4300 करोड़ से उत्तर प्रदेश में बनेगा दुनिया का सबसे बड़ा अस्थायी शहर, 250 किमी लंबी सड़क के साथ बनेंगे 22 पुल

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 15 जनवरी से लगने वाले कुंभ मेले के लिए राज्य सरकार तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। मेले में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को सभी प्रकार की सुविधाएं देने और मेले को भव्य बनाने के लिए कुंभ नगरी में दुनिया का सबसे बड़ा अस्थायी शहर बनाया जा रहा है। इसके निर्माण में 4300 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इस शहर में लंबी सड़कें, पुल, गाड़ियों के लिए पार्किंग स्पेस, सैंकड़ों रसोईघर समेत हर तरह का जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर होगा।

Money Bhaskar

Jan 07,2019 08:00:00 PM IST

नई दिल्ली.

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 15 जनवरी से लगने वाले कुंभ मेले के लिए राज्य सरकार तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। मेले में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को सभी प्रकार की सुविधाएं देने और मेले को भव्य बनाने के लिए कुंभ नगरी में दुनिया का सबसे बड़ा अस्थायी शहर बनाया जा रहा है। इसके निर्माण में 4300 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। इस शहर में लंबी सड़कें, पुल, गाड़ियों के लिए पार्किंग स्पेस, सैंकड़ों रसोईघर समेत हर तरह का जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर होगा। मेले में पांच हजार NRI शरीक होंगे। कुल मिलाकर यहां डेढ़ करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है।

सोमवार को फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की तरफ से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि 2013 के कुंभ का बजट सिर्फ 1214 रुपए था, इस बार के कुंभ मेले के लिए 2800 रुपए आवंटित किए गए थे। इसके अलावा प्रयागराज के स्थायी विकास की परियोजनाओं को मिलाकर इस कुंभ मेले का कुल बजट 4300 करोड़ रुपए रहा है। मेले के लिए 671 जनकल्याणकारी परियोजनाओं को डेढ वर्ष में पूरा किया गया है।

बसाई जा रही है प्रीमियम टेंट सिटी

कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप आधुनिक और सुलभ व्यवस्थाएं की जाएंगी। इनमें आवास, भोजन, टूर, तीर्थस्थान समेत कई सुविधाएं शामिल हैं। पर्यटकों को उच्च स्तरीय सुविधा देने के लिए प्रीमियम टेंट सिटी भी कुंभ मेले में बसाई जा रही है। पहली बार श्रद्धालु और पर्यटकों के लिए जल, थल और नभ से आने की व्यवस्था की गई है। मेला परिसर में सार्वजनिक विश्राम के लिए 20,000 बिस्तर लगाएं जाएंगे, जबकि इनके पास ही 4,200 प्रीमियम टेंट भी स्थापित किए जाएंगे। मेला 10,000 एकड़ क्षेत्र में फैला है। लोगों के भोजन के प्रबंध के लिए 600 रसोईघर होंगे।

X
COMMENT

Money Bhaskar में आपका स्वागत है |

दिनभर की बड़ी खबरें जानने के लिए Allow करे..

Disclaimer:- Money Bhaskar has taken full care in researching and producing content for the portal. However, views expressed here are that of individual analysts. Money Bhaskar does not take responsibility for any gain or loss made on recommendations of analysts. Please consult your financial advisers before investing.