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DFC का पहला हिस्सा 15 अगस्त को खुलेगा, तीन गुना तेज चलेंगी मालगाड़ी

भारतीय रेलवे के डेडीकेटिड फ्रेट कॉरीडोर (DFC) का पहला हिस्सा इस साल 15 अगस्त को यातायात के लिए खुल जाएगा।

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नई दिल्ली. भारतीय रेलवे के डेडीकेटिड फ्रेट कॉरीडोर (DFC) का पहला हिस्सा इस साल 15 अगस्त को यातायात के लिए खुल जाएगा। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने दादरी से मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट के बीच 1,504 किलोमीटर के पश्चिमी डीएफसी के अटेली से       फुलेरा के बीच के 190 किलोमीटर के हिस्से को 15 अगस्त से यातायात के लिए खोलने की घोषणा की। श्री लोहानी ने पश्चिमी डीएफसी के इस भाग में आधारभूत संरचना का निरीक्षण करने और अधिकारियों के साथ तकनीकी पहलुओं पर चर्चा करने के बाद यह घोषणा की। अभी देश में मालगाड़ियों  की औसत स्‍पीड 26 किलोमीटर प्रति घंटा है जो इस DFC में बढ़कर 70 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी। 

 

 

तीन गुना हो जाएगी मालगाडि़याें की रफ्तार 

अटेली हरियाणा के महेन्द्रगढ़ जिले में पड़ता है, जबकि फुलेरा राजस्थान के जयपुर जिले में पड़ता है। इस सेक्‍शन पर दस पुल और 127 पुलिया हैं। एक रेल फ्लाई ओवर है और 118 रोड अंडर ब्रिज हैं। इस खंड में डीएफसी के छह स्टेशन और दो जंक्शन (अटेली और फुलेरा) होंगे। डीएफसी निगम लिमिटेड के अनुसार इस खंड पर मालगाड़ियों को सौ किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से चलाया जाएगा, जबकि वर्तमान रेलट्रैक पर मालगाड़ियों की अधिकतम रफ्तार 75 किलोमीटर प्रतिघंटा और औसत रफ्तार 26 किलाेमीटर प्रतिघंटा है। डीएफसी पर मालगाड़ियों की औसत गति 70 किलोमीटर प्रतिघंटा रहेगी। 

 

 

डबलस्टेक कंटेनर की तैयारी

करीब 12 साल पहले शुरू हुई इस परियोजना में पश्चिमी डीएफसी के साथ ही पंजाब के लुधियाना से पश्चिम बंगाल में कोलकाता के समीप दानकुनी तक 1856 किलोमीटर का पूर्वी डीएफसी का निर्माण भी ज़ोरों पर है। पश्चिमी डीएफसी की डिजाइन इस प्रकार से बनाया गया है कि उस पर डबलस्टेक कंटेनर (एक कंटेनर के ऊपर दूसरा कंटेनर) को ले जाया जा सकेगा। इसके लिए ओवरहेड वायर ज्‍यादा ऊंचाई पर लगाए गए हैं।  

 


 

कई राज्‍यों से गुजरेगा DFC 

पूर्वी डीएफसी से पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को लाभ होगा, जबकि पश्चिमी डीएफसी से हरियाणा, उत्तरप्रदेश, राजस्थान, गुजरात एवं महाराष्ट्र को फायदा होगा। पश्चिमी डीएफसी का निर्माण जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जाइका) के फाइनेंस से तथा पूर्वी डीएफसी के लुधियाना से मुगलसराय खंड का निर्माण विश्व बैंक की मदद से किया जा रहा है। 

 

 

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