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Home » Economy » InfrastructurePrime Minister Narendra Modi lays foundation stone of Kashi Vishwanath corridor

मोदी की काशी में 600 करोड़ से बन रहा है काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, भोले के भक्तों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

पांच ईंट रखकर पीएम मोदी ने किया कॉरिडोर का शिलान्यास

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को प्राचीन श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की तथा यहां से गंगा तट पर जाने वाली महात्वाकांक्षी काशी विश्वनाथ कॉरिडोर निर्माण परियोजना का शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने अपने करीब तीन घंटे के एक दिवसीय दौरे की शुरुआत बाबा भोलेनाथ की पूजा-अर्चना के साथ की। विधिविधान से पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने मंदिर परिसर के पास भूमिपूजन किया तथा फावड़े के सहारे पांच खास ईंटों की नींव रखकर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडेार निर्माण का शिलान्यास किया। उन्होंने ‘विश्वनाथ धाम’ एवं शिलान्यास की तिथि ‘8.3.2019’ अंकित पांच ईंटों की नींव रखकर सांकेतिक रूप से निर्माण कार्य की शुरुआत की। प्रधानमंत्री के तौर मोदी का यह 19वां दौरा है।

 

यूपी सरकार ने आवंटित किए हैं 600 करोड़ रुपए
प्रधानमंत्री मोदी की महत्वकांक्षी योजनाओं में शामिल श्री काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 600 करोड़ रुपए मंजूर किये थे। इस धनराशि में से 290 करोड़ रुपए मंदिर प्रशासन को जारी किए जा चुके हैं। प्रशासन ने कॉरिडोर के लिए चिन्हित 296 मकानों में से 235 खरीद लिए हैं, जबकि बाकी की प्रक्रिया चल रही है। मंदिर प्रशासन द्वारा खरीदे गए ज्यादातर मकान ध्वस्त कर दिए गए हैं। पुराने मकानों के ढहाने के बाद अनेक प्रचीन मंदिर आसानी से दिखाई देने लगे हैं। कॉरिडोर निर्माण के बाद श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से दशाश्वमेध घाट पर प्रति वर्ष आने वाले करोड़ों देशी-विदेशी श्रद्धालुओं का आवागम एवं दर्शन-पूजन करने पहले की अपेक्षा सुगम हो जाएगा। इस कॉरिडोर के बनने के बाद भोले के भक्तों को यहां विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। 

भक्तों को मिलेंगी यह सुविधाएं


प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण काशी विश्वनाथ मंदिर, मणिकर्णिका घाट और ललिता घाट के बीच 25,000 स्क्वेयर वर्ग मीटर में चल रहा है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के तहत फूड स्ट्रीट, रिवर फ्रंट समेत बनारस की तंग सड़कों के चौड़ीकरण का कार्य किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने का बाद भक्त गंगा किनारे होकर 50 फीट की सड़क से बाबा विश्वनाथ मंदिर जा सकेंगे। भक्तों के लिए स्ट्रीट लाइट्स, पीने का पानी और साफ सुथरी सड़कें तैयार की जा रही हैं। 

पुराने पुस्तकालयों का भी हो रहा नवीनीकरण


भोले बाबा के दर्शनों को आने वाले भक्तों का काशी को भारतीय इतिहास से रूबरू कराने के लिए इस प्रोजेक्ट के तहत दो नए पुस्तकालयों का भी नवीनीकरण किया जा रहा है। इन पुस्तकालयों को डिजिटल लाइब्रेरी में बदला जा रहा है। इस कार्य पर 24 करोड़ रुपए का खर्च अनुमानित है। 

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