Home » Economy » Infrastructureenvironmental norms may rise power tariff - पर्यावरण नियमों से महंगी हो सकती है बिजली

90 पैसे यूनिट महंगी हो सकती है बिजली, CERC ने दिए मंजूरी के संकेत

थर्मल प्‍लांट्स के लिए जारी नए नियमों के कारण बिजली 90 पैसे प्रति यूनिट तक महंगी हो सकती है।

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नई दिल्‍ली. मिनिस्‍ट्री ऑफ इन्‍वायमेंट एंड फॉरेस्‍ट द्वारा थर्मल प्‍लांट्स के लिए जारी नए नियमों के कारण बिजली 90 पैसे प्रति यूनिट तक महंगी हो सकती है। सेंट्रल इले‍क्ट्रिसिटी अथॉरिटी और सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेग्‍युलेटरी कमीशन ने इस वृद्धि को मंजूरी के संकेत भी दे दिए हैं। पिछले दिनों हुई एक बैठक में पावर जनरेशन कंपनियों (जेनको) से कहा गया कि वे इन्‍वायरमेंट नॉर्म्‍स को लागू करने के लिए आवश्‍यक तैयारी कर लें, इस पर आने वाले खर्च को टैरिफ में वृद्धि करके एडजस्‍ट कर दिया जाएगा।

 

क्‍या है मामला?

दरअसल, पिछले दिनों मिनिस्‍ट्री ऑफ इन्‍वायरमेंट एंड फॉरेस्‍ट की ओर से देश के सभी थर्मल पावर जनरेटर्स से कहा गया है कि वे अपने पावर प्‍लांट में एमिशन को कंट्रोल करने के लिए इन्‍वायरमेंट नॉर्म्‍स की पालना करें। इसके लिए हर पावर प्‍लांट में फ्ल्‍यू गैस डिसलफयूरिजेशन (एफजीडी) को इंस्‍टॉल करना होगा।

 

जेनको का कहना है कि पावर प्‍लांट में एफजीडी लगाने पर उनका काफी पैसा खर्च होगा, इसलिए पावर टैरिफ बढ़ाया जाए। वहीं, सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (सीईए) ने तय किया है कि साल 2022 तक सभी पावर प्‍लांट्स में इन्‍वायरमेंट नॉर्म्‍स फॉलो होने लगेंगे। सीइए ने सभी जेनको से कहा है कि अभी से एफजीडी लगाने की तैयारी कर लें।

 

कैसे बढ़ेगा टैरिफ?

पावर जनरेशन कंपनियों द्वारा टैरिफ में वृद्धि के सवाल पर पिछले दिनों सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी द्वारा एक बैठक बुलाई गई। इसमें प्राइवेट पावर जनरेशन कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक में टैरिफ का निर्धारण करने वाले सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेग्‍युलेटरी कमीशन (सीईआरसी) के वरिष्‍ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

 

सीईआरसी के चीफ (इंजीनियरिंग) ने स्‍पष्‍ट किया कि सीईआरसी के टैरिफ रेग्‍युलेशन में इस तरह का प्रावधान है कि कानून में बदलाव होने पर कैपिटल खर्च में वृद्धि होने के कारण टैरिफ में वृद्धि की जा सकती है। इतना ही नहीं, पावर परचेज एग्रीमेंट के टैरिफ में भी बदलाव किया जा सकता है। लेकिन यदि सीइए द्वारा पावर जनरेशन कंपनियों के टैरिफ में बढ़ोतरी के प्रपोजल को सीइए द्वारा अप्रैजल किया जाता है तो सीइआरसी द्वारा आसानी से बिजली की कीमत बढ़ाई जा सकती है।

 

 

आगे पढ़ें : कितनी बढ़ेगी कीमत?

कितनी बढ़ेगी कीमत?

पिछले दिनों एक कार्यक्रम में पावर मिनिस्‍टर आरके सिंह ने कहा था कि कोयले से चलने वाले थर्मल प्‍लांट को अपग्रेड किया गया तो पहले साल में 62 से 93 पैसे प्रति यूनिट बिजली की दर बढ़ सकती है। अभी थर्मल प्‍लांट से मिल रही बिजली की कीमत 4 से 5 रुपए प्रति यूनिट है, जो बढ़ कर 5 से 6 रुपए प्रति यूनिट हो सकती है।

 
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