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मोदी सरकार की बड़ी कामयाबी, इन शहरों के बीच शुरू हुआ पानी के जहाज का चलना

गंगा नदी से पहुंचा 16 ट्रक के बराबर सामान, 5369 करोड़ रुपए हो रहे हैं खर्च

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नई दिल्ली. शनिवार को मोदी सरकार ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की। पश्चिम बंगाल और बिहार के बीच जल परिवहन शुरू हो गया। इनलैंड वाटर-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IWAI ) का पोत गंगा नदी के जरिए कोलकाता से कंटेनर कार्गो लेकर पहली बार पटना के गायघाट टर्मिनल तक पहुंचा।

 

16 ट्रक के बराबर सामान लोड था 
पोत परिवहन मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि कोलकाता से खाद्य क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों पेप्सिको इंडिया एवं इमामी एग्रोटेक लिमिटेड के कंटेनर कार्गो जिनका वजन 16 ट्रक लोड के बराबर के 16 टीईयू शुक्रवार की रात गंगा न‍दी में पटना के गायघाट आईडब्‍ल्‍यूटी टर्मिनल पर पहुंचे।

 

815 किमी लंबी है यह जलयात्रा 
मंत्रालय ने कोलकाता-पटना के बीच यह 815 किलोमीटर की लंबी जलयात्रा को एक ऐतिहासिक यात्रा बताया। पोत परिवहन मंत्रालय ने कहा कि इससे पहले पिछले माह देश का पहला आईडब्‍ल्‍यूटी कंटेनरकृत कार्गो कोलकाता से वाराणसी पहुंचा था।

 

5369 करोड़ हो रहा है खर्च 
जहाजरानी मंत्रालय 5369 करोड़ रूपए की अनुमानित लागत के साथ विश्‍व बैंक की तकनीकी एवं वित्‍तीय सहायता से हल्दिया से वाराणसी (1390 किलोमीटर) की जलमार्ग विकास परियोजना के तहत काम चल रहा है। यह परियोजना 1500-2000 डीडब्‍ल्‍यूटी की क्षमता के साथ पोतों के वाणिज्यिक नौपरिवहन में सक्षम बनाएगा।

 

 

कुम्भ मेले में चलेंगे पानी के जहाज 
मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि कुम्भ मेला में आने वाले पर्यटकों को इनलैंड वाटर वेज के जहाज से सैर कराई जाएगी। 250 सीटों वाला यह जहाज प्रयागराज पहुंच चुका है। यमुना तट पर खड़े इस जहाज पर सैर के लिए सैलानियों को किराया देना होगा। हालांकि अब तक इसकी दर तय नहीं हुई हैं। मेले में बड़े जहाजों से देश-विदेश से पर्यटकों को सैर कराने की मेला प्रशासन की योजना है।

 

आगे पढ़ें .... क्या होगी रफ्तार 

15 किमी होगी रफ्तार 
शिप के इंचार्ज के शिवजी सिंह ने बताया कि यह जहाज पटना छठ पूजा और प्रकाशोत्सव में अपनी सेवा दे चुका है। 1.5 मीटर गहराई में इसका संचालन आसानी से किया जा सकता है। विपरीत धारा में जहाज आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगा। जबकि धारा की दिशा में इसकी गति 15 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। इनलैंड वाटर वेज के संचालन के लिए यमुना में सुजावन देव, पुराना यमुना ब्रिज, बोट क्लब, सरस्वती घाट, किला घाट पर पांच जगह जेटी बनाई जाएंगी। जहां से सवारियों को बैठाया जाएगा।

 

आगे पढ़ें ...  कब बना था जहाज 

1989 में बना है यह जहाज
जहाज को गोवा शिपिंग यार्ड मे पटना में 1989 में तैयार किया गया था। तभी से यह अपनी सेवाएं तमाम धार्मिक आयोजनों में देता आ रहा है। 25 मीटर लंबे जहाज को छह लोग चलाते हैं। इसमें दो इंजन लगे हुए हैं।

 
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