Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

CJI के खिलाफ विपक्ष ने उपराष्‍ट्रपति को सौंपा महाभियोग का नोटिस दायरे में बाजार, सेंसेक्स 50 अंक टूटा, निफ्टी 10,550 के नीचे, PSU बैंक-मेटल शेयर लुढ़के डूबे कर्ज की रिकवरी के लिए PNB का 'मिशन गांधीगीरी', 1800 करोड़ मिलने की उम्‍मीद Moto ने लॉन्‍च कि‍ए 3 नए फोन, जानिए कीमत और सारे फीचर 6.5 लाख करोड़ मार्केट कैप पार करने वाली देश की पहली कंपनी बनी TCS डीजल कारें हो सकती हैं महंगी, सरकार ने 2% टैक्‍स बढ़ाने का प्रस्‍ताव दि‍या रुपया 1 साल से ज्यादा के निचले स्तर पर लुढ़का, 27 पैसे गिरकर 66.06/$ पर खुला भारत में हो रहे रिफॉर्म फायदेमंद, इकोनॉमिक पावरहाउस बनने में मिलेगी मदद: IMF आज से 6 राज्यों में लागू हुआ इंट्रा स्टेट ई-वे बिल,11 राज्य हुए लिस्ट में शामिल इन जगहों से न मंगवाएं ट्रेन में खाना, रेलवे ने जारी की लि‍स्‍ट मारुति सुजुकी ने उतारी नई अर्टि‍गा, इन बदलावों के साथ जल्‍द आएगी भारत शुक्रवार कारोबार के लिए टॉप इंट्रा-डे टिप्स, इन स्टॉक्स में कर सकते हैं ट्रेड Samsung का हर स्‍मार्टफोन मि‍ल रहा है सस्‍ता, सि‍र्फ आज और कल है खरीदने का मौका ATM यूज के लि‍ए अब ज्‍यादा पैसे देने को हो जाएं तैयार BMW इंडि‍या ने लॉन्‍च की ऑल न्‍यू X3, शुरुआती कीमत 50 लाख रुपए
बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Infrastructure90 पैसे यूनिट महंगी हो सकती है बिजली, CERC ने दिए मंजूरी के संकेत

90 पैसे यूनिट महंगी हो सकती है बिजली, CERC ने दिए मंजूरी के संकेत

नई दिल्‍ली. मिनिस्‍ट्री ऑफ इन्‍वायमेंट एंड फॉरेस्‍ट द्वारा थर्मल प्‍लांट्स के लिए जारी नए नियमों के कारण बिजली 90 पैसे प्रति यूनिट तक महंगी हो सकती है। सेंट्रल इले‍क्ट्रिसिटी अथॉरिटी और सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेग्‍युलेटरी कमीशन ने इस वृद्धि को मंजूरी के संकेत भी दे दिए हैं। पिछले दिनों हुई एक बैठक में पावर जनरेशन कंपनियों (जेनको) से कहा गया कि वे इन्‍वायरमेंट नॉर्म्‍स को लागू करने के लिए आवश्‍यक तैयारी कर लें, इस पर आने वाले खर्च को टैरिफ में वृद्धि करके एडजस्‍ट कर दिया जाएगा।

 

क्‍या है मामला?

दरअसल, पिछले दिनों मिनिस्‍ट्री ऑफ इन्‍वायरमेंट एंड फॉरेस्‍ट की ओर से देश के सभी थर्मल पावर जनरेटर्स से कहा गया है कि वे अपने पावर प्‍लांट में एमिशन को कंट्रोल करने के लिए इन्‍वायरमेंट नॉर्म्‍स की पालना करें। इसके लिए हर पावर प्‍लांट में फ्ल्‍यू गैस डिसलफयूरिजेशन (एफजीडी) को इंस्‍टॉल करना होगा।

 

जेनको का कहना है कि पावर प्‍लांट में एफजीडी लगाने पर उनका काफी पैसा खर्च होगा, इसलिए पावर टैरिफ बढ़ाया जाए। वहीं, सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (सीईए) ने तय किया है कि साल 2022 तक सभी पावर प्‍लांट्स में इन्‍वायरमेंट नॉर्म्‍स फॉलो होने लगेंगे। सीइए ने सभी जेनको से कहा है कि अभी से एफजीडी लगाने की तैयारी कर लें।

 

कैसे बढ़ेगा टैरिफ?

पावर जनरेशन कंपनियों द्वारा टैरिफ में वृद्धि के सवाल पर पिछले दिनों सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी द्वारा एक बैठक बुलाई गई। इसमें प्राइवेट पावर जनरेशन कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। बैठक में टैरिफ का निर्धारण करने वाले सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेग्‍युलेटरी कमीशन (सीईआरसी) के वरिष्‍ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

 

सीईआरसी के चीफ (इंजीनियरिंग) ने स्‍पष्‍ट किया कि सीईआरसी के टैरिफ रेग्‍युलेशन में इस तरह का प्रावधान है कि कानून में बदलाव होने पर कैपिटल खर्च में वृद्धि होने के कारण टैरिफ में वृद्धि की जा सकती है। इतना ही नहीं, पावर परचेज एग्रीमेंट के टैरिफ में भी बदलाव किया जा सकता है। लेकिन यदि सीइए द्वारा पावर जनरेशन कंपनियों के टैरिफ में बढ़ोतरी के प्रपोजल को सीइए द्वारा अप्रैजल किया जाता है तो सीइआरसी द्वारा आसानी से बिजली की कीमत बढ़ाई जा सकती है।

 

 

आगे पढ़ें : कितनी बढ़ेगी कीमत?

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.