बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Infrastructureअप्रैल 2019 से 24 घंटे मिलेगी बिजली, कटौती पर जुर्माना देंगी कंपनियां

अप्रैल 2019 से 24 घंटे मिलेगी बिजली, कटौती पर जुर्माना देंगी कंपनियां

मिनिस्‍टर ऑफ पावर आरके सिंह ने कहा है कि अप्रैल 2019 से देश भर में 24 घंटे बिजली दी जाएगी।

1 of


नई दिल्‍ली. मिनिस्‍टर ऑफ पावर आरके सिंह ने कहा है कि अप्रैल 2019 से देश भर में 24 घंटे बिजली दी जाएगी। ऐसा न करने वाली कंपनियों पर पैनल्‍टी लगाई जाएगी। हालां‍कि ऐसा तब ही किया जाएगा, जब सरप्‍लस पावर होने के बावजूद डिस्‍कॉम्‍स (बिजली कंपनियां) बिजली ड्रॉ नहीं करेंगी और उनके पास बिजली कटौती का कोई ठोस कारण भी नहीं होगा। 

 

इलेक्‍ट्रसिटी एक्‍ट में संशोधन

राज्‍यों के पावर मिनिस्‍टर्स के साथ मीटिंग के बाद हुए संवाददाता सम्‍मेलन में सिंह ने कहा कि सरकार मार्च 2019 तक सबको 24 घंटे बिजली उपलब्‍ध कराने के लिए वचनबद्ध है। इसका रोड मैप तैयार कर लिया गया है। हम कानूनी तौर पर डिस्‍कॉम्‍स को बाध्‍य करेंगे कि वे बिना किसी कारण के बिजली कटौती न कर सकें। इसके लिए जल्‍द ही संसद कानून पास किया जाएगा। इसके लिए इलेक्ट्रिसिटी एक्‍ट 2003 में संशोधन किया जा रहा है। 

 

बदल सकेंगे कंपनियां 
सिंह ने कहा कि नया एक्‍ट लागू होने के बाद लोगों को टेलीकॉम कंपनियों की तरह इलेक्ट्रिसिटी सर्विस प्रोवाइड करने वाली कंपनी को बदलने की सुविधा दी जाएगी।  

 

हर घर में लगेंगे स्‍मार्ट मीटर 
सिंह ने कहा कि आने वाले दिनों में कहीं भी मैन्‍युअल मीटर रीडिंग नहीं की जाएगी। हम मीटर रीडिंग में मानव हस्‍तक्षेप की संभावनाएं खत्‍म कर देंगे। देश भर में स्‍मार्ट मीटर लगाए जाएंगे, जो ऑटोमैटिक मीटर रीडिंग देंगे और लोग अपने बिल का पेमेंट मोबाइल या ऑनलाइन कर सकेंगे। 


15 फीसदी होगा एटीएंडसी लॉस 
मिनिस्‍टर ने कहा कि हमारी कोशिश है कि 2019 तक सभी राज्‍यों में एटीएंडसी लॉस 15 फीसदी तक पहुंच जाएं। अभी कई राज्‍यों में एटीएंडसी लॉस काफी अधिक है। राज्‍यों से कहा गया है कि वे अपना एटीएंडसी लॉस घटाएं, ताकि लोगों को सस्‍ती बिजली उपलब्‍ध कराई जा सके। 

 

यह भी पढ़ें : थर्मल, हाइड्रो पावर प्‍लांट्स में घटा जनरेशन, सर्दियों में बढ़ सकता है बिजली संकट

 

 

सब्सिडी सीधे होगी ट्रांसफर 
सिंह ने कहा कि एक्‍ट के जरिए किसानों को सब्सिडी का सीधे हस्‍तांतरण भी उपलब्‍ध कराया जाएगा ताकि बिजली की खपत में बचत को बेहतर किया जा सके। इसके अलावा संशोधन बिल के जरिए टैरिफ पॉलिसी को अनिवार्य बनाया जाएगा ताकि क्रॉस सब्सिडी को 20 फीसदी से कम रखा जा सके। इसका अर्थ है कि सबसे ज्‍यादा और सबसे कम टैरिफ दरों के बीच अंतर 20 फीसदी से ज्‍यादा नहीं होना चाहिए। 

 

 

आगे पढ़ें : IPDS का 85 फीसदी काम लेट, 24 घंटे बिजली देने का वादा मोदी के लिए बनेगा सिरदर्द

 

 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट