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जगा लें दि‍माग की इन 4 सुपर पावर को, कदम चूमेगी तरक्‍की

तरक्‍की के लि‍ए आपको केवल एक चीज का साथ चाहि‍ए और वो है आपका दि‍माग।

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नई दि‍ल्‍ली। तरक्‍की के लि‍ए आपको केवल एक चीज का साथ चाहि‍ए और वो है आपका दि‍माग। इसका दिमाग मोटा है, उसकी बुद्धी तेज है - ये सब बातें पुरानी हो गई हैं। वि‍ज्ञान ने दि‍माग के कई परतें उधेड़ ली हैं और आज के जमाने के लीडर्स वि‍ज्ञान के बताए रास्‍तों पर चल रहे हैं। इंक डॉट कॉम की एक रि‍पोर्ट के मुताबि‍क, आपकी तरक्‍की का रास्‍ता आपके दि‍माग से ही खुलता है और कई मायनों में वही आपकी तरक्‍की का रास्‍ता बंद भी कर देता है। दि‍माग को बहुत सारी यादें और  घटनाएं प्रभावि‍त करती हैं। उसे साधना जरूरी है। वैसे तो एक पुरानी कहावत भी है कि‍ मन के हारे हार है और मन के जीते जीत। वैज्ञानि‍कों ने दि‍माग का वैज्ञानि‍क वि‍शलेषण करने के बाद यह पाया है कि‍ अगर इन 4 पावर को आप जगा लें तो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।  आगे पढ़ें 

1 न्‍यूरोप्‍लास्‍टिसि‍टी 
आपने जो भी अपने जीवन में एक्‍सपीरियंस कि‍या है वो आपके दि‍माग में जाकर बैठ गया है और वह आपकी आदतों और व्‍यवहार को प्रभावि‍त कर रहा है। मगर ये जरूरी नहीं है कि वो आदतें सही हों। फोकस करने और नई चीजों की प्रैक्टिस करने से आप अपने दि‍माग के कैमिकल, हार्मोनल और फि‍जि‍कल रि‍सोर्सेज को वो आदत पैदा करने में लगा सकते हैं जि‍सकी आपको जरूरत है। 
ये कहावत तो आपने सुनी ही होगी कि दूध का जला, छाछ भी फूंक फूंक कर पीता है। लेकि‍न अगर सच में आप छाछ फूंक फूंक कर पि‍एंगे तो आप नासमझ ही कलाएंगे। जरूरत इस बात की है कि आपको यह पता होना चाहि‍ए कि गर्म दूध को फूंक कर पीना है और छाछ को सीधे पी जाना है। 

 

3 तेज बनना है तो तेज सोचना होगा
दि‍माग में इतनी चपलता होती है कि वह कई तरह की सोच में इधर से उधर हो सकता है। वह पूरे लॉजि‍क के साथ भी सोचता है और हवाई कि‍ले भी खड़े कर लेता है। इसका मतलब ये है कि आपका दि‍माग बहुत कुछ सोच और समझ सकता है। हलांकि ऐसे लोग जो एक साथ कई तरह के काम कर लेते हैं वह आमतौर पर हर काम बहुत अच्‍छा नहीं करते, लेकि‍न सफल होने के लि‍ए आपको बहुत अच्‍छा करना जरूरी है। इसलि‍ए एक ही समस्‍या पर अलग अलग कोण से सोचें, बार-बार सोचें आपको रास्‍ता मि‍ल जाएगा। 

 

3 ग्रोथ माइंडसेट को अपनाएं 
फि‍क्‍स माइंड सेट वाले लोग मानते हैं कि बुद्धि‍मानी और योग्‍यता ठहरी हुई चीजें हैं जो तेज है वो तेज है। ऐसे लोग जो ये मानते हैं कि दि‍माग की क्षमता बढ़ती है वो खुद को डेवलप करने के लि‍ए मेहनत करते हैं - इसे ग्रोथ माइंड सेट कहते हैं। अपने दि‍माग को ग्रोथ माइंड सेट के मोड में रखें। 

 

4 जगाएं सिंप्‍लि‍सि‍टी 
ये हाइपर एक्‍टि‍व दुनि‍या कई बार ऐसी मांग रख देती है जि‍न्‍हें पूरा करना संभव नहीं होता। ये एक बोझ की तरह आपक दि‍माग पर हावी हो जाती है। इससे तनाव बढ़ता है। फैसले प्रभावि‍त होते हैं। ऐसे में आपको अपनी बॉडी, सांस और सोच पर फोकस करना चाहि‍ए। इससे आपके स्‍ट्रेस हार्मोंस कम हो जाएंगे। 
आपको कपि‍ल देव का एक वि‍ज्ञापन याद होगा, जि‍समें वह कहते हैं सिंप्‍लीसि‍टी में अद्दभुत शक्‍ति होती है। इसी सि‍पंलि‍सि‍टी को जगाएं। साधारण होना ही इस दुनि‍या में अब सबसे कठि‍न काम हो गया है।

 

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