बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Infrastructure1 जून से केवल ऑनलाइन मिलेगी भूमि अधिग्रहण प्रपोजल की मंजूरी, रोड एंड ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री का फैसला

1 जून से केवल ऑनलाइन मिलेगी भूमि अधिग्रहण प्रपोजल की मंजूरी, रोड एंड ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री का फैसला

31 मई के बाद हाईवे प्रोजेक्‍ट्स के लिए भूमि अधिग्रहण के प्रपोजल ऑनलाइन ही स्‍वीकृ‍त किए जाएंगे

1 of

 

नई दिल्‍ली. 31 मई के बाद हाईवे प्रोजेक्‍ट्स के लिए भूमि अधिग्रहण के प्रपोजल सिर्फ ऑनलाइन ही स्‍वीकृ‍त किए जाएंगे। 2019 में होने वाले आम चुनाव से पहले हाईवे प्रोजेक्‍ट्स को स्‍पीड देने के लिए सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने जानकारी दी है कि भूमि अधिग्रहण से संबंधित कोई भी प्रपोजल की फिजिकल फाइल नहीं ली जाएगी। मिनिस्‍ट्री ऑफ रोड एंड ट्रांसपोर्ट के मुताबिक इससे पूरी प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा, साथ ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता भी आएगी। 
 
 
क्‍या हैं निर्देश? 
मिनिस्‍ट्री ऑफ रोड एंड ट्रांसपोर्ट ने नेशनल हाईवे और सेंट्रल फाइनेंस स्‍कीम के साथ डील करने वाले सभी राज्‍यों के पब्लिक वर्क्‍स डिपार्टमेंट्स को लिखे पत्र में कहा है कि मिनिस्‍ट्री की ओर से नेशनल हाईवे प्रोजेक्‍ट्स के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया गया है। इसके लिए भूमिराशि ( BhoomiRashi) वेबपोर्टल बनाया गया है। इस बारे में पहले ही कहा जा चुका है कि भूमि अधिग्रहण से संबंधित कोई भी प्रपोजल भूमिराशि पर ही अप्‍लाई किया जाएगा। बावजूद इसके, अब तक मिनिस्‍ट्री में फिजिकल प्रपोजल जमा कराए जा रहे हैं। लेकिन अब 31 मई के बाद किसी भी फिजिकल प्रपोजल को स्‍वीकार नहीं किया जाएगा। 
 
क्‍या है मकसद? 
मिनिस्‍ट्री ऑफ रोड एंड ट्रांसपोर्ट ने कहा है कि हाईवे प्रोजेक्‍ट्स के लिए भूमि अधिग्रहण प्रोसेस को ऑनलाइन करने के पीछे कई मकसद है। जैसे कि- भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को ऑनलाइन करके इसे पूरी तरह से ट्रांसपैरेंट बनाया जा रहा है। साथ ही, अकाउंटबिलिटी तय हो जाएगी कि भूमि अधिग्रहण क्लियरेंस में देरी की वजह से लिए कौन जिम्‍मेवार है और तीसरा भूमि अधिग्रहण क्लियरेंस का फ्लो स्‍मूथ करना है। मिनिस्‍ट्री के मुताबिक, ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने के बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया फास्‍ट ट्रैक पर आ रही है और इस प्रोसेस में होने वाली देरी में काफी कमी आ रही है। 
 
80 फीसदी डिले हो जाते हैं प्रोजेक्‍ट्स 
मिनिस्‍ट्री की एक रिपोर्ट बताती है कि हाईवे समेत ज्‍यादातर इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रोजेक्‍ट्स में देरी का 80 फीसदी कारण भूमि अधिग्रहण में देरी होना होता है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया इतनी जटिल है कि फाइलें विभाग और मंत्रालयों में ही सालों तक अ‍टकी रहती हैं। यही वजह है कि सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने का निर्णय लिया था।

 

आगे पढ़ें ...कैसे मिलेगी ऑनलाइन मंजूरी

 

 

कैसे मिलेगी ऑनलाइन मंजूरी

हाईवे प्रोजेक्‍ट्स के लिए भूमि अधिग्रहण करने वाले रीजनल ऑफिस को सबसे पहले भूमिराशि पोर्टल पर लॉ‍ग इन करके प्रोजेक्‍ट एड करना होगा, जिसके बाद सेंक्‍शन की डिटेल अपलोड करन होगी। साथ ही, उस लोकेशन को एड करना होगा, जहां भूमि अधिग्रहण किया जाना है। इसके बाद कंपीटेंट अथॉरिटी लैंड एक्विजिशन (सीएएलए) को एड करना होगा। सीएएलए की जिम्‍मेवारी होगी कि वे सर्वे नंबर, भूमि मालिकों की डिटेल और प्रभावित लोगों की डिटेल पोर्टल पर एड करेंगे। इसके बाद रीजनल ऑफिस से अप्रूवल के बाद सीएएलए द्वारा 3ए और 3डी के नोटिफिकेशन पब्लिश करने होंगे। साथ ही, सीएएलए द्वारा भूमि मालिकों को प्रस्‍तावित मुआवजे की राशि भी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इसकी अप्रूवल मिलने के बाद सीएएलए द्वारा भुगतान राशि का पे-ऑर्डर तैयार कर भूमि मालिक के खाते में ट्रांसफर करना होगा।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट