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रेलवे में रिमोट का इस्तेमाल करके हो रही चोरी, अब लगेंगे सीसीटीवी कैमरा

मशीन में हेरीफेरी कर स्क्रैप के तोल में की जा रही थी गड़बड़ी

Indian Railway : Scrap theft in Railway store

राजू सजवान / नई दिल्ली.

रेलवे में स्क्रैप चोरी का एक और मामला सामने आया है। इस बार तोल मशीन (weighbridge) में रिमोट के जरिए गड़बड़ी करके यह काम किया जा रहा था। मामला पकड़ आने में आने के बाद अब तोल मशीन पर सीसीटीवी लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि रेलवे ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि अब तक कितना स्क्रैप चोरी हो चुका है। 

 

कहां हो रही चोरी 


तोल मशीन में गड़बड़ी का यह मामला रेल व्हील फैक्ट्री में पकड़ में आया है। पिछले दिनों चीफ मैटेरियल मैनजर्स के साथ रेलवे बोर्ड की एक मीटिंग हुई थी। जिसमें साल 2018 सेल्स परफॉरमेंस का रिव्यू किया गया। बैठक में शामिल सतर्कता विभाग (स्टोर) के कार्यकारी निदेशक (EDVS)ने बताया कि रेल व्हील फैक्ट्री में तोल मशीन, जिसे Weighbridge कहा जाता है में टेंपरिंग का मामला सामने आया है। 


कैसे हो रही थी चोरी

 
EDVS ने बताया कि Weighbridge में लोड सेल्स तक जा रही केबल को टेंपर किया गया है और एक रिमोट के जरिए तोल (वेट) में गड़बड़ी की जा रही है, ताकि सामान की खरीद और बिक्री में गड़बड़ी की जा सके। 

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मिलीभगत का शक 


बैठक में (जिसकी मीनिट्स की प्रति 'मनीभास्कर' के पास है) साफ तौर पर कहा गया है कि ऐसा Weighbridge का सालाना मेंटनेंस कॉन्ट्रेक्ट (AMC) से जुड़े व्यक्ति की मिलीभगत के संभव नहीं है, इसलिए मेंटनेंस के वक्त इस बात का खास ध्यान रखा जाना चाहिए और जिस कांन्ट्रेक्टर को दिया जा रहा है, उस पर नजर रखी जानी चाहिए। 

 

सीसीटीवी लगाने का प्रस्ताव

 
बैठक में ही EDVS  ने प्रस्ताव रखा कि ऐसे Weighbridge पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, ताकि गड़बड़ी पकड़ में आ जाए। इसके अलावा यह प्रस्ताव रखा गया कि रेलवे में लगे सभी Weighbridge का अगले 15 दिन में ऑडिट किया जाए और रेलवे बोर्ड को रिपोर्ट सौंपी जाए। इसके अलावा डिलीवरी के वक्त किसी भी बाहरी व्यक्ति को आने की इजाजत नहीं दी जाए। 

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रखा जाएगा रिकॉर्ड 


इस शिकायत के बाद रेलवे स्टोर के डायरेक्टर जनरल ने निर्देश दिए कि Weighbridge की एएमसी की लॉगबुक तैयार की जाए, जिसमें एएमसी करने वाले व्यक्ति का रिकॉर्ड रखा जाए और उस व्यक्ति का भी रिकॉर्ड रखा जाए, जिसकी देखरेख में एएमसी हुई। 

 

स्क्रैप चोरी का मामला नया नहीं

 
रेलवे में स्क्रैप चोरी की खबर अकसर आती रहती हैं। साल भर में हजारों टन स्क्रैप चोरी हो जाता है, लेकिन इस तरह योजनाबद्ध तरीके से स्क्रैप चोरी की बड़ी घटना पहली बार सामने आई है। बावजूद इसके, अभी रेलवे ने इस चोरी को लेकर कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की है। 

 

रेलवे में निकलता है करोड़ों का स्क्रैप 


रेलवे में हर साल करोड़ों रुपए का स्क्रैप बेचा जाता है। रेलवे स्टोर्स ने साल 2018 में 4300 करोड़ रुपए का स्क्रैप बेचने का टारगेट रखा गया था। अभी यह रिपोर्ट आनी बाकी है कि इसमें से कितना स्क्रैप बिक चुका है। 

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