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मोदी सरकार का बिग प्‍लान, साल 2058 के ट्रैफिक रिक्‍वायरमेंट के हिसाब से बनेंगे हाईवे

भारत माला प्रोजेक्‍ट के तहत बनने वाले हाईवे साल 2058 के ट्रैफिक फ्लो को देखते हुए डिजाइन किए जाएंगे

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नई दिल्‍ली। भारत माला प्रोजेक्‍ट के तहत बनने वाले हाईवे साल 2058 के ट्रैफिक फ्लो को देखते हुए डिजाइन किए जाएंगे। केंद्र सरकार ने राज्‍यों को भेजे निर्देश में कहा है कि जितने भी नई हाईवे बनेंगे, उनकी चौड़ाई 60 से 70 मीटर होगी, ताकि आने वाले सालों में उन हाईवे को 8 लेन तक का बनाया जा सके। साथ ही, सर्विस रोड का भी प्रोविजन किया जाए। 

 

मिनिस्‍ट्री ने जारी किया पत्र 
मिनिस्‍ट्री ऑफ रोड एंड ट्रांसपोर्ट द्वारा सभी राज्‍यों के मुख्‍य सचिव को लिखे पत्र में कहा गया है कि केंद्र सरकार ने देश भर में भारत माला प्रोजेक्‍ट के तहत हाईवे, एक्‍सप्रेस-वे और बाईपास बनाए जाएंगे। इसलिए राज्‍य सरकारें इन हाईवे के अलाइनमेंट या रूट का निर्धारण करते वक्‍त कुछ पहलुओं पर खास फोकस करे। 

 

कितनी चौड़े बनेंगे हाईवे ?
मिनिस्‍ट्री ने अपने पत्र में कहा गया है कि अब जो नई हाईवे बनेंगे, यदि वे दो लेन के हैं तो उनकी चौड़ाई 12 से 24 मीटर होगा। इसके अलावा 4, 6 या 8 लेने हाइवे के लिए राईट ऑफ वे 60 मीटर होना चाहिए, जबकि एक्‍सप्रेस-वे के लिए यह 90 मीटर की चौड़ाई होनी चाहिए। इसी हिसाब से सरकारें अपने विभाग को जमीन के अधिग्रहण संबंधी निर्देश जारी करें 

 

जमीन अधिग्रहण में तेजी 
मिनिस्‍ट्री ने कहा है कि ज्‍यादातर रोड प्रोजेक्‍ट जमीन अधिग्रहण में देरी के कारण समय से शुरू नहीं हो पाते। इसलिए सभी राज्‍य सरकारें जमीन अधिग्रहण से संबंधित तैयारी शुरू कर दें और ऐसा तरीका अपनाएं, जिससे रोड प्रोजेक्‍ट्स शुरू होने में देरी न हो। 

 

चलता ट्रैफिक न रूके  
मिनिस्‍ट्री की ओर से राज्‍यों को यह भी कहा गया है कि ज्‍यादातर यह देखने में आता है कि जब हाईवे प्रोजेक्‍ट्स बनने शुरू होते हैं तो उस कारण आसपास के इलाकों में जाम लगने लगता है, इसलिए राज्‍य सरकारें जिला प्रशासन को इस बारे में सख्‍त हिदायतें दें कि ट्रैफिक मैनेजमेंट इस तरह से किया जाए, जिससे इलाके में जाम न लगे। जिसका इन्‍वायरमेंटल और सोशल इम्‍पैक्‍ट असर दिखेगा। 

 

आगे पढ़ें : क्‍या है भारतमाला प्रोजेक्‍ट 

क्‍या है भारतमाला प्रोजेक्‍ट 

 

अक्‍टूबर 2017 में  कैबिनेट ने लगभग 6.9 लाख करोड़ रुपए के मेगा हाईवे प्लान को मंजूरी दी। इस प्लान के तहत अगले 5 साल के दौरान लगभग 83 हजार किमी लंबी सड़कें बनाई जाएंगी। इसमें से 5.35 लाख करोड़ रुपए भारत माला प्रोजेक्‍ट पर खर्च किए जाएंगे। भारत माला प्रोजेक्‍ट के तहत 34800 किलोमीटर रोड बनाई जाएगी, जिस पर 5.35 लाख करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके अलावा 9000 किमी लंबा इकोनॉमिक कोरिडोर बनेगा। 6000 किमी लंबे इंटर कोरिडोर औरफीडर रूट बनेंगे। 5000 किमी लंबे एफिशिएंसी इम्‍प्रूवमेंट नेशनल कोरिडोर्स बनेंगे। 2000 किमी लंबे बॉर्डर रोड एवं इंटरनेशनल कनेक्टिविटी रोड बनेंगे। 2000 किमी लंबे कोस्‍टल रोड और पोर्ट कनेक्टिविटी रोड बनेंगे। 800 किमी ग्रीन फील्‍ड एक्‍सप्रेस वे बनेंगे। लगभग 10 हजार किमी एनएचडीपी वर्क्‍स पूरा किया जाएगा।   

 

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