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2019 चुनाव से पहले बिजली पर मोदी नहीं पूरा कर पाएंगे अपना वादा, ये 5 फैक्‍टर हैं वजह

नई दिल्‍ली। आम चुनाव 2019 तक रूरल एरिया में सबको बिजली देने के वादे को पूरा करना सरकार के लिए आसान नहीं होगा। सरकार की सबसे महत्‍वपूर्ण दीनदयाल उपाध्‍याय ग्रामीण ज्‍योति योजना अभी तक टारगेट से बहुत दूर है।  इस योजना का मकसद रूरल एरिया में बिजली के नेटवर्क में सुधार करना है, जिसके लिए पांच तरह के काम हो रहे हैं, लेकिन ये सभी टारगेट से 80 से 90 फीसदी दूर हैं। ऐसे में, यदि नेटवर्क में सुधार नहीं होता है तो साल 2019 तक 4 करोड़ घरों में बिजली पहुंचाने के लिए शुरू की गई सौभाग्‍य स्‍कीम का मकसद भी पूरा नहीं हो पाएगा। 

 

11 फीसदी लगे सब स्‍टेशन 
हाल ही में पावर मिनिस्‍ट्री में हुई बैठक में डीडीयूजीजेवाई की समीक्षा की गई है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि इस योजना के तहत रूरल एरिया में 33/11 केवी सब स्‍टेशन लगाए जाने हैं। इनमें अब तक 1825 नए सब स्‍टेशन लगाने के काम को मंजूरी भी मिल गई है। इसमें 1591 सब स्‍टेशन का काम अवार्ड भी हो चुका है, लेकिन केवल 168 सब स्‍टेशन ही लग पाए हैं। यानी कि केवल 11 फीसदी काम पूरा हो पाया है। वहीं, 2145 सब स्‍टेशन की कैपेसिटी बढ़ाई जानी है, लेकिन अब तक केवल 27 फीसदी 414 सब स्‍टेशन की कैपेसिटी बढ़ाई गई है। 

 

15 से 20 फीसदी हो पाया लाइन का काम 
ट्रांसमिशन नेटवर्क में लाइन बिछाने का काम भी इस डीडीयूजीजेवाई के तहत होना है। 123653 सर्किट किलोमीटर एलटी लाइन बिछाने के काम को मंजूरी मिल चुकी है, सिजमें 98252 सर्किट किलोमीटर का काम भी अवार्ड हो चुका है, लेकिन केवल 31794 सर्किट किलोमीटर लाइन का काम ही पूरा हो पायाहै। वहीं 33 एवं 66 केवी लाइन का काम केवल 8 फीसदी पूरा हुआ है तो 11केवी लइान का काम 15 फीसदी ही पूरा हो पाया है। 

 

8 फीसदी हुआ फीडर सेग्रिगेशन का काम 
सरकार चाहती है कि रूरल एरिया में अलग फीडर से बिजली दी जाए, इसलिए डीडीयूजीजेवाई के तहत फीडर सेग्रिगेशन काम शुरू किया गया। इसके तहत अब तक 159571 सर्किट किलोमीटर के काम को मंजूरी तो मिल चुकी है, लेकिन काम अब तक 11679 सर्किट किलोमीटर (8 फीसदी) ही पूरा हो पाया है। 

 

9 फीसदी ही लग पाए ट्रांसफॉर्मर 
पावर डिस्ट्रिब्‍यूशन में ट्रांसफॉर्मर का काम मुख्‍य होता है। लेकिन रूरल एरिया में कम ट्रांसफॉर्मर होने के कारण लोड अधिक होने पर फुंकने की घटनाएं अकसर होती हैं। यही वजह है कि सरकार ने अब तक 385638 डिस्ट्रिब्‍यूशन ट्रांसफॉर्मर लगाने की मंजूरी तो दे दी है, लेकिन अब तक केवल 9 फीसदी (31108) ट्रांसफॉर्मर ही लग पाए हैं। 

 

एनर्जी मीटर भी नहीं लगे 
सरकार तीन तरह के एनर्जी मीटर लगा रही है। इसमें कंज्‍यूमर, डीटीआर और फीडर मीटर शामिल हैं। ये तीनों तरह के मीटर अपने टारगेट से दूर हैं। 
मीटर                       सेंक्‍शन                अवार्ड               कम्‍प्‍लीट           फीसदी 
कंज्‍यूमर                 15160243          10371200          3242446          31 
डीटीआर                  377120             331082            32665                10 
फीडर                      29336                  14817             3822                28           

 

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