Home » Economy » InfrastructureIndian Railway : train from Delhi to Leh may be possible soon

चीन तक पहुंचाएगी यह रेल लाइन, भारत खर्च करेगा 83 हजार करोड़ रुपए

दुनिया की सबसे ऊंची रेलवे लाइन की यह होगी खासियत

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नई दिल्ली. पड़ोसी देश चीन की सीमा तक पहुंचने के लिए इंडियन रेलवे ने नई दिल्ली और लद्दाख रीजन तक रेलवे लाइन बिछाने की योजना बनाई है। यह दुनिया की सबसे ऊंची रेलवे लाइन होगी। इस रेलवे लाइन को एक रणनीति के तहत बिछाया जाएगा। इस बिलासपुर-मनाली-लेह लाइन के लिए पहले चरण का सर्वे पूरा कर लिया गया है। यह रेलवे लाइन सेना को सहयोग करेगी साथ में पर्यटन को बढ़ाने में भी मददगार साबित होगी। 

 

20 घंटे में दिल्ली से लेह 
रेलवे लाइन का काम पूरा होने के बाद दिल्ली से लेह की दूरी मात्र 20 घंटे की रह जाएगी। अभी इसी दूरी को तय करने में 40 घंटे का वक्त लगता है। उम्मीद है कि 30 महीने में लोकेशन सर्वे पूरा हो जाएगा। इसके बाद प्रॉजेक्ट पर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। 

 

सबसे ऊंची होगी रेल लाइन 
इस रेलवे लाइन की ऊंचाई समुद्र तल से 5,360 मीटर तक होगी। वर्तमान में चीन में तिब्बत तक बिछाई गई पटरी की ऊंचाई सबसे ज्यादा है। यह समुद्र तल से 2,000 मीटर की ऊंचाई पर है। 465 किलोमीटर की इस लाइन को बनाने में लगभग 83,360 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इस प्रॉजेक्ट में 74 सुरंगें भी शामिल होंगी। इसके अलावा 124 बड़े पुल और 396 छोटे पुल बनाए जाएंगे। इस लाइन पर 30 स्टेशन होंगे। 
 

सुरंग में रेलवे स्टेशन 
खास बात होगी कि इस लाइन पर 3,000 मीटर की ऊंचाई पर सुरंग की भीतर रेलवे स्टेशन बनाया जाएगा। आधे से ज्यादा रास्ता सुरंगों में होगा और सबसे लंबी सुरंग 27 किलोमीटर की होगी। सुरंग की कुल लंबाई 244 किलोमीटर की होगी। 
 

आगे पढ़ें : किन इलाकों को जोड़ेगी रेल लाइन 

 

जुड़ेंगे ये इलाके 
इस रूट के जरिए बिलासपुर और लेह के बीच महत्वपूर्ण जगहें जुड़ जाएंगी। इनमें सुंदरनगर, मंडी, मनाली, कीलॉन्ग, कोकसार, कारू, डार्चा और उपशी जैसे शहर शामिल हैं। इस पर मौसम का विपरीत असर नहीं पड़ेगा। बता दें कि लद्दाख क्षेत्र में भारी बर्फबारी की वजह से रोड और एयर कनेक्टिविटी प्रभावित होती है। 

 

आगे पढें : कुंभ की तैयारी 

कुंभ की तैयारियों में जुटा रेलवे 
वहीं, इंडियन रेलवे ने प्रयागराज (इलाहाबाद) में कुंभ मेले की तैयारियां तेज कर दी है। यहां 700 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कुंभ मेले की शुरूआत अगले साल 15 जनवरी से होगी। प्रयागराज जंक्शन पर चार बड़े अहाते बनाए गए हैं, जिनमें करीब 10 हजार तीर्थयात्री ठहर सकते हैं। इनमें से दो अहाते इस महीने के अंत तक पूरे बन जाएंगे और बाकी दो नवंबर के आखिर तक बन जाएंगे। इन अहातों में बिक्री स्टॉल, पानी के बूथ, टिकट काउंटर, एलसीडी टीवी और जन सूचना प्रणाली लगी होगी। 

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