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एक इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर सरकार को देने पड़ सकते हैं 12 लाख रुपए, EESL का प्रपोजल

कारों की खरीददारी का जिम्‍मा एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) को दिया गया है।

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नई दिल्‍ली। सरकार देश में ई-व्‍हीकल की संख्‍या बढ़ाना चाहती है। इसके लिए पहले सरकारी कारों को ई-व्‍हीकल में शिफ्ट किया जा रहा है। कारों की खरीददारी का जिम्‍मा एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) को दिया गया है। ईईएसएल ने प्रस्‍ताव रखा है कि जो गर्वनमेंट ऑर्गनाइजेशन इलेक्ट्रिक कार खरीदना चाहता है, वह या तो एकमुश्‍त 11.80 लाख रुपए का भुगतान कर दे या हर माह 40 हजार रुपए की पेमेंट करनी होगी। 

 

क्‍या है पूरा प्‍लान ?
सरकार का प्‍लान है कि साल 2030 तक देश में 30 फीसदी व्‍हीकल इलेक्ट्रिक होंगे। मार्केट में डिमांड पैदा करने के लिए सरकार ने सबसे पहले सरकारी गाड़ि‍यां से इसकी शुरुआत करने का निर्णय लिया है। ईईएसएल को 10 हजार व्‍हीकल खरीदने को कहा गया है। ईईएसएल ने सरकार के समक्ष प्रस्‍ताव रखा है कि वह सरकारी एजेंसियों को ई-व्‍हीकल लीज पर देने का तैयार है। इसके लिए हर महीने 40 हजार रुपए देने होंगे। ईईएसएल द्वारा गाड़ी का ड्राइवर भी प्रोवाइड कराया जाएगा, लेकिन यदि कोई एजेंसी ई-व्‍हीकल खरीदना चाहती है तो उसे 11.80 लाख रुपए देने होंगे। ईईएसएल का दावा है कि यह कॉस्‍ट दुनिया भर में से सबसे कम है। 

 

5 लाख कारों की होगी जरूरत 
हाल ही में हुई एक मीटिंग (जिसके मीनिट्स की कॉपी मनीभास्‍कर के पास है) में ईईएसएल के एमडी सौरभ कुमार ने कहा कि सेंट्रल गवर्नमेंट के पास लगभग 5 लाख व्‍हीकल हैं, यदि इनकी जगह ई-व्‍हीकल का इस्‍तेमाल किया जाए तो देश में 3000 से 4000 मेगावाट कैपेसिटी की बैटरी की जरूरत पड़ेगी। जो बैटरी मैन्‍युफैक्‍चरर्स को भारत में मैन्‍युफैक्‍चरिंग यूनिट लगाने के लिए आकर्षित करेंगी। इससे ई-व्‍हीकल कॉस्‍ट काफी कम हो सकती है। 

 

क्‍या है चुनौती ?
बैठक में सौरभ कुमार ने कहा कि अभी ई-व्‍हीकल के चार्जिंग स्‍टेशन लगाने के लिए रेग्‍युलेटरी फ्रेमवर्क तैयार नहीं हो पाया है, ताकि डिस्ट्रिब्‍यूशन कंपनियां बिजली बेच सकें। बैठक की अध्‍यक्षता कर रहे पावर मिनिस्‍टर आरके सिंह ने भरोसा दिलाया कि रेग्‍युलेटरी गेप जल्‍द ही दूर किया जाएगा। 

 

इन राज्‍यों ने दिखाई रूचि 
अभी ईईएसएल द्वारा जो 10 हजार इलेक्ट्रि‍क व्‍हीकल खरीदे जा रहे हैं, वे दिल्‍ली में चलेंगे। उनके लिए दिल्‍ली में एसी और डीसी चार्जिंग स्‍टेशन लगाए जा रहे हैं। जबकि आंध्रप्रदेश और महाराष्‍ट्र द्वारा अपने राज्‍य में ई-व्‍हीकल को प्रमोट करने के लिए ईईएसएल से संपर्क किया गया है। 


क्‍या आएगी ऑपरेटिंग कॉस्‍ट ?
ईईएसएल का अनुमान है कि यदि किसी राज्‍य में इलेक्ट्रिसिटी टैरिफ 8 रुपए प्रति यूनिट है, तब भी इलेक्ट्रिक व्‍हीकल की कॉस्‍ट-टू-ऑपरेट 1 रुपया 25 पैसे प्रति किलोमीटर आएगा।  

 

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