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सरकारी विभागों पर डिस्‍कॉम्‍स का 31000 करोड़ बकाया, सरकार ने कहा- दो माह में चुकाएं बिल

नई दिल्‍ली। भारी भरकम लॉस से जूझ रही पावर डिस्‍ट्रीब्‍यूशन कंपनियां (डिस्‍कॉम्‍स) का सरकारी विभागों पर लगभग 31 हजार करोड़ रुपए बकाया है। डिस्‍कॉम्‍स के लिए यह बकाया वसूलना बड़ी चुनौती बन चुका है। लगातार रिमांइडर के बाद भी सरकारी विभाग डिस्‍कॉम्‍स का बकाया पेमेंट नहीं कर रहे हैं। हाल ही में पावर मिनिस्‍टर आरके शर्मा के साथ हुई बैठक में डिस्‍कॉम्‍स की ओर से यह मुद्दा उठाया गया। इसके बाद सिंह ने राज्‍यों से कहा है कि वे हर हाल में 31 मार्च 2018 तक डिस्‍कॉम्‍स का बकाया पेमेंट कर दें। 

 

क्‍या है मामला 
हाल ही में हुई एक बैठक में उज्‍जवल डिस्‍कॉम्‍स एश्‍योरेंस योजना (उदय) की समीक्षा के दौरान पावर मिनिस्‍ट्री के ज्‍वाइंट सेक्रेट्री (डिस्‍ट्रीब्‍यूशन) ने बताया कि उदय स्‍कीम के सामने कई तरह की चुनौतियां आ रही हैं। जैसे कि - सरकारी विभाग डिस्‍कॉम्‍स के बिल का भुगतान नहीं कर रहे हैं। इस वजह से बकाया लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक उपलब्‍ध आंकड़ों के मुताबिक सरकारी विभागों को डिस्‍कॉम्‍स का लगभग 31 हजार 465 करोड़ रुपए का पेमेंट करना है। उदय स्‍कीम में प्रावधान किया गया था कि राज्‍यों को अक्‍टूबर 2016 तक ये ड्यूज क्लियर करने थे। 

 

क्‍या है राज्‍यों का तर्क 
बैठक में बिहार के प्रतिनिधि ने बताया कि राज्‍य के अर्बन डिपार्टमेंट पर डिस्‍कॉम्‍स का बकाया है, जिसे रिकन्‍साइल करने के लिए बातचीत चल रही है। छतीसगढ़ ने जवाब दिया कि ज्‍यादातर बकाया पंचायतों पर है, जिसे उनकी ग्रांट से एडजस्‍ट किया जाएगा। पंजाब ने कहा कि सरकार 2 फीसदी म्‍युनिस्पिल टैक्‍स वसूलती है, यह पैसा स्‍ट्रीट लाइट के ड्यूज से एडजस्‍ट कर लिया जाता है। वहीं उत्‍तर प्रदेश सरकार ने कहा कि सरकारी विभागों में प्रीपेड मीटर को प्रमोट किया जा रहा है। अभी लखनऊ और फैजाबाद जिलों में सरकारी विभागों में प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं। इससे डिस्‍कॉम्‍स की बकाया पेमेंट का झंझट नहीं रहेगा। 

 

केंद्र ने क्‍या कहा 
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि केंद्र की ओर से राज्‍यों को एक डायरेक्टिव जारी किया जाएगा, जिसमें कहा जाएगा कि उनके राज्‍य के सभी सरकारी विभाग 31 मार्च 2018 तक वर्तमान आउटस्‍टेंडिंग अमाउंट क्लियर कर दें और 25 फीसदी एरियर का भी पेमेंट कर दें। 

 

क्‍या है उदय का इफेक्‍ट 
पिछले सेशन में पावर मिनिस्‍टर आरके सिंह ने संसद में पूछे गए सवाल के जवाब में बताया था कि उदय से जुड़े राज्‍यों ने फाइनेंशियल ईयर 2016 में 51589 करोड़ रुपए के मुकाबले फाइनेंशियल ईयर में 2017 में अपना लॉस घटाकर 34826 करोड़ रुपए कर दिया है। सरकार का दावा है कि राज्‍यों के ट्रांसमिशन लॉस में भी 1 फीसदी की कमी आई है। 

 

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