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मोदी सरकार की योजनाः प्राइवेट ऑपरेटर्स की मदद से शहरों में चलेंगी इलेक्ट्रिक बसें

12 अक्टूबर को नीति आयोग करेगा फैसला

soon electric city buses will run in india

नई दिल्ली। प्रदूषण में कटौती एवं पेट्रोल-डीजल के आयात को हतोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी की सरकार ने शहरों में इलेक्ट्रिक बसें चलाने का फैसला किया है। इस काम में प्राइवेट बस ऑपरेटर्स की मदद ली जाएगी। नीति आयोग ने प्राइवेट ऑपरेटर्स के साथ इलेक्ट्रिक बस चलाने का पूरा प्रारूप तैयार कर लिया है। आयोग ने स्टेकहोल्डर्स से 4 अक्टूबर तक परामर्श मांगा है। 12 अक्टूबर को आयोग स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर इस पर अंतिम फैसला करेगा। हालांकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है, इसलिए शहरों में इलेक्ट्रिक बसों को चलाने के लिए राज्य सरकार को अपनी पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को अपग्रेड करना होगा।

 

प्रति किलोमीटर पर आधारित होगी स्कीम

नीति आयोग के मसौदे के मुताबिक इलेक्ट्रिक सिटी बस के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर चलाई जाने वाली यह स्कीम प्रति किलोमीटर बेसिस पर काम करेगी। मतलब यह हुआ कि प्राइवटे ऑपरेटर्स की बसें जितनी अधिक चलेंगी, उन्हें उतना ही अधिक फायदा होगा। हाल ही में सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने प्राइवेट ऑपरेटर्स से देश के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को चलाने का अह्वान किया था। नीति आयोग के मसौदे के मुताबिक सरकार प्राइवेट ऑपरेटर्स को सब्सिडी इसलिए देगी क्योंकि वे इलेक्ट्रिक बसों में निवेश करेंगे और बसों के ऑपरेशन एवं रखरखाव पर भी खर्च करेंगे। प्रबंधन का काम प्राधिकरण के हाथ में होगा। केंद्र सरकार के इस फैसले को मॉडल के रूप में राज्य सरकार अपना सकती है क्योंकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट राज्य का विषय होता है।

 

कई शहरों में पहले से चल रही है इलेक्ट्रिक बसें

देश के कई शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में इलेक्ट्रिक बसें पहले से चल रही हैं। इनमें मुंबई, हैदराबाद, बंगलुरू, कोलकाता, मनाली जैसे शहर शामिल हैं। केंद्र सरकार इन बसों की खरीदारी के लिए अभी फॉस्टर एडोप्शन ऑफ मैन्यूफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (फेम) स्कीम के तहत सब्सिडी देती है। फेम स्कीम  के तहत अगले मार्च तक के लिए 900 करोड़ रुपये का सब्सिडी फंड रखा गाय है। दिल्ली में भी जल्द ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट के बेड़े में इलेक्ट्रिक बसें शामिल होने जा रही हैं। वर्तमान में देश में 1.5 लाख इलेक्ट्रिक व्हीकल्स भारत की सड़कों पर दौड़ रही हैं। वर्ष 2023 तक इन वाहनों में प्रति वर्ष 5 फीसदी तक की बढ़ोतरी का अनुमान है।


 
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