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5 साल में आएंगे 1.17 लाख मेगावाट के क्‍लीन एनर्जी प्‍लांट, फाइनल हुआ नेशनल इलेक्ट्रिसिटी प्‍लान

सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (सीईए) ने फाइनल नेशनल इलेक्ट्रिसिटी प्‍लान जारी कर दिया है।

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नई दिल्‍ली। सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (सीईए) ने  फाइनल नेशनल इलेक्ट्रिसिटी प्‍लान जारी कर दिया है। इसमें साल 2017-2022 और 2022-2077 के प्‍लान की घोषणा की गई है। प्‍लान के मुताबिक, 2022 तक देश में 2.26 लाख मेगावाट पावर की डिमांड होगी और इसे पूरा करने के लिए सरकार ने क्‍लीन एनर्जी पर फोकस करने का निर्णय लिया है। सरकार अगले पांच साल में रिन्‍यूएबल एनर्जी से लगभग 1.17 लाख मेगावाट जनरेशन होगा, जबकि कुल 1.76 लाख मेगावाट पावर जनरेशन कैपेसिटी बढ़ जाएगी। अनुमान है कि अगले पांच साल बिजली का टारगेट हासिल करने के लिए 11.55 लाख करोड़ रुपए की जरूरत पड़ेगी। 

 

कहां से मिलेगी कितनी बिजली 

फाइनल नेशनल इलेक्ट्रिसिटी प्‍लान के मुताबिक, साल 2021-22 में अलग-अलग सेक्‍टर से पावर जनरेशन कैपसिटी में एडिशन का अनुमान लगाया गया है। इसके मुताबिक 
गैस पावर प्‍लांट : 406 मेगावाट
हाइड्रो प्‍लांट : 6823 मेगावाट 
न्‍यूक्लियर प्‍लांट : 3300 मेगावाट 
रिन्‍यूएबल एनर्जी : 117756 मेगावाट 
कोल थर्मल प्‍लांट : 47855 मेगावाट 

 

रिटायर होंगे थर्मल प्‍लांट 
नेशनल इलेक्ट्रिसिटी प्‍लान के मुताबिक अगले पांच साल में 22716 मेगावाट क्षमता के कोल बेस्‍ड थर्मल प्‍लांट रिटायर हो जाएंगे। इसमें 5927 मेगावाट क्षमता के पुराने प्‍लांट और 16789 मेगावाट क्षमता की बेकार यूनिट्स को रिटायर किया जाएगा। 

 

1 लाख करोड़ की बिजली की होगी बचत 
नेशनल इलेक्ट्रिसिटी प्‍लान के मुताबिक, सरकार लगातार ऐसे प्रयास कर रही है, जिससे बिजली की बचत हो। अगले पांच साल में भी सरकार ने इन प्रयासों को जारी करने का निर्णय लिया है। इसके चलते प्‍लान में अनुमान लगाया गया है कि 2022 तक लगभग 24900 करोड़ यूनिट बिजली की बचत होगी। यदि औसतन 4 रुपए प्रति यूनिट भी माना जाए तो लगभग 99 हजार 600 करोड़ रुपए की बचत होगी। नेशनल इलेक्ट्रिसिटी प्‍लान में साल 2027 तक 337 बिलियन यूनिट बिजली की बचत होगी। 

 

2027 में 2.92 लाख मेगावाट होगी पीक डिमांड 

नेशनल इलेक्ट्रिसिटी प्‍लान में कहा गया है कि साल 2027 में देश की पावर डिमांड 2.92 लाख मेगावाट तक पहुंच जाएगी। 
- इसकी पूर्ति के लिए जहां 2017-22 में बन रहे 47855 मेगावाट कोल बेस्‍ट पावर प्‍लांट का फायदा मिलेगा। वहीं, न्‍यूक्लियर से 6800 मेगावाट, हाइड्रो से 12 हजार मेगावाट और रिन्‍यूएबल एनर्जी से 1 लाख मेगावाट क्षमता के पावर प्‍लांट लगाए जाएंगे। जबकि 2022-27 में 25572 मेगावाट क्षमता के पुराने कोल बेस्‍ड पावर प्‍लांट रिटायर हो जाएंगे। 

 

57 फीसदी हो जाएगा क्‍लीन एनर्जी का शेयर 
पेरिस समझौते के बाद मोदी सरकार ने अपना पूरा फोकस क्‍लीन एनर्जी पर बढ़ा दिया है। इसका असर नेशनल इलेक्ट्रिसिटी प्‍लान में भी देखने को मिला है। प्‍लान के मुताबिक 2022 तक न्‍यूक्लियर, हाइड्रो व रिन्‍यूएबल एनर्जी का शेयर 49.3 फीसदी, जबकि 2027 तक 57.4 फीसदी पहुंच जाएगा। 

 

 

नए विंड टरबाइन का प्रस्‍ताव 
प्‍लान में कहा गया है कि अभी देश में जो विंड टरबाइन उपलब्‍ध हैं, वे हाई स्‍पीड विंड से चलते हैं, लेकिन प्रस्‍ताव रखा गया है कि देश में लो विंड स्‍पीड टरबाइन डेवलप किए जाएंगे, ताकि देश के ज्‍यादा से ज्‍यादा हिस्‍सों में विंड पावर प्‍लांट लगाए जा सकें। ये प्‍लांट कम कीमत वाले होंगे। 

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