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आपके शहर में बिजली चोरी है कम तो 24 घंटे मिलेगी बिजली, सरकार का है ये प्लान

अब सरकार ने निर्णय लिया है कि 24 घंटे बिजली उन जिलों को दी जाएगी, जहां 15 फीसदी से कम बिजली चोरी होती है

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नई दिल्‍ली। उन जिलों को ही अब 24 घंटे बिजली दी जाएगी, जहां 15 फीसदी से कम बिजली चोरी हो रही है। असल में अभी भी कई राज्यों द्वारा बिजली चोरी पर कंट्रोल न कर पाने की वजह से सरकार ने यह निर्णय लिया है। पहले मोदी सरकार ने पावर फॉर आल मिशन के तहत 2019 तक पूरे देश में 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था। सरकार ने इस दिशा में अपनी तैयारी शुरू कर दी है। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी को उन जिलों का डाटा इकट्ठा करने को कहा गया है, जहां 15 फीसदी से कम बिजली चोरी होती है। 

 
CEA ने मांगी जानकारी 
सीईए ने देश की सभी डिस्‍कॉम्‍स ( बिजली वितरण कंपनियों) से कहा है कि वे उन जिलों के नाम भेजें, जहां का एटीएंडसी लॉस 15 फीसदी से कम है। साथ ही, डिस्‍कॉम्‍स से यह भी पूछा गया है कि जिन जिलों में एटीएंडसी लॉस 15 फीसदी से कम है, उन जिलों में अभी कितने घंटे बिजली मिल रही है। 
 
क्या है एटीएंडसी लॉस? 
एटीएंडसी लॉस से आशय है कि मान लीजिए बिजली कंपनी ने 100 यूनिट बिजली दिन भर में सप्‍लाई की, लेकिन कंपनी को 100 यूनिट का बिल नहीं मिला। ऐसे में जितना बिल कम मिला, उसे एटीएंडसी लॉस यानी कि एग्रीगेट टेक्निकल एंड कमर्शियल लॉस कहा जाता है। इसमें लाइन डेप्रिसिएशन के अलावा बिजली चोरी भी शामिल होता है। लाइन डेप्रिसिएशन  का रेश्‍यो काफी कम होता है। 
 
तीन साल का डाटा होगा इकट्ठा 
सीईए के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने बताया कि डिस्‍कॉम्‍स से साल 2016-17, 2017-18 और 2018-19 का डाटा मांगा गया है। पिछले दो साल का औसत एंटीएंडसी लॉस के अलावा चालू साल का मंथली एवरेज देना होगा। 
 
पावर मिनिस्‍टर ने दिए निर्देश 
अधिकारी के मुताबिक, पिछले दिनों पावर मिनिस्‍टर (स्‍टेट) आरके सिंह व सीईए के अध्‍यक्ष रविंद्र कुमार वर्मा के बीच एक मीटिंग हुई। मीटिंग के दौरान सिंह ने कहा कि जहां एटीएंससी लॉस का टारगेट हासिल कर लिया गया है, वहां लोगों को 24 घंटे बिजली मिलनी चाहिए। सिंह ने कहा कि सीईए पूरा डाटा तैयार करे कि कितने जिलों में 15 फीसदी एटीएंडसी लॉस है और वहां अभी कितने घंटे बिजली मिल रही है। ताकि यह पता किया जा सके कि यदि उन जिलों में 24 घंटे बिजली उपलब्‍ध कराई जाए तो कितनी बिजली की जरूरत पड़ेगी। 
 
एटीएंडसी लॉस घटाने का टारगेट 
सरकार ने डिस्‍कॉम्‍स की वित्‍तीय स्थिति में सुधार के लिए उज्‍जवल डिस्‍कॉम्‍स एश्‍योरेंस योजना (उदय) की शुरुआत की थी। उस समय कहा गया था कि साल 2019 में सभी राज्‍यों में एटीएंडसी लॉस 15 फीसदी तक लाया जाएगा, लेकिन दो साल बीत चुके हैं, बावजूद इसके कई राज्‍य एटीएंडसी लॉस का टारगेट हासिल नहीं कर पाए हैं। एटीएंडसी लॉस का टारगेट हासिल करने वाले राज्‍यों में हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, त्रिपुरा, उत्‍तराखंड और गोवा शामिल हैं। जबकि हरियाणा, राजस्‍थान, बिहार, मणिपुर, छतीसगढ़, महाराष्‍ट्र, झारखंड और पंजाब में एटीएंडसी लॉस कम हुआ है। हालांकि ये राज्‍य टारगेट अचीव नहीं कर पाए हैं। 
 
क्‍या था टारगेट? 
चुनाव पूर्व भाजपा ने 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था। उस वादे को पूरा करने के लिए पूर्व पावर मिनिस्‍टर (स्‍टेट) पीयूष गोयल ने दावा किया था कि साल 2019 तक पूरे देश में 24 घंटे बिजली दी जाएगी। इसके लिए केंद्र और राज्‍य सरकारों के बीच पावर फॉर ऑल डॉक्‍यूमेंट भी साइन किए गए। 
 
क्‍या था टारगेट 
चुनाव पूर्व भाजपा ने 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था। उस वादे को पूरा करने के लिए पूर्व पावर मिनिस्‍टर (स्‍टेट) पीयूष गोयल ने दावा किया था कि साल 2019 तक पूरे देश में 24 घंटे बिजली दी जाएगी। इसके लिए केंद्र और राज्‍य सरकारों के बीच पावर फॉर ऑल डॉक्‍यूमेंट भी साइन किए गए। 
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