Utility

24,712 Views
X
Trending News Alerts

ट्रेंडिंग न्यूज़ अलर्ट

Stock Market: आज इन फैक्टर्स पर रहेगी मार्केट की नजर पेट्रोल-डीजल में 15 पैसे तक हो सकती है बढ़ोत्तरी, क्रूड में नरमी का जल्द मिलेगा फायदा इस साल 20% IPO ही रहे हिट, अगले 36 कंपनियों के ऑफर पर निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह Stock Market Tips: ये हैं आज के मुनाफे वाले शेयर, सौदे बनाकर उठाएं फायदा कंपनियों को सोशल मीडिया के डाटा के मिसयूज की इजाजत नहीं : सरकार भारत ने चीन में शुरू किया दूसरा IT कॉरिडोर, इंडियन सॉफ्टवेयर कंपनियों की बढ़ेगी पहुंच कॉरपोरेट्स से 50 हजार करोड़ टैक्स नहीं वसूल पाया IT, राइट ऑफ करने की प्रक्रिया शुरू अगले कुछ महीने में आएंगे 36 कंपनियों के IPO, 35 हजार Cr जुटाने का लक्ष्‍य इंडिगो, एअर इंडिया एक्‍सप्रेस दुनिया की 5 सबसे सस्‍ती एयरलाइंस में शामिल PNB घोटाला: नीरव मोदी के 7000 करोड़ की संपत्ति जब्‍त करने की तैयारी, ED स्‍पेशल कोर्ट में करेगा अपील नीतीश कुमार का बैंकिंग सिस्टम पर हमला, कहा- नोटबंदी की विफलता के लिए बैंक जिम्मेदार Stock Market: टॉप 5 कंपनियों में निवेशकों ने कमाए 53133 करोड़, SBI में सबसे ज्यादा फायदा अर्थव्‍यवस्‍था में हो रहा है सुधार, इन्‍वेस्‍टमेंट में आएगी तेजी: सीआईआई मोदी ने स्‍मार्ट ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया, कहा- 4 साल में 3 लाख करोड़ से 28 हजार किमी से अधिक नए हाईवे बने Mann Ki Baat में PM मोदी: प्‍लास्टिक पॉल्‍युशन कम करें, बचपन के खेलों को जिंदा रखने की जरूरत
बिज़नेस न्यूज़ » Economy » Infrastructure3479 मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग, 4 साल में 106 एक्सीडेंट, बचने के लिए चाहिए 40 हजार करोड़

3479 मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग, 4 साल में 106 एक्सीडेंट, बचने के लिए चाहिए 40 हजार करोड़

नई दिल्‍ली। कुशीनगर में मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर हुई भयंकर दुर्घटना के बाद रेलवे एक बार फिर निशाने पर है। रेलवे के दावों के बावजूद अब तक 3479 मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग हैं, जिन्‍हें बंद किए जाने की जरूरत है। जहां एक्‍सीडेंट हो रहे हैं। रेलवे का दावा है कि अगले दो से तीन साल में इन क्रॉसिंग को बंद करके या तो यहां ओवर ब्रिज या अंडर ब्रिज बनाए जाएंगे या यहां कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। अगर रेलवे इन मानव रहित क्रॉसिंग पर ओवर ब्रिज या अंडर ब्रिज बनाता है तो उसे 30 से 40 हजार करोड़ रुपए चाहिए। सवाल यह उठता है कि रेलवे कितनी तेजी से इस पर काम करता है। 

 

चार साल में 106 एक्‍सीडेंट 
रेलवे का दावा है कि साल 2013-14 में इन मानव रहित लेवल क्रॉसिंग पर 47 एक्‍सीडेंट हुए थे, जो 2017-18 में घटकर 10 पहुंच गए। लेकिन हकीकत यह है कि पिछले चार साल में इन मानव रहित लेवल क्रॉसिंग पर 106 एक्‍सीडेंट हो चुके हैं। 
साल       : एक्‍सीडेंट 
2014-15 : 48 
2015-16 : 28 
2016-17 : 20 
2017-18 : 10 

 

कितना किया खर्च 
कुशीनगर एक्‍सीडेंट के बाद रेलवे ने तुरत-फुरत में बयान जारी कर दावा किया कि तीन साल में 5156 मानव रहित लेवल क्रॉसिंग को खत्‍म किया गया, इनमें से 1986 पर कर्मचारियों की नियुक्त्‍िा की गई तो 3170 को सब-वे, मर्जर के अलावा क्‍लोजर किया गया। सेंट्रल और वेस्‍ट सेंट्रल जोन में अब कोई भी मानव रहित लेवल क्रॉसिंग नहीं है। 
रेलवे के मुताबिक 2015 से 18 के दौरान रेलवे ओवर ब्रिज, रेलवे अंडर ब्रिज और लेवल क्रॉसिंग पर 11082 करोड़ रुपए खर्च किए गए। 

 

अब क्‍या है टारगेट 
रेलवे का कहना है कि रेलवे के 11 जोन में सितंबर 2018 तक सभी मानव रहित लेवल क्रॉसिंग को हटाने का टारगेट रखा गया है। जबकि शेष पांच जोन का टारगेट जल्‍दी ही तय किया जाएगा।  रेलवे ने इन क्रॉसिंग पर कर्मचारी को नियुक्‍त करने के साथ-साथ रेलवे अंडर ब्रिज, रेलवे ओवर ब्रिज, सब-वे  और डायवर्सन की रणनीति बनाई है। 

 

कितना आ सकता है खर्च 
रेलवे ने मानव रहित लेवल क्रॉसिंग हटाने का टारगेट तो रख दिया है, लेकिन अभी तक यह नहीं बताया है कि इस पर कुल खर्च कितना होगा। इस बारे में moneybhaskar.com ने रेलवे में जीएम पद से रिटायर हुए एके पूठिया से बात की तो उन्होंने बताया कि इन 3479 मानव रहित लेवल क्रॉसिंग को हटाने के लिए 30 से 40 हजार करोड़ रुपए की जरूरत पड़ेगी। उनके मुताबिक - रेलवे ओवर ब्रिज या अंडर ब्रिज बनाने लोकेशन वाइज अलग-अलग खर्च आता है। जैसे कि - सामान्‍य तौर पर 2 लाइन वाले क्रॉसिंग पर रेल अंडर ब्रिज बनाने में 2 से 3 करोड़ रुपए का खर्च आता है। जबकि रेल ओवर ब्रिज बनाने में 8 से 9 करोड़ रुपए का खर्च आता है, लेकिन इससे अधिक रेल लाइनों वाली क्रॉसिंग पर 15 करोड़ रुपए तक का खर्च आता है। ऐसे में औसत 10 करोड़ रुपए माना जाए जो रेलवे को इन मानव रहित क्रॉसिंग पर 30 से 40 हजार करोड़ रुपए खर्च करना होगा। 

 

रेलवे पर उठे सवाल 
कुशी नगर हादसे के बाद रेलवे पर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व वित्‍त मंत्री पी. चिंदबरम ने तो यहां तक कह दिया कि सरकार 1 लाख 8 हजार करोड़ रुपए खर्च करके बुलेट ट्रेन लाने की तैयारी कर रही है, जबकि एक मानव रहित क्रॉसिंग पर 13 बच्‍चे मर जाते हैं। इससे मोदी सरकार की प्राथमिकताओं का पता चलता है। 

 

रेलवे गंभीर 
रेलवे का कहना है कि मानव रहित लेवल क्रॉसिंग को लेकर रेलवे पहले से गंभीर है। यही वजह है कि रेलवे ने तय किया है कि 
- जून 2018 से इन लेवल क्रॉसिंग पर गेट मित्र की उपस्थिति की जांच के लिए जीपीएस ट्रेकर लगाए जाएंगे। 
- पब्लिक अवेयरनेस कंपेन चलाए जाएंगे। 
- समय-समय पर लेवल क्रॉसिंग का इंस्‍पेक्‍शन किया जाएगा। 
- एसएमएस के जरिए रोड यूजर्स को जागरूक किया जाएगा। 
- लेवल क्रॉसिंग पर सेफ्टी को लेकर नुक्‍कड़ नाटक आयोजित किए जाएंगे। 
- हर साल जून में लेवल क्रॉसिंग अवेयरनेस वीक आयोजित किए जाएंगे। 

और देखने के लिए नीचे की स्लाइड क्लिक करें

Trending

NEXT STORY

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.