Home » Economy » Infrastructureवेटिंग रूम, क्‍लॉक रूम और पार्सल सर्विस प्राइवेट सेक्‍टर को सौंपेगी रेलवे बोर्ड - Outsourcing of Parcel and clock room services may start in Northern Railway

वेटिंग रूम, क्‍लॉक रूम और पार्सल सर्विस प्राइवेट सेक्‍टर को सौंपेगी रेलवे, बोर्ड ने दी मंजूरी

रेलवे बोर्ड ने वेटिंग रूम, क्‍लॉक रूम और पार्सल हैंडलिंग सर्विस कोआउटसोर्स करने का फैसला लिया है

1 of

नई दिल्‍ली। रेलवे बोर्ड ने वेटिंग रूम, क्‍लॉक रूम और पार्सल हैंडलिंग सर्विस को  आउटसोर्स करने का फैसला लिया है। फिलहाल ये तीनों सर्विस दिल्‍ली डिवीजन में पायलट प्रोजेक्‍ट के तौर पर शुरू की जाएगी। अगर यह पायलट प्रोजेक्‍ट सफल रहा तो ये तीनों सर्विस सभी जोन, डिविजन में आउटसोर्स की जाएंगी। रेलवे बोर्ड ने नार्दर्न रेलवे के जीएम लिखे पत्र में इस फैसले की जानकारी दी है। 

 

पार्सल हैंडलिंग सर्विस 
रेलवे बोर्ड के पत्र के मुताबिक रेलवे स्‍टेशनों पर पार्सल ट्रेफिक बढ़ता जा रहा है। पार्सल लोडिंग, अनलोडिंग और हैं‍डलिंग एक बड़ी समस्‍या बनती जा रही है, जिस कारण पैसेंजर्स को भी दिक्‍कत होती है। इसलिए दिल्‍ली डिविजन में पार्सल और लगेज की बुकिंग, स्‍टेकिंग और हैंडलिंग का काम आउटसोर्स करने का निर्णय लिचया गया है। आउटसोर्स एजेंसी का सेलेक्‍शन बिडिंग प्रोसेस से फाइनल किया जाएगा। 

 

क्‍लॉक रूम सर्विस 
बोर्ड ने दिल्‍ली डिविजन के ए-वन और ए क्‍लास स्‍टेशन पर क्‍लॉक रूम सर्विस को अपग्रेडेशन का काम बिल्‍ड ऑपरेट एंड ट्रांसफर (बीओटी) मॉडल के तहत प्राइवेट सेक्‍टर को देने का भी निर्णय लिया है। यह भी पायलट प्रोजेक्‍ट होगा। इसके तहत रेलवे द्वारा लाइसेंसिंग चार्ज की एवज में स्‍पेस प्रोवाइड कराया जाएगा। कंसेशन पीरियड दिल्‍ली डिविजन द्वारा तय किया जाएगा। कंपनी को कम्‍प्‍यूटराइज्‍ड इनवेंटरी मैनेजमेंट और मॉडर्न लॉकर फैसिलिटी प्रोवाइड करानी होगी। 

 

वेटिंग रूम सर्विस 
बोर्ड ने रेलवे स्टेशनों पर बने वेटिंग रूम को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के तहत मॉर्डन फैसिलिटी के साथ अपग्रेड करने का निर्णय लिया है। इन वेटिंग रूम में लाइट रिफ्रेशमेंट, बेवरेज, टीवी, अपग्रेड फर्नीचर, टायलेट के अलावा अन्‍य प्रमुख सर्विसेज मुहैया कराई जाएगी। बिड जीतने वाली कंपनी को एडवरटाइजमेंट के माध्‍यम से रेवेन्‍यू बढ़ाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। 

 

तीन माह बाद होगा फैसला 
बोर्ड के पत्र में कहा गया है कि इन पायलेट प्रोजेक्‍ट्स के तीन माह के बाद डिटेल एसेसमेंट रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यह रिपोर्ट डीआरएम या डीएलआई द्वारा नॉर्दर्न रेलवे के जीएम के माध्‍यम से रेलवे बोर्ड को भेजी जाएगी। इस रिपोर्ट के बाद यह तय किया जाएगा कि इन सर्विसेज को दूसरे डिविजन में भी लागू किया जाए या नहीं। 

 

कैटरिंग सर्विस पर चल रहा है विचार 
गौरतलब है कि रेलवे मिनिस्‍टर पीयूष गोयल के निर्देश पर अफसरों की एक कमेटी का गठन किया गया है, जो कैटरिंग सर्विस के इम्‍प्रूवमेंट खासकर ट्रेनों में फूड और बेवरेज की क्‍वालिटी और क्‍वालिटी बेस्‍ड बिडिंग सिस्‍टम पर विचार कर रही है। कमेटी ने अपनी सिफारिशें रेलवे बोर्ड को भेज दी हैं। जिस पर रेलवे विचार कर रहा है। इसके बाद कैटरिंग सर्विस भ आउटसोर्स की जा सकती है। 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट