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कहीं जमीन के नीचे तो कहीं ऊपर चलेगी ट्रेन, 180 किमी होगी स्पीड, 25000 करोड़ होंगे खर्च

मोदी सरकार ने दी कॉरिडोर की डीपीआर को मंजूरी, रोजाना 8.5 लाख लोग करेंगे सफर 

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नई दिल्ली. इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम कर रही मोदी सरकार की एक और पहल कारगर साबित हुई है। सरकार ने दिल्ली से रेवाड़ी के बीच चलने वाली हाई स्पीड ट्रेन कॉरिडोर के डीपीआर को मंजूरी दे दी है। यह प्रोजेक्ट राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) परिवहन निगम का है। इस कॉरिडोर पर 180 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेनें चलेंगी। इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 24975 करोड़ रुपए के खर्च का अनुमान है। 

 

 

कहां से कहां तक का सफर 
दिल्ली और एनसीआर के बीच आवागमन आसान के लिए रैपिड रेल ट्रांजिट कॉरिडोर की परिकल्पना की गई थी। इसी के तहत दिल्ली-गुरुग्राम-अलवर के बीच रैपिड रेल चलाने की योजना पर काम चल रहा है। इसके पहले चरण में दिल्ली-गुरुग्राम-रेवाड़ी-एसएनबी (शाहजहांपुर-नीमराना-बेहरोर अर्बन कॉम्प्लेक्स) की डीपीआर तैयार की गई है। जिसे पिछले दिनों केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में हुई एनसीआर ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की बोर्ड बैठक में दी गई। यह कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होगा और गुरुग्राम से होते हुए रेवाड़ी तक पहुंचेगी। 

 

180 किमी होगी स्पीड 
इस कॉरिडोर को ट्रेन की अधिकतम स्पीड 180 किमी प्रति घंटे के हिसाब से डिजाइन किया गया है। इसकी ऑपरेशन स्पीड 160 किमी, औसत स्पीड 100 किमी प्रति घंटा होगी। 

 

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9 कोच की होगी ट्रेन 
इस कॉरिडोर पर चलने वाली ट्रेन में 9 कोच होंगे। इस कॉरिडोर पर 5 से 10 मिनट के अंतराल पर ट्रेनें चलेंगी। 

 

हवाई जहाज जैसी सुविधाएं 
मेट्रो जैसी दिखने वाली इस ट्रेन के सभी कोच एयरकंडीशन होंगे। यात्रियों के सफर को आरामदायक बनाने के लिए हवाई जहाज जैसी सीटें होंगी। सामान रखने के लिए लगेज स्पेस होगा। जरूरतमंदों के लिए बैठने की व्यवस्था होगी। महिलाओं के लिए एक अलग कोच होगा। साथ ही ट्रेन में बिजनेस कोच की सुविधा भी होगी। 

कहीं जमीन के नीचे 
106 किमी लंबे दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी कॉरिडोर सराय काले खां से लेकर दिल्ली के अधिकांश हिस्से में अंडर ग्राउंड होगा। एनसीआर ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के मुताबिक, कॉरिडोर में 35 किमी अंडर ग्राउंड होगा और इसमें 5 स्टेशन होंगे, जबकि 71 किमी का भाग एलिवेटेड होगा और इसमें 11 स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। इस कॉरिडोर को दिल्ली और गुरुग्राम में जगह-जगह मेट्रो रूट्स से जोड़ा जाएगा, ताकि लोग मेट्रो से दूसरे इलाकों में आसानी से जा सकें। 

8.5 लाख लोग करेंगे सफर 

एनसीआर ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन ने कहा है कि यह कॉरिडोर अगले पांच साल में पूरा हो जाएगा और ट्रेनों का ऑपरेशन शुरू हो जाएगा। कॉरपोरेशन का अनुमान है कि साल 2025 में इस रूट पर रोजाना 8.5 लाख लोग सफर करेंगे। 

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