बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Infrastructure3 साल में उत्‍तर भारत में सबसे बड़ी बिजली की शॉर्टेज, डिमांड व सप्‍लाई में 2 करोड़ यूनिट का अंतर

3 साल में उत्‍तर भारत में सबसे बड़ी बिजली की शॉर्टेज, डिमांड व सप्‍लाई में 2 करोड़ यूनिट का अंतर

गर्मी के साथ ही उत्‍तर भारत के राज्‍यों में बिजली संकट गहराने लगा है। कुल 2.093 करोड़ यूनिट बिजली की शॉर्टेज रही

1 of

नई दिल्‍ली. गर्मी के साथ ही उत्‍तर भारत के राज्‍यों में बिजली संकट गहराने लगा है। मंगलवार को इन राज्‍यों में कुल 2.093 करोड़ यूनिट बिजली की शॉर्टेज रही। यह पिछले तीन साल में सबसे अधिक शॉर्टेज है। इससे पहले 2015 में 22 मई को 3.396 करोड़ यूनिट शॉर्टेज रिकॉर्ड की गई थी। बिजली संकट की दो वजह बताई जा रही है। एक तो, आंधी तूफान की वजह से कई ट्रांसमिशन लाइन में आई खराबी अब तक ठीक नहीं हो पाई हैं। दूसरा, कई जनरेशन प्‍लांट भी ठप पड़े हैं। 

 

छह साल का पावर शॉर्टेज रिकॉर्ड 
नॉर्दर्न रीजनल लोड डिस्‍पेच सेंटर (NRLDC) के मुताबिक, पिछले छह साल के दौरान 22 मई को रिकॉर्ड की शॉर्टेज इस प्रकार रही। 
22 मई 2018 को शॉर्टेज : 2.093 करोड़ यूनिट 
22 मई 2017 को शॉर्टेज : 1.376 करोड़ यूनिट 
22 मई 2016 को शॉर्टेज : 0.988 करोड़ यूनिट 
22 मई 2015 को शॉर्टेज : 3.396 करोड़ यूनिट 
22 मई 2014 को शॉर्टेज : 0.392 करोड़ यूनिट 
22 मई 2013 को शॉर्टेज : 4.718 करोड़ यूनिट 

 

आंधी तूफान से बिगड़े हालात 
NRLDC  के मुताबिक, पिछले दिनों आए आंधी तूफान की वजह से कई ट्रांसमिशल लाइनें खराब हो गई थी, उनमें से ज्‍यादातर अभी ठीक नहीं हो पाई है। जैसे कि -
- आगरा - बिश्‍वनाथ - चिरायली लाइन का टावर 2 मई को टूट गया था। इसके 15 जून तक ठीक होने के आसार है। 
- आगरा - झटिकरा लाइन 11 मई को आंधी के कारण ट्रिप कर गई थी, जिसके 31 मई तक ठीक होने के आसार हैं। 
- इसी तरह, आगरा-ग्‍वालियर लाइन, आगरा-अलीगढ़ लाइन, कानपुर न्‍यू-वाराणसी 2, कानपुर न्‍यू-वाराणसी 1,अलीगढ़-ओरैया, आगरा-फतेहपुर, गया-वाराणसी, भिवानी-झटिकरा, उन्‍नाव, बल्‍लभगढ़-बामनौली, मैनपुरी-परीचा, फतेहपुर-सिंगरौली आदि प्रमुख लाइनें ट्रिप हैं। 

 

कई जनरेशन प्‍लांट ठप 
उत्‍तर भारत में पावर शॉर्टेज के लिए जनरेशन प्‍लांट भी ठप होने का एक बड़ा कारण बताया जा रहा है। जो प्‍लांट ठप पड़े हैं, उनमें बदरपुर थर्मल पावर स्‍टेशन, दादरी थर्मल, औरेया गैस पावर स्‍टेशन, फरीदाबाद गैस पावर स्‍टेशन, रिहंद थर्मल, गुरू गोविंद सिंह थर्मल, परीचा थर्मल, सूरतगढ़ थर्मल, कोटा थर्मल आदि प्रमुख हैं। इनके ठप होने की वजह में फ्यूल शॉर्टेज, बॉयलर लीकेज, ट्रांसफार्मर ट्रिपिंग, रिजर्व शटडाउन, एनजीटी द्वारा पॉल्‍यूशन की वजह से बंद करना शामिल है। 

 

कौन से राज्‍य कितनी कमी 
पंजाब : 81.3 लाख यूनिट 
राजस्‍थान : 13.9 लाख यूनिट 
दिल्‍ली : 0.7 लाख यूनिट 
उत्‍तराखंड : 19 लाख यूनिट 
हिमाचल प्रदेश : 1.5 लाख यूनिट 
जम्‍मू कश्‍मीर : 92.8 लाख यूनिट 

 

मुसीबत भरे होंगे अगले तीन महीने

पावर मिनिस्‍ट्री के एक अधिकारी ने कहा कि अभी पावर डिमांड ज्‍यादा नहीं बढ़ी है, लेकिन पावर सिस्‍टम ऑपरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा दूसरे क्‍वार्टर ( जुलाई से सितंबर 2018) के लिए तैयार की गई प्रोजेक्‍शन रिपोर्ट के मुताबिक, अकेले नॉर्दर्न ग्रिड में पावर की डिमांड लगभग 62365 मेगावाट तक पहुंच जाएगी। जो कि अभी 50240 मेगावाट है। जिसमें भी 657 मेगावाट की शॉर्टेज रिकॉर्ड की गई है। इसलिए अगले तीन माह बिजली संकट बढ़ सकता है। इस स्थिति से निपटने के लिए पावर मिनिस्‍ट्री ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में सेंट्रल और स्‍टेट थर्मल पावर प्‍लांट तक अधिक से अधिक कोयला पहुंचाने का फैसला लिया गया है। उन्‍होंने कहा कि फिलहाल कैपटिव पावर प्‍लांट्स को कोयले की आपूर्ति रोक दी गई है।

 

आगे पढ़ें ...

नहीं सुधर रहे हालात

 

दिलचस्‍प बात यह है कि मोदी सरकार लगातार दावा कर रही है कि देश में बिजली का उत्‍पादन बढ़ा है और कटौती कम हुई है। बावजूद इसके, इस साल पावर शॉर्टेज की स्थिति तीन साल पहले वाले हालत पर पहुंच गई है। पावर पॉलिसी एक्‍सपर्ट शैलेंद्र दूबे के मुताबिक, सरकार ने पावर जनरेशन बढ़ाने पर तो ध्‍यान दिया, लेकिन ट्रांसमिशन सिस्‍टम में सुधार नहीं किया गया, जिसकारण देश के पास सरप्‍लस बिजली होने के बावजूद लोगों को संकट का सामना करना पड़ रहा है।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट