Home » Economy » Infrastructureonly 970 KM rail lines laid by Railway in last year

स्‍लो ट्रैक पर चल रहा है रेलवे का काम, 3500 की जगह 970 KM ही बन पाई लाइनें

आम बजट 2018-19 में रेलवे के लिए कई घोषणाएं की गई हैं, लेकिन 2017-18 में की गई घोषणाएं पूरी नहीं हो पाई।

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नई दिल्‍ली। आम बजट 2018-19 में रेलवे के लिए कई घोषणाएं की गई हैं, लेकिन 2017-18 में की गई घोषणाएं पूरी नहीं हो पाई। पिछले साल घोषणा की गई थी कि 2017-18 में 3500 किलोमीटर लंबी रेलवे लाइन कमीशन की जाएंगी, लेकिन ट्रैक रिन्‍यूअल किया जाएगा, लेकिन नवंबर माह तक केवल 970 किलोमीटर लाइन कमीशन की गई, जबकि रेलवे स्‍टेशन रिडेवलमेंट के मामले में भी रेलवे का रिकॉर्ड अच्‍छा नहीं रहा।

 

 

क्‍या थी पिछले साल की घोषणा ?

पिछले बजट में फाइनेंस मिनिस्‍टर अरुण जेटली ने घोषणा की थी कि साल 2017-18 के लिए रेलवे का कुल कैपिटल और डेवलपमेंट एक्‍सपेंडिचर 1 लाख 31 हजार करोड़ रुपए का होगा। इसमें से 20 हजार करोड़ रुपए रेलवे सेफ्टी के लिए दिए गए थे। इसके अलावा रेलवे को 3500 किलोमीटर रेलवे लाइन कमीशन का टारगेट दिया गया था, जो कि साल 2016-17 में 2800 किलोमीटर था। साथ ही, 25 रेलवे स्‍टेशन के रिडेवपलमेंट का काम शुरू करने को कहा गया था।

 

27 फीसदी हुआ काम

 

बृहस्‍पतिवार को जब फाइनेंस मिनिस्‍टर अरुण जेटली ने बजट डाक्‍यूमेंट्स जारी किया तो उसके साथ ही साल 2017-18 के बजट अनाउसमेंट की इम्‍पलिमिटेशन रिपोर्ट भी दी गई है। जिसके मुताबिक, रेलवे ने नवंबर 2017 तक केवल 973.57 किलोमीटर रेलवे लाइन को पैसेंजर के लिए शुरू किया। साथ ही, उम्‍मीद जताई गई है कि साल 2017-18 यानी मार्च 2018 तक 3500 किलोमीटर ट्रैक बन जाएगा।

 

नहीं हुआ स्‍टेशन का रिडेवलपमेंट

इसी डॉक्‍यूमेंट में कहा गया है कि पिछले बजट में 25 रेलवे स्‍टेशन के रिडेवलपमेंट का काम शुरू हो जाएगा, लेकिन हबीब गंज और गांधी नगर स्‍टेशन का काम ही शुरू हो पाया है। हालांकि रेलवे ने एक रिवाइज स्‍कीम शुरू की है, ताकि स्‍टेशन रिडेवलपमेंट का काम फास्‍ट ट्रैक पर आ सके।

 

इस बार रखा गया यह टारगेट

फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने साल 2018-19 के लिए नई घोषणा की है। इसके मुताबिक 2018-19 में 900 किलोमीटर नई रेल लाइन बिछाई जायेगी, जिसके लिए 28940 करोड़ आवंटित किए जाएंगे। इसी तरह 1000 किलोमीटर गेज कन्वर्शन किया जाएगा, जिसके लिए 4016 करोड़ आवंटित किए जाएंगे। इसके अलावा सरकार ने बड़ी संख्या में लाइन डबलिंग का टारगेट रखा गया है। साल 2018-19 में 2100 किलोमीटर लाइन डबल करने का टारगेट है, जिस पर 17359 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।

 

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