : 73 फीसदी टारगेट पूरा 
राजस्‍थान : 79 फीसदी टारगेट पूरा 
अरुणाचल प्रदेश : 65 फीसदी टारगेट पूरा 
त्रिपुरा : 72 फीसदी टारगेट पूरा 
मध्‍यप्रदेश : 83 फीसदी टारगेट पूरा 

 

जनवरी से बढ़ी स्‍पीड 
- अक्‍टूबर से दिसंबर 2017 तक यह स्‍कीम बेहद धीमी गति से चल रही थी और औसतन महीने में 2 से 4 लाख घरों में कनेक्‍शन लगाए जा रहे थे। 
- जनवरी से स्‍पीड में काफी तेजी आई। जनवरी में 9.97 लाख, फरवरी में 11.79 लाख और मार्च में 8.76 लाख घरों में बिजली कनेक्‍शन लगाए गए। 
- लेकिन अब टारगेट को हासिल करने के लिए रोजाना लगभग 1.30 लाख यानी महीने में औसतन 39 लाख कनेक्‍शन लगाने होंगे। 

 

राज्‍यों को लिखा पत्र 
बेहद धीमी गति से चल रही इस स्‍कीम को देखते हुए पावर मिनिस्‍ट्री ने राज्‍यों को पत्र लिखा है। मिनिस्‍ट्री ने राज्‍यों को बताया है कि उनके राज्‍य में कितने घरों में कनेक्‍शन नहीं हैं और वहां कनेक्‍शन लगाने के लिए केंद्र की सौभाग्‍य स्‍कीम में अप्‍लाई करें। राज्‍यों ने अर्बन एरिया में गैर कनेक्‍शन वाले घरों की सूची तक नहीं भेजी है। पावर मिनिस्‍ट्री ने कहा कि अर्बन एरिया में अनइलेक्ट्रिफाइड घरों की डिटेल मुहैया कराई जाए। 

 

क्‍या है सौभाग्‍य 
प्रधानमंत्री ने 26 सितंबर 2017 को घोषणा की थी कि दिसंबर 2018 तक सौभाग्‍य स्‍कीम के तहत 4 करोड़ घरों तक बिजली पहुंचाई जाएगी। बीपीएल कैटेगिरी के लोगों को मुफ्त में कनेक्‍शन दिए जाएंगे, जबकि जनरल कैटेगिरी के लोगों को 500 रुपए देने होंगे। कनेक्‍शन का मतलब बिजली के खंभे से लेकर घर तक सर्विस केबल, बिजली का मीटर, एक एलईडी बल्‍ब और एक मोबाइल चार्जर प्‍वाइंट। हालांकि बाद में पावर मिनिस्‍ट्री ने इसकी कैलकुलेशन की, तो पाया कि 4 करोड़ 60 लाख घरों में बिजली का कनेक्‍शन नहीं है। इनमें से बड़ी संख्‍या में दीनदयाल ग्राम ज्‍योति योजना के तहत कनेक्‍शन दिए जा चुके हैं। इसके बाद 11 अक्‍टूबर 2017 से नए टारगेट पर काम शुरू किया गया। 

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