विज्ञापन
Home » Economy » InfrastructureGovt increased time limit for solar project developers

दो साल में पूरा करना होगा सोलर प्रोजेक्‍ट, सरकार ने बढ़ाई समय सीमा

सरकार ने सोलर पावर प्रोजेक्‍ट्स को पूरा करने के लिए डेवलपर्स को दो साल तक का समय दिया है।

Govt increased time limit for solar project developers
सरकार ने सोलर पावर प्रोजेक्‍ट्स को पूरा करने के लिए डेवलपर्स को दो साल तक का समय दिया है। पहले सरकार ने कहा था कि डेवलपर्स को 15 माह के भीतर प्रोजेक्‍ट पूरा करना होगा। पावर मिनिस्‍ट्री ने इसमें बदलाव संबंधी नए नॉर्म्‍स जारी किए हैं। 2 साल में पूरे होंगे 250 MW से बड़े प्रोजेक्‍ट नए नॉर्म्‍स के मुताबिक, जिन डेवलपर्स को 250 मेगावाट या उससे अधिक कैपेसिटी के सोलर पावर प्रोजेक्‍ट्स कमीशन करने का ऑर्डर मिला है, उन्‍हें पावर परचेज एग्रीमेंट की तारीख से अगले 24 माह के भीतर प्रोजेक्‍ट पूरा करके कमीशन करना होगा। 21 माह में पूरे होंगे 250 MW से छोटे प्रोजेक्‍ट इसी तरह 250 मेगावाट से कम कैपेसिटी के सोलर प्रोजेक्‍ट्स को 21 माह के भीतर कमीशन करना होगा, पहले यह समयावधि 21 माह थी। पावर मिनिस्‍ट्री के एक अधिकारी ने स्‍पष्‍ट किया कि ये नॉर्म्‍स पहले उन प्रोजेक्‍ट्स पर लागू नहीं होंगे, जिनकी बिड हो चुकी है और प्रोजेक्‍ट्स अलग अलग स्‍टेज पर हैं। राज्‍यों में भी लागू हों नए नियम वहीं, इंडस्‍ट्री ने उम्‍मीद जताई है कि राज्‍य सरकारें भी भविष्‍य में लगने वाले प्रोजेक्‍ट्स में नए नियमों को लागू करेंगे।


नई दिल्‍ली. सरकार ने सोलर पावर प्रोजेक्‍ट्स को पूरा करने के लिए डेवलपर्स को दो साल तक का समय दिया है। पहले सरकार ने कहा था कि डेवलपर्स को 15 माह के भीतर प्रोजेक्‍ट पूरा करना होगा। पावर मिनिस्‍ट्री ने इसमें बदलाव संबंधी नए नॉर्म्‍स जारी किए हैं। 

 

2 साल में पूरे होंगे 250 MW से बड़े प्रोजेक्‍ट 
नए नॉर्म्‍स के मुताबिक, जिन डेवलपर्स को 250 मेगावाट या  उससे अधिक कैपेसिटी के सोलर पावर प्रोजेक्‍ट्स कमीशन करने का ऑर्डर मिला है, उन्‍हें पावर परचेज एग्रीमेंट की तारीख से अगले 24 माह के भीतर प्रोजेक्‍ट पूरा करके कमीशन करना होगा। 

 

21 माह में पूरे होंगे 250 MW से छोटे प्रोजेक्‍ट 
इसी तरह 250 मेगावाट से कम कैपेसिटी के सोलर प्रोजेक्‍ट्स को 21 माह के भीतर कमीशन करना होगा, पहले यह समयावधि 21 माह थी। पावर मिनिस्‍ट्री के एक अधिकारी ने स्‍पष्‍ट किया कि ये नॉर्म्‍स पहले उन प्रोजेक्‍ट्स पर लागू नहीं होंगे, जिनकी बिड हो चुकी है और प्रोजेक्‍ट्स अलग अलग स्‍टेज पर हैं। 

 

राज्‍यों में भी लागू हों नए नियम 
वहीं, इंडस्‍ट्री ने उम्‍मीद जताई है कि राज्‍य सरकारें भी भविष्‍य में लगने वाले प्रोजेक्‍ट्स में नए नियमों को लागू करेंगे। 

 

फाइनेंशियल क्‍लोजर की भी टाइम लिमिट बढ़ी 
बदले हुए नियम के मुताबिक, सोलर पावर डेवलपर्स को पीपीए साइन होने के एक साल के भीतर फाइनेंशियल क्‍लोजर भी अचीव करना होगा। पहले यह समयावधि 7 माह थी। नए नियम में यह भी प्रावधान है कि यदि फाइनेंशियल क्‍लोजर कम समय में हो तो डेवलपर्स ऐसा कर सकते हैं। पहले यह व्‍यवस्‍था नहीं थे। नए नियमों में लैंड एक्विजिशन का समय भी 7 माह से बढ़ाकर 1 साल कर दिया है। 

 

इंडस्‍ट्री बॉडी की थी मांग 
अधिकारी के मुताबिक, सोलर पावर डेवलपर्स एसोसिएशन सहित लगभग सभी इंडस्‍ट्री बॉडी काफी समय से टाइम फ्रेम बढ़ाने की मांग कर रही थी। इंडस्‍ट्री बॉडीज का कहना था कि जो टाइम फ्रेम तय किया गया था, इंडस्‍ट्री को उन्‍हें पूरा करने में काफी दिक्‍कतें आ रही हैं। 

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन
Don't Miss