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मोदी सरकार बनाएगी रोजाना 31 KM नेशनल हाइवे, 72 हजार करोड़ होंगे खर्च

रोड इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पर फोकस कर रही मोदी सरकार ने हर रोज 31 किलोमीटर नेशनल हाइवे बनाने का टारगेट रखा है।

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नई दिल्‍ली। रोड इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर पर फोकस कर रही मोदी सरकार ने हर रोज 31 किलोमीटर नेशनल हाईवे बनाने का टारगेट रखा है। पिछले साल रोजाना 41 किमी हाईवे बनाने का टारगेट रखा गया था, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद रोजाना केवल 20 किमी हाईवे कंस्‍ट्रक्‍शन का टारगेट ही हासिल कर पाई। अब सरकार ने फाइनेंशियल ईयर 2018-19 में नेशनल हाईवे पर 72 हजार करोड़ रुपए खर्च का प्रोविजन किया है, जो पिछले साल से लगभग 3 हजार करोड़ रुपए अधिक है, जबकि हाईवे कंस्‍ट्रक्‍शन के टारगेट में कमी कर दी गई है। 

 

खर्च बढ़ाया, टारगेट घटाया 
साल 2017-18 के बजट में नेशनल हाईवे पर 64 हजार 900 करोड़ रुपए का प्रोविजन किया था, जिसमें 15000 किलोमीटर हाईवे बनाने का टारगेट रखा गया था, लेकिन इस बार के बजट में फाइनेंस मिनिस्‍टर ने बजट राशि बढ़ा कर 71829 करोड़ रुपए कर दी है। जबकि नेशनल हाईवे कंस्‍ट्रक्‍शन का टारगेट 11580 किमी कर दिया गया है। पिछले साल सरकार ने दावा किया था कि हर रोज लगभग 41 किमी हाईवे बनाए जाएंगे, लेकिन फाइनेंस मिनिस्‍ट्री की रिपोर्ट बताती है कि अप्रैल 2017 से नवंबर 2017 तक 4942 किमी हाईवे ही बन पाए, जिस पर लगभग 38485 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए। यानी कि रोजाना लगभग 21 किमी हाईवे ही बन पाए। 

 

भारतमाला प्रोजेक्‍ट पर फोकस 
इस बार सरकार ने भारतमाला प्रोजेक्‍ट्स पर खासा फोकस किया है। साल 2018-19 में सबसे अधिक पैसा भारतमाला प्रोजेक्‍ट्स पर खर्च किया जाएगा। लगभग 4500 किमी हाईवे भारतमाला प्रोजेक्‍ट्स के तहत बनाए जाएंगे। जिस पर 29663 करोड़ रुपए खर्च होगा। भारतमाला के पहले फेज में साल 2022 तक 34 हजार 800 किमी रोड बनाने का टारगेट रखा गया है, जिसमें से 4500 किमी रोड 2018-19 में बनाई जाएगी। 

 

यहां खर्च होंगे 18 हजार करोड़ 
रोड एंड ट्रांसपोर्ट मिनिस्‍ट्री के बजट में नेशनल हाईवे (ओ) और वायबिलिटी गैप फंड (वीजीएफ) के लिए लगभग 18 हजार 506 करोड़ रुपए का प्रोविजन किया गया है। इस हेड में 4850 किमी सड़क बनाने का टारगेट है। जबकि पिछले साल के बजट में इसके लिए 21557 करोड़ रुपए की लागत से 5150 किमी हाईवे बनाने का टारगेट रखा गया था। 

 

नॉर्थ ईस्‍ट रीजन 
बजट 2018-19 में नॉर्थ ईस्‍ट रीजन में 950 किमी हाईवे बनाने का टारगेट रखा गया है, जिसमें एसएआरडीपी (अरुणाचल प्रदेश समेत) पर 5710 करोड़ रुपए और पूरे रीजन में 6210 करोड़ रुपए खर्च का प्रोविजन किया गया है। 
 

इन राज्‍यों में खर्च होंगे 2000 करोड़ 
सरकार ने कुछ राज्‍यों में हाईवे प्रोजेक्‍ट्स के लिए अलग टारगेट रखा है, जिसमें राजस्‍थान, मध्‍यप्रदेश, छतीसगढ़, झारखंड शामिल हैं। यहां 2080 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। 
 

वर्ल्‍ड बैंक के प्रोजेक्‍ट्स 
नेशनल हाईवे के कुछ प्रोजेक्‍ट्स को वर्ल्‍ड बैंक के अलावा एडीबी और जाइका ने फंड किया है। इस साल इन प्रोजेक्‍ट्स पर 1200 करोड़ रुपए के खर्च का प्रोविजन किया गया है। इस राशि से साल 2018-19 में 200 किमी हाईवे बनाने का टारगेट रखा गया है। 

 

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