Home » Economy » InfrastructureThe tunnel will lead Indian army to leh in just 15 minutes

मोदी की गजब प्‍लानिंग, 15 मि‍नट में चीन के दरवाजे पर पहुंच जाएगी सेना

चीन भारत की इस कमजोरी को बखूबी पहचानता है कि‍ दि‍संबर से लेकर अप्रैल तक जोजि‍ला बंद रहता है

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नई दिल्‍ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्‍यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स ने बुधवार को 12178 करोड़ के जि‍न प्रोजेक्‍ट को मंजूरी दी है उनमें से एक है जोजि‍ला टनल । इस टनल की बदौलत भारतीय सेना महज 15 मि‍नट में लेह पहुंच जाएगी। चीन भारत की इस कमजोरी को बखूबी पहचानता है कि‍ दि‍संबर से लेकर अप्रैल तक जोजि‍ला बंद रहता है और जि‍सकी वजह से सेना सड़क मार्ग से लद्दाक तक नहीं पहुंच सकती। मगर ये कमजोरी भी अब दूर हो जाएगी। जम्‍मू-कश्‍मीर में 2 लेन वाले बाई डायरेक्‍शनल जोजिला टनल और इसके पैरलल एस्‍केप (एग्रेस) टनल के कंस्‍ट्रक्‍शन, ऑपरेशन और मेंटीनेंस को मंजूरी दे दी। ये सभी काम इंजीनियरिंग, प्रोक्‍योरमेंट और कंस्‍ट्रक्‍शन (EPC) मोड के आधार पर होंगे। हालांकि इस मंजूरी में NH-1A को जोड़ने वाले श्रीनगर-लेह सेक्‍शन का काम शामिल नहीं है। आगे पढ़ें कैसे मिलेगी चीन को सीधी चुनौती 

अभी 6 माह ही रहती है कनेक्‍टि‍वि‍टी 
जोजिला टनल का निर्माण श्रीनगर, कारगिल और लेह को हर मौसम में जोड़े रखेगा। अभी लेह के साथ कनेक्टिविटी अधिकतम 6 माह तक रहती है। अभी इस रूट से जाने में 3 घंटे का समय लगता है, वो भी तक जब मौसम साफ हो। मगर सुरंग बन जाने के बाद महज 15 मि‍नट लगेंगे।  परि‍वहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि मेरी जानकारी के मुताबि‍क, यह एशि‍या की सबसे लंबी ऑल वैदर टन होगी। इसके अलावा यह दुनि‍या की सबसे ऊंची सुरंगों में से एक होगी।

 

लागत है 6,808 करोड़ 
इस प्रोजेक्‍ट की सिविल कंस्‍ट्रक्‍शन कॉस्‍ट 4,899.42 करोड़ रुपए है। प्रोजेक्‍ट की कैपिटल कॉस्‍ट 6,808.69 करोड़ रुपए है। इसमें जमीन अधिग्रहण, पुनर्वास व अन्‍य प्री-कंस्‍ट्रक्‍शन गतिविधियां और 4 सालों तक टनल की मेंटीनेंस व ऑपरेशन कॉस्‍ट शामिल है। 

 

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