विज्ञापन
Home » Economy » Infrastructure'Air Train' plan to connect IGI terminals set to take off

न्यूयार्क, लंदन और hongkong के बाद IGI एयरपोर्ट भी जुड़ेगा 'Air Train' से, इन चार स्टेशनों के लिए काम शुरू, लागत 2,500 करोड़

इन स्टेशनों को Metro से लिंक किया जाएगा

1 of

नई दिल्ली। इंदिरा गांधी इंटरनैशनल (IGI) एयरपोर्ट दुनियां के 12 वें सबसे बड़ा बिजनेस हब है। जल्द ही IGI एयरपोर्ट अपने यात्रियों के लिए'एयर ट्रेन' लाने वाली है। जिस पर काम शुरू हो गया है। TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, टर्मिनल को जोड़ने वाली एयर ट्रेन के लिए मार्गों को अंतिम रूप दिया गया है। बता दें कि दो साल पहले ही दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड "डीआईएएल" की तरफ से ऑटोमैटेड पीपल मूवर (एपीएम) सुविधा मुहैया कराने का प्रस्ताव रखा गया था। यह एयर ट्रेन टर्मिनल 1, टर्मिनल टी2 और नए बनने वाले टर्मिनल टी3 और टी4 को आपस में जोड़ेगा। इस प्रोजेक्ट के वर्ष 2020 में शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। इस प्रोजेक्ट के लिए कुल अनुमानित लागत 2,000-2,500 करोड़ रुपए है। 

 

ये होंगे चार स्टेशन

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इन रूटों के लिए कई स्थानों को चिन्हित किया गया है। इनमें चार स्टेशन होगी जिनमें एक कार्गो टर्मिनल पर होगा, जिसका आसपास की मेट्रो लाइनों के साथ कनेक्टिविटी रहेगी। परियोजना के पूरा होने की अंतिम तारीख का खुलासा किए बिना, डीआईएएल ने कहा है कि यह आईजीआईए की चल रही चरण-वार विस्तार परियोजनाओं के साथ मिलान करने के प्रयास में, तीन से चार वर्षों के भीतर समाप्त होने की संभावना है।  एयरपोर्ट अथॉरिटी के एक अधिकारी का कहना है कि  इस एयर मेट्रो के चार स्टेशन होंगे। टर्मिनल टी1 एयरोसिटी( द हॉस्पिटलिटी डिस्ट्रिक्ट), कार्गो टर्मिनल के साथ ही टर्मिनल टी3, टी2 /4। इस ट्रेन में शुरुआती तौर पर दो कोच रखे जाने की संभावना है। हर दो से तीन मिनट के अंतराल पर यह मेट्रो सेवा उपलब्ध होगी। जरूरत के अनुसार ट्रेन की संख्या और फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जा सकती है। इन स्टेशनों को दिल्ली Metro से लिंक किया जाएगा।


 

दुनिया के इन देशों में है यह सुविधा

 

दुनिया के लीडिंग एयरपोर्ट्स जैसे न्यूयार्क के जेएफके, लंदन के हीअथ्रो, हॉन्ग कॉन्ग के जुरिच एयरपोर्ट्स की तरह दिल्ली का आईजीआई भी अपने यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए एक अलग मेट्रो देना चाहता है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर आईजीआई देश का पहला मेट्रो स्टेशन होगा, जो अपने यात्रियों को एयर मेट्रो की सुविधाएं देगा। माना जा रहा है कि इस सुविधा के शुरू होने से आईजीआई के पास यात्रियों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा।

 

गौरतलब है कि फिलहाल यात्री टर्मिनल्स के बीच की दूरी बस से तय करते हैं। टनल रोड बनकर तैयार हो जाने के बाद यात्रियों के लिए इस रूट का प्रयोग किया जाएगा। जिससे यात्री एनएच-8 पर होटेल रैडिसन के सामने से होकर जाएंगे। इस रास्ते का प्रयोग करने पर तकरीबन 45 मिनट की बचत होगी। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली इंटरनैशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड जल्द ही दिल्ली मेट्रो कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) से टेक्निकल स्टडी के बारे में बात कर सकता है। ताकि रूट की टेक्निकल स्टडी के बाद आगे की प्रोसेस पर विचार किया जा सके। एयरपोर्ट ऑपरेटर इस बारे में न्यूयॉर्क बेस्ड फर्म से पहले ही कंसल्ट कर चुके हैं। 

 

 

2022 तक होगा काम पूरा

 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, T1 और T3 का विस्तार, चौथे रनवे और एलिवेटेड टैक्सी ट्रैक के साथ, 2022 के मध्य तक पूरा हो जाएगा और यह कि T2 को 2024 में ध्वस्त करने की उम्मीद है, जिसके स्थान पर टर्मिनल T4 को दो चरणों में बनाया जाएगा।  5.1 किमी लंबी हवाई ट्रेन टी 1 और एरोसिटी के बीच भूमिगत होगी और इसके लिए मार्ग संरक्षण को अंतिम रूप दिया गया है। वहां से टी 3 तक ट्रेन को ज्यादातर ऊंचा किया जाएगा। इसके चार स्टेशन होंगे - T1, Aerocity, कार्गो टर्मिनल और T1 और T2 / 4 के लिए एक सामान्य टर्मिनल।

prev
next
मनी भास्कर पर पढ़िए बिज़नेस से जुड़ी ताज़ा खबरें Business News in Hindi और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट
विज्ञापन
विज्ञापन